Чун нофаи кушоди боди наврӯз

چون نافه گشاد باد نوروز

Бушковати баҳори олами афрӯз

بشکفت بهار عالم افروز

Аз шабнами гавҳарин шамоил

از شبنم گوهرین شمایل

Орост , гулӯии гул , ҳамоил

آراست، گلوی گل، حمایل

Нозуки тани лолаи дили афрӯз

نازک تن لالهٔ دل افروز

Ларзанда шуд аз насими наврӯз

لرزنده شد از نسیم نوروز

Бо шоҳид ва май хуҷастаи номон

با شاهد و می خجسته نامان

Гаштанди баҳри чамани хиромон

گشتند بهر چمن خرامان

Ҳар кас ба азимати тамошо

هر کس به عزیمت تماشا

Маҷнӯну дилии рамида , ҳошо !

مجنون و دلی رمیده، حاشا!

Ҳар кас шуда дар канори обӣ

هر کس شده در کنار آبی

Маҷнӯни хароб , дар харобӣ

مجنون خراب، در خرابی

Ҳар кас ба сӯии чамани шитобон

هر کس به سوی چمن شتابان

Маҷнӯни рамида дар биёбон

مجنون رمیده در بیابان

Ҳар каси санамӣ чу гул дар оғӯш

هر کس صنمی چو گل در آغوش

Маҷнӯни рамидаи хор бар дӯш

مجنون رمیده خار بر دوش

Ҳар бод ки аз баҳораш омад

هر باد که از بهارش آمد

Бигирист ки буи ёраш омад

بگریست که بوی یارش آمد

Ҳар гул ки шигифта дид бар хок

هر گل که شگفته دید بر خاک

Кард аз ғами дӯсти перҳани чок

کرد از غم دوست پیرهن چاک

Он кас ки ба кӯҳу дашт ху кард

آن کس که به کوه و دشت خو کرد

Зу инс нишоед орзӯ кард

زو انس نشاید آرزو کرد

Оҳӯ ки хӯрд ба дашти хошок

آهو که خورد به دشت خاشاک

Бошад чу хона назд ӯ хок

باشد چو خانه نزد او خاک

Мурғӣ ки з сабза дошт мФрш ,

مرغی که ز سبزه داشت مفرش،

Зиндони қафас куҷо кунад хуш ?

زندان قفس کجا کند خوش؟

ӯ буду ғамӣу боди сардӣ

او بود و غمی و باد سردی

Каз даври падеди гашти гардӣ

کز دور پدید گشت گردی

Ёрии ду зи муҳаррамони дардаш

یاری دو ز محرمان دردش

Хуноба задой рӯй зардаш

خونابه زُدای رویِ زردش

Буданд ба кӯҳу дашти пӯён

بودند به کوه و دشت پویان

Он гум шударо ба хоки ҷӯён

آن گم شده را به خاک جویان

Дар кӯчи гуҳаш , ҷмозаҳи ронданд

در کوچ گهش، جمازه راندند

Вази даври ҷмозаҳро нишонданд

وز دور جمازه را نشاندند

Рафтанди пиёдаи пеши маҷнӯн

رفتند پیاده پیش مجنون

Резони зи ду дида , дар макнун

ریزان ز دو دیده، دُرّ مکنون

Диданд ба гӯшаи харобӣ

دیدند به گوشهٔ خرابی

Ғӯлӣ ба канораи саробӣ

غولی به کنارهٔ سرابی

Занҷири зи ҳамдамони гусаста

زنجیر ز همدمان گسسته

Дар ҳалқаи дом ва дад нишаста

در حلقهٔ دام و دد نشسته

Гуфтанд ки : эй рафиқ , чунӣ ?

گفتند که: ای رفیق، چونی؟

Дар хӯни ҷигари ғариқ , чунӣ ?

در خون جگر غریق، چونی؟

Охир чаҳ шиддат ки вормидӣ ,

آخر چه شدت که وارمیدی،

Вази суҳбат дӯстон буридӣ ?

