Нест ба дасти умеди бахти марои он каманд

نیست به دست امید بخت مرا آن کمند

КоФтдш аз ҳеҷ рӯи сайди Муродӣ ба банд

کافتدش از هیچ رو صید مرادی به بند

Даъвӣ айёрем рафт ба кӯяши фурӯд

دعوی عیاریم رفت به کویش فرود

зи онкии серум паст шуд кангари қасраши баланд

ز آنکه سرم پست شد کنگر قصرش بلند

Бесару по май дуюм то ба куҷо сар наҳем

بی سر و پا می دویم تا به کجا سر نهیم

Борагӣ шоҳ шуд гардани мо дар каманд

بارگی شاه شد گردن ما در کمند

Танги мёи зоаҳи ман , чашм бидон аз ту давр

تنگ میا زآه من، چشم بدان از تو دور

Нест рухи хубро чораи зи дӯди сапанд

نیست رخ خوب را چاره ز دود سپند

Дар раҳи ҷавлонат чун дидаи мо хок шуд

در ره جولانت چون دیده ما خاک شد

Дидаи басӣ дар раҳаст даври тарки рони саманд

دیده بسی در رهست دور ترک ران سمند

Ҳастам азон гуфт талх дар сакароти фано

هستم ازان گفت تلخ در سکرات فنا

Аз дамати охири дамии чошнӣии даҳ зи қанд

از دمت آخر دمی چاشنیی ده ز قند

эй ки ба бозори ҳасани қимат хубон кунӣ

ای که به بازار حسن قیمت خوبان کنی

Пеш Зулайхо магӯӣ « Юсуфии онҷо ба чанд ? »

پیش زلیخا مگوی «یوسفی آنجا به چند؟»

Сӯхта аз панди халқи сӯхта тар ме шавад

سوخته از پند خلق سوخته تر می شود

Коташ ишқаст тези бод вазонаст панд

کاتش عشق است تیز باد وزان است پند

Хусрав агар ошиқии бими зи куштани мадор

خسرو اگر عاشقی بیم ز کشتن مدار

Пеши рухи некӯон ҷон набӯд арҷманд

پیش رخ نیکوان جان نبود ارجمند