Аз ҳоли моти ҳеҷ ҳикоят наме расад

از حال مات هیچ حکایت نمی‌رسد

Дар кори мот беш аноят наме расад

در کار مات بیش عنایت نمی‌رسد

Гӯйанд бугсалад чу бғоит расед ишқ

گویند بگسلد چو به غایت رسید عشق

Ҷонам гусасту ишқ бғоит наме расад

جانم گسست و عشق به غایت نمی‌رسد

Гмраҳи чунон шудаи сети дилам бо даҳони ту

گمره چنان شده‌ست دلم با دهان تو

Каш аз китоби сабр ҳидоят наме расед

کش از کتاب صبر هدایت نمی‌رسد

Бигузашт дӯши зулфу рахти пеши чашми ман

بگذشت دوش زلف و رخت پیش چشم من

Моҳии гузашту шаб ба ниҳоят наме расад

ماهی گذشت و شب به نهایت نمی‌رسد

Аз хӯни навиштаи қиссаи дардати расӯли ашк

از خون نوشته قصهٔ دردت رسولِ اشک

Ҳар рӯз дар кадом вилоят наме расад

هر روز در کدام ولایت نمی‌رسد

эй ақл , бигузар аз сари хусрав ки мари туро

ای عقل، بگذر از سرِ خسرو که مر تو را

Дар кори аҳли ишқ кифоят наме расад

در کار اهل عشق، کفایت نمی‌رسد