Давлати масъӯдӣ бо рӯзгор

دولت مسعودی با روزگار

Чун тану ҷони гашти баҳами созгор

چون تن و جان گشت بهم سازگار

Тоҷ ҳаме гуяд ҷовиди бод

تاج همی گوید جاوید باد

Шоҳи замонаи малики рӯзгор

شاه زمانه ملک روزگار

Бахт ҳаме гуяд пояндаи бод

بخت همی گوید پاینده باد

Давлату иқболи шаҳи тоҷдор

دولت و اقبال شه تاجدار

Хусрави масъӯд ки бар тахт ӯ

خسرو مسعود که بر تخت او

Гардун кардаст саодати нисор

گردون کردست سعادت نثار

эй ба ту афрохтаи сари мамлакат

ای به تو افراخته سر مملکت

Вай ба ту афрӯхтаи дили рӯзгор

وی به تو افروخته دل روزگار

Зоти ту он гавҳар каз лафзи он

ذات تو آن گوهر کز لفظ آن

Ақли ндондш гирифтани айёр

عقل نداندش گرفتن عیار

Қадари ту он чарх ки гӯйии магар

قدر تو آن چرخ که گویی مگر

Чархи мсолист аз он мустаъор

چرخ مثالیست از آن مستعار

Малик нишондаст туро бар китф

ملک نشاندست تو را بر کتف

Адли гирифтаи сети туро дар канор

عدل گرفته ست تو را در کنار

Зӣ ту кунад адли ҳамаи илтиҷо

زی تو کند عدل همه التجا

Ваз ту кунад малики ҳамаи ифтихор

وز تو کند ملک همه افتخار

Рӯй камол аз ту фузудаст фар

روی کمال از تو فزودست فر

Шохи умед аз ту гирифтаи сети бор

شاخ امید از تو گرفته ست بار

Мояи меҳр ту набинад зиён

مایه مهر تو نبیند زیان

Бодаи ҷӯад ту наёрад хумор

باده جود تو نیارد خمار

Чарх чу рои ту наёбади маҷол

چرخ چو رای تو نیابد مجال

Кӯҳ чу ганҷи ту наёбади ясор

کوه چو گنج تو نیابد یسار

Лутфи ту танро накунад ноумед

لطف تو تن را نکند ناامید

Унфи ту ҷонро надиҳад зинҳор

عنف تو جان را ندهد زینهار

Хашм надидаст чу ту кӣна туз

خشم ندیدست چو تو کینه توز

Ҳалам надидаст чу ту бурдбор

حلم ندیدست چو تو بردبار

Ҳаргиз бе меҳри ту унсури зи табъ

هرگز بی مهر تو عنصر ز طبع

Мумкин набӯд ки пазирад нигор

ممکن نبود که پذیرد نگار

Зеро бо кини ту ҳаргиз нашуд

زیرا با کین تو هرگز نشد

Сӯрат бо рӯҳ ба ҳам созўор

صورت با روح به هم سازوار

эй малики пилтани шери зӯр

ای ملک پیلتن شیر زور

Пели азиз аз ту шуду ширхор

پیل عزیز از تو شد و شیرخوار

Шери шикории ту ва аз ҳавли ту

شیر شکاری تو و از هول تو

Шер наме ёрад кардани шикор

شیر نمی یارد کردن شکار

Дар кафи ту бар тан бишикаст хӯрд

در کف تو بر تن بشکست خورد

Гардани шерони сари он гоўсор

گردن شیران سر آن گاوسار

Чархи зи ту кӯр шавад рӯзи разм

چرخ ز تو کور شود روز رزم

Меҳри зи ту нури баради рӯзи бор

مهر ز تو نور برد روز بار

Малики савории ту ба майдони малик

ملک سواری تو به میدان ملک

Малик чу ту низ набинад савор

ملک چو تو نیز نبیند سوار

Қӯти давлати з ту шуд муҷтамаъ

قوت دولت ز تو شد مجتمع

Қоидаи дайн ба ту гашти устувор

قاعده دین به تو گشت استوار

Гуяд ҳар лаҳзаи забони шараф

گوید هر لحظه زبان شرف

Аҳсанти аҳсанти зиҳии шаҳриёр

احسنت احسنت زهی شهریار

Чун зи туфи ҳамлаи гарданкашон

چون ز تف حمله گردنکشان

Ҷӯш барояд зи дили корзор

جوش برآید ز دل کارزار

Ханҷар хўнриз билразад чу барқ

خنجر خونریز بلرزد چو برق

Найза длдўз бипечад чу мор

نیزه دلدوز بپیچد چو مار

Пушти замини чусти бипушади сиёҳ

پشت زمین چست بپوشد سیاه

Рӯй ҳаво пок бигирад ғубор

روی هوا پاک بگیرد غبار

Гардад дар барҳо дамҳо хуба

گردد در برها دمها خبه

Монад андари танҳо ҷонои Башшор

ماند اندر تن ها جانا بشار

