Боди сабои зи нофа чинат наме расад

باد صبا ز نافهٔ چینت نمی‌رسد

Бӯе ба ошиқон ғминт наме расад

بویی به عاشقان غمینت نمی‌رسد

Хок тӯйему чашми ту бар мо наме фитад

خاک توییم و چشم تو بر ما نمی‌فتد

Моҳӣу пуртӯй ба заминат наме расад

ماهی و پرتوی به زمینت نمی‌رسد

Шамъӣ ки осмону замин зу мунавваранд

شمعی که آسمان و زمین زو منورند

Дар равшанӣ ба акс ҷабинат наме расад

در روشنی به عکس جبینت نمی‌رسد

Гуфтам ки коми дили бустонами зи лаъли ту

گفتم که کام دل بستانم ز لعل تو

Дастам ба писта шаккаринат наме расад

دستم به پستهٔ شکرینت نمی‌رسد

эй дарҷи лаъли дӯсти магари хотами ҷамӣ

ای دُرجِ لعلِ دوست، مگر خاتمِ جمی

Зинсон ки дасти кас ба нигинат наме расад

زین‌سان که دستِ کس به نگینت نمی‌رسد؟!

Ҳаргизи турои чунон ки туе каси нишони надод

هرگز تو را چنان‌که تویی کس نشان نداد

Пои гумон ба ҳад яқинат наме расад

پای گمان به حد یقینت نمی‌رسد

Муфтӣ , мапуӣ бар дар зиндон ки амр ва наҳй

مفتی، مپوی بر درِ زندان که امر و نهی

Бар ошиқон бедил ва дайнат наме расад

بر عاشقانِ بی دل و دینت نمی‌رسد

Бо хори соз , хусрав , агар гул ба даст нест

با خار ساز، خسرو، اگر گل به دست نیست

Каз гулшани замонаи ҷуз инат наме расад

کز گلشن زمانه جز اینت نمی‌رسد