Ки раҳ намӯд надонам қабои танги туро

که ره نمود ندانم قبای تنگ ترا

Ки дар кашид ба бар сарви лолаи ранги туро

که در کشید به بر سرو لاله رنگ ترا

Чунин ки чашми турои хоб баста ме дорад

چنین که چشم ترا خواب بسته می دارد

Ки боз дорад азин хоби чашми шнги туро

که باز دارد ازین خواب چشم شنگ ترا

намегузорад дунболи чашми ту серума

نمی گذارد دنبال چشم تو سرمه

Қавӣ ба гӯшаи ниҳодаи сети ному нанги туро

قوی به گوشه نهاده ست نام و ننگ ترا

Хаданги ғамза азон дида мекунад равшан

خدنگ غمزه ازان دیده می کند روشن

Кунун ки дидаи сипари сохтам хаданги туро

کنون که دیده سپر ساختم خدنگ ترا

Чаҳ гӯямат ки дили танги ту кро монад

چه گویمت که دل تنگ تو کرا ماند

Агар ту хӯрда нагирӣ даҳони танги туро

اگر تو خورده نگیری دهان تنگ ترا

Киришмаҳои ту аз бас ки ҳаст нозомез

کرشمه های تو از بس که هست نازآمیز

На оштӣ ту донад касе , на ҷанги туро

نه آشتی تو داند کسی، نه جنگ ترا

Дил қавӣаст маро дар ғаму аҷаби сангӣ

دل قویست مرا در غم و عجب سنگی

Ки тоқати оради захми дил чу санги туро

که طاقت آرد زخم دل چو سنگ ترا

зи ман ба посухи ширину талхи ҷон май бар

ز من به پاسخ شیرین و تلخ جان می بر

Ки дар манаст асари шукру шрнги туро

که در من است اثر شکر و شرنگ ترا

Ба бӯсаи узр чаҳ гӯйӣ , танами магари чӯбии сет

به بوسه عذر چه گویی، تنم مگر چوبی ست

Ки роҳвор кунад чӯби пои ланги туро

که راهوار کند چوب پای لنگ ترا

Ду чашми хусрави азин пас хаёли он хати сабз

دو چشم خسرو ازین پس خیال آن خط سبز

Казин ду оина натавон задуд занги туро

کزین دو آینه نتوان زدود زنگ ترا