Аз шамъи моҳ рӯй ту пари зевари офтоб

از شمع ماه روی تو پر زیور آفتاب

Дар машъали фалаки бмсли ахгари офтоб

در مشعل فلک بمثل اخگر آفتاب

Хуршеди лоязоли зи лошрқ чун битофт

خورشید لایزال ز لاشرق چون بتافت

Гаштанди зарраҳо ҳамаи маи пайкари офтоб

گشتند ذره ها همه مه پیکر آفتاب

Аз обу ранги лаъли лаби оби дори ту

از آب و رنگ لعل لب آب دار تو

Дорад баҷоами лаъл май анвари офтоб

دارد بجام لعل می انور آفتاب

Ҳар ҷои қадам наад санами маи лақои равон

هر جا قدم نهد صنم مه لقا روان

Аз хокпои дӯсти براردи сари офтоб

از خاکپای دوست برآرد سر آفتاب

Аз партави ҷамоли ту эй партави илоҳ

از پرتو جمال تو ای پرتو اله

Заррот коинот бисӯзад дар офтоб

ذرات کاینات بسوزد در آفتاب

Ишқат чу дар ду куни хурӯсӣ буд сифед

عشقت چو در دو کون خروسی بود سفید

Чун осмону байза даров асФри офтоб

چون آسمان و بیضه دراو اصفر آفتاب

Аз рашк рӯй моҳи ту эй офтоби ҷон

از رشک روی ماه تو ای آفتاب جان

Берун кашад зи ҷисми башари ҷон дар офтоб

بیرون کشد ز جسم بشر جان در آفتاب

Аз офтоб рӯй ту кӯҳӣ чу моҳ шуд

از آفتاب روی تو کوهی چو ماه شد

Бахшад ба офтоби акрами зевари офтоб

بخشد به آفتاب اکرم زیور آفتاب