Ҳавоӣ равшан бигирифт тираи ранги саҳоб
هوای روشن بگرفت تیره رنگ سحاب
Ҷаҳон гашта хрФи бозгашт аз сршоб
جهان گشته خرف بازگشت از سرشاب
Ҷаҳон чу ёфт шабоб эй шигифти гарм ва тараст
جهان چو یافت شباب ای شگفت گرم و ترست
Мизоҷи гарми ватар оре буд мизоҷи шабоб
مزاج گرم وتر آری بود مزاج شباب
Равон шудааст ҳаворо хуй ва чунон бошад
روان شده است هوا را خوی و چنان باشد
Чу вақти гармои пӯшади ҳўослу санҷоб
چو وقت گرما پوشد حواصل و سنجاب
Шигифт нест ки шингарфи хезад аз симоб
شگفت نیست که شنگرف خیزد از سیماب
Аз онкии моя шингарф бошад аз симоб
از آنکه مایه شنگرف باشد از سیماب
Басони кӯра шингарф шуд гул аз гули сурх
بسان کوره شنگرف شد گل از گل سرخ
Бирав чу равшани симоби рехти қатраи саҳоб
برو چو روشن سیماب ریخت قطره سحاب
Замин шудаи ҳама чун чашми Кебек ва рӯй тзрў
زمین شده همه چون چشم کبک و روی تذرو
Ҳаво шудаи ҳама чун дами бозу пари уқоб
هوا شده همه چون دم باز و پر عقاب
зи бас ки абри ҳавои ҳамчу бедилон бигирист
ز بس که ابر هوا همچو بیدلان بگریست
Чу длФрибон бикшод гули з рӯй ниқоб
چو دلفریبان بگشاد گل ز روی نقاب
зи кӯҳсори саҳаргаҳ чу субҳ содиқ тофт
ز کوهسار سحرگه چو صبح صادق تافت
Гул маврид бикшод чашми хеш аз хоб
گل مورد بگشاد چشم خویش از خواب
зи баҳри он ки бибинад сипоҳи хусрав ро
ز بهر آن که ببیند سپاه خسرو را
Ба роғи лола падед омад аз миёни ҳиҷоб
به راغ لاله پدید آمد از میان حجاب
Ба бӯстони камар зар бибаст гулбуни зард
به بوستان کمر زر ببست گلبن زرد
зи баҳри хизмати шоҳи замона чун ҳиҷоб
ز بهر خدمت شاه زمانه چون حجاب
Хдоигони ҷаҳони тоҷи хусравони Маҳмӯд
خدایگان جهان تاج خسروان محمود
Шаҳи ҳамаи аҷаму хусрави ҳамаи аъроб
شه همه عجم و خسرو همه اعراب
Ба гоҳи зарби ҳамеи зару сим бӯса занад
به گاه ضرب همی زر و سیم بوسه زند
зи ъзи номаш бар рӯй сиккаи зарроб
ز عز نامش بر روی سکه ضراب
Сипеҳри хост ки бӯса занад рикобаш ро
سپهر خواست که بوسه زند رکابش را
Расед менатавонад бидон баланди ҷаноб
رسید می نتواند بدان بلند جناب
Умеди халқ ба даргоҳ ӯ раво гардад
امید خلق به درگاه او روا گردد
Ки хусравиро қиблаасту маликро миҳроб
که خسروی را قبله است و ملک را محراب
Ба тираи абр ва ба равшани асир дар ҳаракат
به تیره ابر و به روشن اثیر در حرکت
зи теғ ва тираш омухтанд барқи саҳоб
ز تیغ و تیرش آموختند برق سحاب
Ки барқи вори ҷаҳд аз ниёам ӯ ханҷар
که برق وار جهد از نیام او خنجر
Шаҳоб вор равад аз камон ба шитоб
شهاب وار رود از کمان به شتاب
Яке насузад ҷузи ҷони деви рӯзи набард
یکی نسوزد جز جان دیو روز نبرد
Яке наборад ҷузи гирди марги рӯзи зарроб
یکی نبارد جز گرد مرگ روز ضراب
Чу рӯй дории шоҳо ба сӯии Ҳиндӯстон
چو روی داری شاها به سوی هندوستان
Ба номи эзаду азми дурусту рои савоб
به نام ایزد و عزم درست و رای صواب
Ба давлати ту зи баҳри сипоҳу лашкари ту
به دولت تو ز بهر سپاه و لشکر تو
Ба дашти оби равони гашт ҳар чаҳ буд сароб
به دشت آب روان گشت هر چه بود سراب
Хаёли теғи ту дар дида мулӯк бимонад
خیال تیغ تو در دیده ملوک بماند
Чунон ки теғи ту бенанди рӯзу шаб дар хоб
چنان که تیغ تو بینند روز و شب در خواب
зи бими ту танашони захми хӯрда чун найза аст