وز صحبت دوستان بریدی؟

Ху боз гирифтӣ аз ҳамаи кас

خو باز گرفتی از همه کس

Бо шеру гавазни сохтӣ бас

با شیر و گوزن ساختی بس

Зинсон набаранд ошноӣ

زینسان نبرند آشنایی

Мардум накунад чунин ҷудоӣ

مردم نکند چنین جدایی

Ту мардуму донишати зи ҳад беш ,

تو مردم و دانشت ز حد بیش،

Чунаст , ки бо дадон шудӣ хеш

چونست، که با ددان شدی خویش

Бархез ки гули шукуфа нав кард

برخیز که گل شکوفه نو کرد

Дилҳо , ба нишот май , гарав кард

دلها، به نشاط می، گرو کرد

Вақт чаманасту бӯстони ҳам

وقت چمنست و بوستان هم

Мо мунтазирему дӯстони ҳам

ما منتظریم و دوستان هم

Имрӯз агар дамӣ чу ёрон

امروز اگر دمی چو یاران

Бошӣ ба муроди дӯстдорон

باشی به مراد دوستداران

Гули гашт чаман кунем чун бод

گل‌گشت چمن کنیم چون باد

Бошем , ба рӯй икдгри шод

باشیم، به روی یکدگر شاد

Бинии рухи дӯстони ҷонӣ

بینی رخ دوستان جانی

Бедӯст мабод зиндагонӣ

بی‌دوست مباد زندگانی

Маҷнӯни зи ду дида об бикшод

مجنون ز دو دیده آب بگشاد

Вонгаҳи гиреҳ ҷавоб бикшод ,

وانگه گرهٔ جواب بگشاد،

Гуфт : эй шабу рӯзатони ҳамаи сур

گفت: ای شب و روزتان همه سور

Бодои шабатони зару зи ман давр

بادا شبتان زر و ز من دور

Перояи ман агар чаҳ зиштаст

پیرایهٔ من اگر چه زشتست

Чун хуй гирифтаам , биҳиштаст

چون خوی گرفته‌ام، بهشتست

Зон гӯна ба бонги буми шодам

زان گونه به بانگ بوم شادم

Каз булбул маст нест ёдам

کز بلبل مست نیست یادم

Дар дашт чунон хушаст хорам

در دشت چنان خوشست خارم

Каз боғи касон хабар надорам

کز باغ کسان خبر ندارم

Ғӯлӣ ки ба дашти хуи пазирад

غولی که به دشت خو پذیرد

Дар боғ баряш ҷон гирад

در باغ بریش جان گیرد

Онро ки хаёл ёр бошад ,

آنرا که خیال یار باشد،

Бо сарву гулаш чикор бошад ?

با سرو و گلش چکار باشد؟

Бигзор чаман ки ёр ман нест

بگذار چمن که یار من نیست

Ваон гул ки марост дар чаман нест

وان گل که مراست در چمن نیست

Ёрони зи чунон ҷавоби дили дуз

یاران ز چنان جواب دل دوز

Ронданди басии сиришки ҷони сӯз

راندند بسی سرشک جان سوز

Гуфтанд ки эй нишонаи дард

گفتند که ای نشانهٔ درد

Зиндони дилати хазонаи дард

زندان دلت خزانهٔ درد

Шак нест ки рӯй ёр дидан

شک نیست که روی یار دیدن

Хуштар зи гулу баҳор дидан

خوشتر ز گل و بهار دیدن

Лекини гули ту ки рашк боғаст

لیکن گل تو که رشک باغست

ӯ низ дарон чаман чароғаст

او نیز دران چمن چراغست

Гуҳи гуҳ , ки дилаш бигирад аз кох

گه گه، که دلش بگیرد از کاخ

Ҷон тоза кунад ба сабзии шох

جان تازه کند به سبزی شاخ

Ояд ба чаман , чу нозанинон

آید به چمن، چو نازنینان

Бо ҳам нафасон ва ҳам нишинон

با هم نفسان و هم نشینان

Эшон ҳама бо нишоти ҳам ранг

ایشان همه با نشاط هم رنگ

ӯ гӯшаи гирифта бо дили танг

او گوشه گرفته با دل تنگ

Бархез , магари зи бахти равшан

برخیز، مگر ز بخت روشن

Бинии гули тозаро ба гулшан !

بینی گل تازه را به گلشن!

Маҷнӯн ки шунид номи мақсӯд

مجنون که شنید نام مقصود

Бар шуд зи дилаш бар осмони дӯд

بر شد ز دلش بر آسمان دود

Бо ҳам нафасони з ҷой бархест

با هم نفسان ز جای برخاست

Бар ноқа нишаст ва маҳмил орост

بر ناقه نشست و محمل آراست

Рафтанд аз он харобаи пӯён

رفتند از آن خرابه پویان

Дар ҷилваи гуҳи нишоти ҷӯён

در جلوه‌گهٔ نشاط جویان

Ёрони азиз дар чамани гоҳ

یاران عزیز در چمن گاه

Буданд нишаста , чашм дар роҳ

بودند نشسته، چشم در راه

Диданд чу рӯй ошиқи маст

دیدند چو روی عاشق مست

Гаштанди зи рФқ бар замини паст

گشتند ز رفق بر زمین پست

Гирд аз рух нозукаш фишонданд

گرد از رخ نازکش فشاندند

Дар садр тнъмш нишонданд

در صدر تنعمش نشاندند

ӯ дил ба вилоятӣ дигар дошт

او دل به ولایتی دگر داشت

Не аз худу неи зи кас хабар дошт

نی از خود و نی ز کس خبر داشت

Не ранҷа шуд ва на гашти хушнӯд

نی رنجه شد و نه گشت خشنود

Козору навозишаши яке буд

کازار و نوازشش یکی بود

Ёрон ба нишоту айш созӣ

یاران به نشاط و عیش سازی

ӯ бо дили худ ба ишқи бозӣ

او با دل خود به عشق بازی

Мутриб ғазалӣ кашида дилкаш

مطرب غزلی کشیده دلکش

Маҷнӯн ба ншиди хештани хуш

مجنون به نشید خویشتن خوش

Ҳар нола ки зад зи ҷони ношод

هر ناله که زد ز جان ناشاد

Ҳар кас ки шунид кард фарёд

هر کس که شنید کرد فریاد

Аз ҳалқаи дӯстони буруни ҷуст

از حلقهٔ دوستان برون جست

Занҷир буриду риштаи бигусаст

زنجیر برید و رشته بگسست

Нолид дамии зи бахти ношод

نالید دمی ز بخت ناشاد

Вази сояи сарви ҷуст чун бод

وز سایهٔ سرو جست چون باد

Домани зи гул пиёда пардохт

دامن ز گل پیاده پرداخت

Бар хори пиёдаи Рахш май тохт

بر خار پیاده رخش می‌تاخت

Дар кӯҳ шуд ва ба теғ бар шуд

در کوه شد و به تیغ بر شد

Пайкони фироқро сипар шуд

پیکان فراق را سپر شد

Бози он ддгон ки сафи шикастанд

باز آن ددگان که صف شکستند

Гардиш , чун сипеҳр , ҳалқаи бастанд

گردش، چون سپهر، حلقه بستند

Аз оби ду дида бе мудоро

از آب دو دیده بی مدارا

намедод гуҳар ба санги хоро

می‌داد گهر به سنگ خارا