Длбро , умрӣаст то ман дӯст медорам туро

دلبرا، عمریست تا من دوست می دارم ترا

Дар ғамат май сӯзаму гуфтан наме ёрами туро

در غمت می سوزم و گفتن نمی یارم ترا

Вой бар ман каз ғамат мемеРому ҷон май даҳум

وای بر من کز غمت می میرم و جان می دهم

Вогҳӣ нест аз дили аФгори беморами туро

واگهی نیست از دل افگار بیمارم ترا

эй ба ту равшани ду чашмгар дрории сар ба ман

ای به تو روشن دو چشم گر درآری سر به من

Аз азизии ҳамчуи нур дида медорам туро

از عزیزی همچو نور دیده می دارم ترا

Дории андари сар ки бигзорӣ маро ва ман бронк

داری اندر سر که بگذاری مرا و من برآنک

Дар ҷамеъи умри хеш аз даст нагузорам туро

در جمیع عمر خویش از دست نگذارم ترا

Хорӣу озор бар ман ,гар ба теғ ояд зи ту

خواری و آزار بر من، گر به تیغ آید ز تو

Хорами андари дида ,гар бо гули бёзорми туро

خارم اندر دیده، گر با گل بیازارم ترا

Як замон аз пой нанишинам ба ҷусту ҷӯии ту

یک زمان از پای ننشینم به جست و جوی تو

ё кунам сарро фидоят , ё ба дасти орми туро

یا کنم سر را فدایت، یا به دست آرم ترا

Нест шарт , эй дӯст , бо ёрони деринати ҷафо

نیست شرط، ای دوست، با یاران دیرینت جفا

Шарми дори охир ки ман ёри вафодорами туро

شرم دار آخر که من یار وفادارم ترا