Лаболаби ори қадаҳ каз гулӯ фурӯд ояд
لبالب آر قدح کز گلو فرود آید
Магар ки аз дилами ин орзӯ фурӯд ояд
مگر که از دلم این آرزو فرود آید
магӯӣ ту ба ки ояд фурӯд май зи серум
مگوی تو به که آید فرود می ز سرم
Мабод каз сари ман ин сабу фурӯд ояд
مباد کز سر من این سبو فرود آید
з май чаҳ тавба кигар завқ он кунад маълум
ز می چه توبه که گر ذوق آن کند معلوم
Фиришта чун магаси онҷо ба бӯ фурӯд ояд
فرشته چون مگس آنجا به بو فرود آید
Ба банди мурданами имрӯз , соқио , бигзор
به بند مردنم امروز، ساقیا، بگذار
Ки бода аз сари он моҳир ва фурӯд ояд
که باده از سر آن ماهر و فرود آید
Ба зуҳди таҳтаи вирду дуоӣ ман бошад
به زهد تخته ورد و دعای من باشد
Суфоли хам ки хат мебирав фурӯд ояд
سفال خم که خط می برو فرود آید
зи баҳри бурдани дилҳои халқ сайл балост
ز بهر بردن دلهای خلق سیل بلاست
Ҳар он арақ ки з рӯй накӯ фурӯд ояд
هر آن عرق که ز روی نکو فرود آید
Бад-ӣни сифат ки ҳаме хӯн хӯрем бар дар ту
بدین صفت که همی خون خوریم بر در تو
Туро чигуна май андари гулӯ фурӯд ояд ?
ترا چگونه می اندر گلو فرود آید؟
Хуши он замон ки ба ёди ту ҳар шабам то рӯз
خوش آن زمان که به یاد تو هر شبم تا روز
зи дидаи хӯни ҷигари сӯ ба сӯ фурӯд ояд ?
ز دیده خون جگر سو به سو فرود آید؟
Ниқоби вокн ва лабҳои ошиқони дарбанд
نقاب واکن و لبهای عاشقان دربند
Магар ки хусрави азин гуфтугӯ фурӯд ояд
مگر که خسرو ازین گفتگو فرود آید