Каманди зулфи ту ушшоқро ба кӯии ту орад

کمند زلف تو عشاق را به کوی تو آرد

зи баҳри банди кашии чашми фитнаи ҷӯии ту орад

ز بهر بند کشی چشم فتنه جوی تو آرد

Ҳазор кӯҳи ғам аз дил ба як назар бирабоед

هزار کوه غم از دل به یک نظر برباید

Ҳар он насим ки буии марои зи кӯии ту орад

هر آن نسیم که بوی مرا ز کوی تو آرد

зи бод хаста шавам чун ба гирд рӯй ту гардад

ز باد خسته شوم چون به گرد روی تو گردد

Вале зи лутфи сабои шокирам ки буии ту орад

ولی ز لطف صبا شاکرم که بوی تو آرد

Куҷо гурез кунам аз ту ҳар тараф ки гурезам

کجا گریز کنم از تو هر طرف که گریزم

Хаёли зулфи туами мўкшон ба сӯии ту орад

خیال زلف توام موکشان به سوی تو آرد

Шавам ба роҳи ту хок ва дар ин ғамам ки набошад

شوم به راه تو خاک و در این غمم که نباشد

Сабои ғубор ғам олуд ман ба кӯии ту орад

صبا غبار غم آلود من به کوی تو آرد

Ба ҳар раҳе ки хиромӣ ба як назораи рӯят

به هر رهی که خرامی به یک نظاره رویت

Ба сад ҳазор дили фориғи орзӯии ту орад

به صد هزار دل فارغ آرزوی تو آرد

Марои киришмау нозӣ ки наргиси ту намояд

مرا کرشمه و نازی که نرگس تو نماید

Далели куштани мардум барои хуии ту орад

دلیل کشتن مردم برای خوی تو آرد

Гиристам зи ту хӯнҳо басӣ ва бо ту нагуфтам

گریستم ز تو خونها بسی و با تو نگفتم

Чигуна дӯсти азин моҷаро ба рӯй ту орад

چگونه دوست ازین ماجرا به روی تو آرد

Сифат чаро накунад хусрават ки сангу замин ро

صفت چرا نکند خسروت که سنگ و زمین را

Ҷамол ту бирабоед , ба гуфтугӯии ту орад

جمال تو برباید، به گفتگوی تو آرد