Чу дар армн расед аз ҷунбиши тез
چو در ارمن رسید از جنبش تیز
Зираи дорон ширин кард парҳез
زره داران شیرین کرد پرهیز
Ҳикоят кард каз бедории бахт
حکایت کرد کز بیداری بخت
Чу шаб дар хоб рафтам бар сари тахт
چو شب در خواب رفتم بر سر تخت
Чунон дидам ба хоби андар ки гўӣӣ
چنان دیدم به خواب اندر که گوئی
Даромади гули рухии босад нкўӣӣ
درامد گل رخی باصد نکوئی
Ду соғар дар ду дасташи соф ва ноёб
دو ساغر در دو دستش صاف و نایاب
Яке пари шеру дигари пари зи ҷлоб
یکی پر شیر و دیگر پر ز جلاب
Супурди он соғари ҷлоби пари ҷӯш
سپرد آن ساغر جلاب پر جوش
Ба ман кин нўшкн кардам сабки нӯш
به من کاین نوشکن کردم سبک نوش
Ҷавонӣ буд дигар ҳам нишинаш
جوانی بود دیگر هم نشینش
Супурди он соғари дигар ба дасташ
سپرد آن ساغر دیگر به دستش
Ҷавон чу Н шуд ба соғари чошнии гир
جوان چو ن شد به ساغر چاشنی گیر
БиФтоду шикасту рехти зони шер
بیفتاد و شکست و ریخت زآن شیر
Кунун ин хобро таъбири чбўд
کنون این خواب را تعبیر چبود
Бихоб андари ҷлобу шери чбўд
بخواب اندر جلاب و شیر چبود
Бузург умед гуфташ каз ҳамаи боб
بزرگ امید گفتش کز همه باب
Чу ту бедор натавон дид дар хоб
چو تو بیدار نتوان دید در خواب
Ту хўддонӣ ки ба зин хоб набӯд
تو خوددانی که به زین خواب نبود
Ба лиззати шер чун ҷлоб набӯд
به لذت شیر چون جلاب نبود
Чу он ҷлоб ширин кардӣ ошом
چو آن جلاب شیرین کردی آشام
зи ширини оқибат ширин кунӣ ком
ز شیرین عاقبت شیرین کنی کام
Вазони ширӣ ки монад он марди ношод
وزان شیری که ماند آن مرد ناشاد
Ба ҷӯй шер монад ташнаи Фарҳод
به جوی شیر ماند تشنه فرهاد
Вар афтод он ҷавонро соғар аз чанг
ور افتاد آن جوان را ساغر از چنگ
ДроФтди кӯҳканро теша бар санг
درافتد کوهکن را تیشه بر سنگ
Малик гуфт ореи андари хоби таъсир
ملک گفت آری اندر خواب تأثیر
Ҳамон пайдо шавад коед ба таъбир
همان پیدا شود کاید به تعبیر