Бе ниқоби он ҷамол натавон дид
بی نقاب آن جمال نتوان دید
Дар Рахши ҷуз мисол натавон дид
در رخش جز مثال نتوان دید
Рӯй ӯро бзлФу холи тавон
روی او را بزلف و خال توان
Дид безулф ва хол натавон дид
دید بی زلف و خال نتوان دید
Бхёлш аз он шудам қонеъ
بخیالش از آن شدم قانع
Ки аз ӯ ҷуз хаёл натавон дид
که از او جز خیال نتوان دید
Худ ҷамоли камол рӯй туро
خود جمال کمال روی ترا
Беҳиҷоб ҷалол натавон дид
بی حجاب جلال نتوان دید
Зот махфӣаст аз сифоти камол
ذات مخفی است از صفات کمال
Бесифот камол натавон дид
بی صفات کمال نتوان دید
Офтобӣаст дар зилоли ниҳон
آفتابی است در ظلال نهان
Зу бғир аз зилол натавонадед
زو بغیر از ظلال نتواندید
Бипазиради заволи меҳри Рахш
بپذیرد زوال مهر رخش
Меҳр ӯро завол натавонадед
مهر او را زوال نتواندید
Ҳамаи гирди сароби мигрдим
همه گرد سراب میگردیم
Чунки об зулол натавонадед
چونکه آب زلال نتواندید
Мағрибии ҳеҷ чиз аз он анқо
مغربی هیچ چیز از آن عنقا
Биҷуз аз пар ва бол натавон дид
بجز از پر و بال نتوان دید