Ба кӯии ёри ҳрдм аз фироқи ёр май нолам
به کوی یار هردم از فراق یار مینالم
Чу булбул аз ғами гулзор дар гулзор май нолам
چو بلبل از غم گلزار در گلزار مینالم
Шаҳиди чашми мастам , бо хаёл турра ме гарем
شهید چشم مستم، با خیال طره میگریم
Чу беморам ба зорӣ дар шубони тор май нолам
چو بیمارم به زاری در شبان تار مینالم
Тавонамро ба чашми нотавони барадӣ ва худ рафтӣ
توانم را به چشم ناتوان بردی و خود رفتی
Кунун дар кунҷи ғам беёр ва беғмхўор май нолам
کنون در کنج غم بییار و بیغمخوار مینالم
Асири зулфи ёрами ошиқи миҳроби абрӯяш
اسیر زلف یارم عاشق محراب ابرویش
Мусулмонам вале дар ҳалқаи зуннор май нолам
مسلمانم ولی در حلقهٔ زَنّار مینالم
Дару девор гулшан шуд зи акс рӯй ту зони рӯ
در و دیوار گلشن شد ز عکس روی تو زآن رو
Чу булбул ҳар замон бар ҳар дару девор май нолам
چو بلبل هر زمان بر هر در و دیوار مینالم
намедонам балои мардумон аз чист ошиқ ро
نمیدانم بلای مردمان از چیست عاشق را
Турои бемори чашмони сияҳ , ман зор май нолам
ترا بیمار چشمان سیه، من زار مینالم
Шаробии соқио ! обии барин оташ фишон комшб
شرابی ساقیا! آبی برین آتش فشان کامشب
Мғнии вор май сӯзам , чу мўсиқор май нолам
مغنیوار میسوزم، چو موسیقار مینالم
Чаҳ бинависад « вафое » шарҳи ҳиҷрони ту ? чун ҳрдм
چه بنویسد «وفایی» شرح هجران تو؟ چون هردم
Ба ёди сарви болои ту қамарии вор май нолам
به یاد سرو بالای تو قمریوار مینالم