ز بیم تو تنشان زخم خورده چون نیزه است
зи саҳми ту дилашони ҳамчуи гӯй дар тбтоб
ز سهم تو دلشان همچو گوی در طبطاب
Ба бешаҳоӣ ореи сипоҳро ки заминаш
به بیشه هایی آری سپاه را که زمینش
Натофтааст бар ӯ офтоб ва на маҳтоб
نتافته است بر او آفتاب و نه مهتاب
з равадҳое лашкари ҳаме гузора кунӣ
ز رودهایی لشکر همی گذاره کنی
Ки деви ҳаргиз дар вай наёфтӣ поёб
که دیو هرگز در وی نیافتی پایاب
Кунун мулӯк ба бустону боғи машғуланд
کنون ملوک به بستان و باغ مشغولند
Ҳаме ситонанд инсофи шодӣ аз аҳбоб
همی ستانند انصاف شادی از احباب
Нишондаи мутриб зебо фиканда лолаи лаъл
نشانده مطرب زیبا فکنده لاله لعل
Ба пои соқии глрх ба дасти бодаи ноб
به پای ساقی گلرخ به دست باده ناب
зи оби гулҳо ҳавзу зи соябони айвон
ز آب گلها حوض و ز سایبان ایوان
зи чӯби бткдаҳи авду зи оби абри гулоб
ز چوب بتکده عود و ز آب ابر گلاب
Туро нишот бидон то кадоми шаҳри занӣ
تو را نشاط بدان تا کدام شهر زنی
Кадоми бткдаҳсозӣ зи буми ҳинди хароб
کدام بتکده سازی ز بوم هند خراب
Ситодаи мураккаби ғурон ба ҷои барбату чанг
ستاده مرکب غران به جای بربط و چنگ
Гирифта ханҷар барон ба ҷои ҷому шароб
گرفته خنجر بران به جای جام و شراب
Ту ҳар замони маликои нави баҳории ороӣ
تو هر زمان ملکا نو بهاری آرایی
Ки оҷиз ояд азуи хотири аўлўололбоб
که عاجز آید ازو خاطر اولوالالباب
Баборади абру ҷаҳди барқ то падеди орад
ببارد ابر و جهد برق تا پدید آرد
зи хӯни душман бар хоки лолаи сероб
ز خون دشمن بر خاک لاله سیراب
Ба разми оташ афрӯхтааст ханҷари ту
به رزم آتش افروخته است خنجر تو
Ба пеши оташи афрӯхта ки дорад тоб
به پیش آتش افروخته که دارد تاب
Кадоми кишвари каш на зи дасти тести амир
کدام کشور کش نه ز دست تست امیر
Кадоми хусрави каш на зи дасти тести моб
کدام خسرو کش نه ز دست تست مآب
зи баси амон ки нбштнд аз ту шоҳон ро
ز بس امان که نبشتند از تو شاهان را
з кор монад шҳо дасту хомаи китоб
ز کار ماند شها دست و خامه کتاب
Чунин тариқи зи шоҳони кро буд ки турост
چنین طریق ز شاهان کرا بود که تراست
Ба ҳаламу афви диранг ва ба ҷангу ҷӯади шитоб
به حلم و عفو درنگ و به جنگ و جود شتاب
Ту сайфи давлатӣу ъзи миллатӣ ки ту ро
تو سیف دولتی و عز ملتی که تو را
Сниъи хеш ба нома Халифа кард хитоб
صنیع خویش به نامه خلیفه کرد خطاب
Насиби давлату миллати зи хештани дорӣ
نصیب دولت و ملت ز خویشتن داری
Дуруст кардӣ бар хештани ҳамаи алқоб
درست کردی بر خویشتن همه القاب
Шаҳӣ ки эзад соҳибқиронаш хоҳад кард
شهی که ایزد صاحبقرانش خواهد کرد
Чунин ки сохт з аввал бисозадаш асбоб
چنین که ساخت ز اول بسازدش اسباب
Кунун ҳамеи дамад эй шоҳи субҳи нусрату фатҳ
کنون همی دمد ای شاه صبح نصرت و فتح
Ҳануз аввал субҳаст хсрўои мштоб
هنوز اول صبح است خسروا مشتاب
Ҳамеша то фалаки обгун ҳаме гардад
همیشه تا فلک آبگون همی گردد
Гуҳии басони рҳои гуҳи ҳамоилу дулоб
گهی بسان رحا گه حمایل و دولاب
Ба давлати андари малики туро мабод карон
به دولت اندر ملک تو را مباد کران
Ба шодии андари умри туро мабод ҳисоб
به شادی اندر عمر تو را مباد حساب
Ба бӯстони саодат чу зоди сарви бибол
به بوستان سعادت چو زاد سرو ببال
зи осмони ҷалолат чу офтоб битоб
ز آسمان جلالت چو آفتاب بتاب