Ҳар ки дил бо ғами ту ёр кунад

هر که دل با غم تو یار کند

Теғро бар сар ихтиёр кунад

تیغ را بر سر اختیار کند

Ҳар касеро маҳали куҷо ки қадам

هر کسی را محل کجا که قدم

Дар раҳи ишқ устувор кунад

در ره عشق استوار کند

Чун ту бурқаъи броФгнӣ , айём

چون تو برقع برافگنی، ایام

Саҳни офоқи пар нигор кунад

صحن آفاق پر نگار کند

Вар ба ҷавлон дар ореи ашҳби ҳасан

ور به جولان در آری اشهب حسن

Чашми хуршеди пар ғубор кунад

چشم خورشید پر غبار کند

Каз висоли ту то ба сад фарсанг

کز وصال تو تا به صد فرسنگ

Ғами зи наздики ман фирор кунад

غم ز نزدیک من فرار کند

Баси зи лаъли ту бӯсаҳо дуздад

بس ز لعل تو بوسه ها دزدد

Бар рикоби ту то нисор кунад

بر رکاب تو تا نثار کند

Андарон орзӯаст хусрав низ

اندران آرزوست خسرو نیز

Ки шабӣ бар дарат қарор кунад

که شبی بر درت قرار کند