Биё назора кун , эй дил ки ёр ме ояд

بیا نظاره کن، ای دل که یار می‌آید

зи баҳри бурдани ҷон фигор ме ояд

ز بهر بردن جان فگار می‌آید

Фарози мураккаби нозу савор дар ақабаш

فراز مرکب ناز و سوار در عقبش

Ҳазор шефта беқарор ме ояд

هزار شیفته بی‌قرار می‌آید

Расед нозуки ман , эй назорагӣ , зинҳор

رسید نازک من، ای نظارگی، زنهار

Бабанд дида , ?герати дил ба кор ме ояд

ببند دیده، گرت دل به کار می‌آید

зи мастӣ арча ба ҳар сӯй мефитад , лекин

ز مستی ارچه به هر سوی می‌فتد، لیکن

зи баҳри бурдани дил ҳӯшёр ме ояд

ز بهر بردن دل هوشیار می‌آید

Чаҳ гирдҳо ки бароварда бошад аз дил ҳо

چه گردها که برآورده باشد از دل‌ها

Ки фарқ то ба қадам пурғубор ме ояд

که فرق تا به قدم پرغبار می‌آید

Ду дидаи коши марои хоки он замин будӣ

دو دیده کاش مرا خاک آن زمین بودی

Ки наъли тавсани он шаҳсавор ме ояд

که نعل توسن آن شهسوار می‌آید

Маро ки ёд кунад ,гар зи кӯй ӯ биравам

مرا که یاد کند، گر ز کوی او بروم

Яке агар баравад , садҳазор ме ояд

یکی اگر برود، صدهزار می‌آید

Макун ба сарви сеӣ нисбати дарахти қадаш

مکن به سرو سهی نسبت درخت قدش

зи сарв кӣ гулу ғунча ба бор ме ояд

ز سرو کی گل و غنچه به بار می‌آید

Кунун бинол ба зорӣ чу булбулон , хусрав

کنون بنال به زاری چو بلبلان، خسرو

Ки баҳри нолаи булбул баҳор ме ояд

که بهر ناله بلبل بهار می‌آید