Печад дар дили ҷазаъи гири гир

پیچد در دل جزع گیر گیر

Гиря бар тани фазаъи зори зор

گریه بر تن فزع زار زار

Ту малико дар салби оҳанӣн

تو ملکا در سلب آهنین

Хайр чу рўӣин ва чу Исфандиёр

خیر چو روئین و چو اسفندیار

Дар кафати он гавҳари алмоси ранг

در کفت آن گوهر الماس رنگ

Ташна ба хӯн лек басии обўор

تشنه به خون لیک بسی آبوار

Зери ту он ҳайкали гардуни ниҳод

زیر تو آن هیکل گردون نهاد

Раҳ бирав дарёи дарави саҳрои гузор

ره برو دریا درو صحرا گذار

Боди шитобӣ ки наёбади диранг

باد شتابی که نیابد درنگ

Оташи хезӣ ки нагирад қарор

آتش خیزی که نگیرد قرار

Ту зи чапу рост чу раъд ва чу барқ

تو ز چپ و راست چو رعد و چو برق

Зуд бар ореи зи ҷаҳонии дамор

زود بر آری ز جهانی دمار

Дашт шуда аз сари теғ ту равад

دشت شده از سر تیغ تو رود

Кӯҳ шуда аз паии пели ту ғор

کوه شده از پی پیل تو غار

Душмани дайн чун зи ту ношод шуд

دشمن دین چون ز تو ناشاد شد

Шоди зӣ эй шодӣ ҳар шоди хор

شاد زی ای شادی هر شاد خوار

Бандаи зи мадҳи ту агар оҷизаст

بنده ز مدح تو اگر عاجزست

Узраш бипазиру шигифтии мадор

عذرش بپذیر و شگفتی مدار

Гуфт надонад ба сазо дар ҷаҳон

گفت نداند به سزا در جهان

Сад як мадҳи ту чу бандаи ҳазор

صد یک مدح تو چو بنده هزار

Дар сухани ин моя ба ҳам карду бас

در سخن این مایه به هم کرد و بس

Ин тани баси сусту дили баси фигор

این تن بس سست و دل بس فگار

Гавҳар зояд пас азин табъи ман

گوهر زاید پس ازین طبع من

Гар ту бар ӯ тобии хўршидўор

گر تو بر او تابی خورشیدوار

Бози ҳамон шери диж огаҳ шавам

باز همان شیر دژ آگه شوم

Каз ман бешер шавад марғзор

کز من بی شیر شود مرغزار

Боз ҳамон гардад табъам ки буд

باز همان گردد طبعم که بود

Гар кунадам хизмати шоҳи ихтиёр

گر کندم خدمت شاه اختیار

Каз назари раъии ту ҳар пораи чӯб

کز نظر رأی تو هر پاره چوب

Гардад пирӯзтар аз рӯзгор

گردد پیروزتر از روزگار

Ин чаҳ ҳадисаст каз ингуна шуд

این چه حدیث است کز اینگونه شد

Оризи мишкӣнами кофур сор

عارض مشکینم کافور سار

Шаст дўто кард марои ҳамчуи шаст

شست دوتا کرد مرا همچو شست

Соли бад-ӣн ҷой расед аз шумор

سال بدین جای رسید از شمار

Нестам имсол ба табъ ва ба тан

نیستم امسال به طبع و به تن

Онкӣ ҳаме будам пирору пор

آنکه همی بودم پیرار و پار

Оре навмед набошам зи худ

آری نومید نباشم ز خود

Гарчи дилам зор шуд ва тан назор

گرچه دلم زار شد و تن نزار

Бошад мумкин ки ҷавонам кунад

باشد ممکن که جوانم کند

Давлату иқболи шаҳи Бахтиёр

دولت و اقبال شه بختیار

То набӯд ҷурми замин чун ҳаво

تا نبود جرم زمین چون هوا

То набӯд табъи хазон чун баҳор

تا نبود طبع خزان چون بهار

Чун ма равшан набӯд тираи шаб

چون مه روشن نبود تیره شب

Чун гул тоза набӯд хушки хор

چون گل تازه نبود خشک خار

Ҳар чаҳ заминаст ба ханҷар бигир

هر چه زمینست به خنجر بگیر

Ҳар чаҳ ҷаҳонаст ба давлат бидор

هر چه جهانست به دولت بدار

Меҳрӣ ва чун меҳр ба шодӣ битоб

مهری و چون مهر به شادی بتاب

Абрӣ ва чун абр ба родии бабор

ابری و چون ابر به رادی ببار

Дар ҳамаи гиҳонт чу ахтари масир

در همه گیهانت چو اختر مسیر

Бар ҳамаи гейтят чу гардуни мадор

بر همه گیتیت چو گردون مدار

Яман ба ҳар ҷои туро бар ямин

یمن به هر جای تو را بر یمین

Иср ба ҳар кори туро бар ясор

یسر به هر کار تو را بر یسار