Хуҷастаи бодо бар хоҷаи амиди аҷал

خجسته بادا بر خواجه عمید اجل

Хуҷастаи иди расӯли худои ъзўҷл

خجسته عید رسول خدای عزوجل

Имоди малику малики бўолФрҷи мФрҷи ғам

عماد ملک و ملک بوالفرج مفرج غم

Ки ҳам имод ҷалоласт ва ҳам амиди аҷал

که هم عماد جلالست و هم عمید اجل

Асоси нусрати нсрбни рустами он ки ба дӯст

اساس نصرت نصربن رستم آن که به دوست

Қавоми донишу фазлу низоми дайну дувал

قوام دانش و فضل و نظام دین و دول

Бсўдаҳи ҷоҳи аризаш ба фазли ҷурми фалак

بسوده جاه عریضش به فضل جرم فلک

Супурдаи рои рафеъаш ба сдрФрқи Зуҳал

سپرده رای رفیعش به صدرفرق زحل

Задудаи райши равшантар аз мау хуршед

زدوده رایش روشن تر از مه و خورشید

Сутӯдаи расмаши ширинтар аз наботу асал

ستوده رسمش شیرین تر از نبات و عسل

Куҷои кифоят бояд азу баранд мисол

کجا کفایت باید ازو برند مثال

Куҷои саховат бояд бадв зананд мисл

کجا سخاوت باید بدو زنند مثل

На соҳибаст валикин ба феъл азуаст дувум

نه صاحبست ولیکن به فعل ازوست دوم

На ҳотамаст валикин ба ҷӯад азуаст бадал

نه حاتم است ولیکن به جود ازوست بدل

Усӯли шодӣ бе табъи шод ӯ ноқис

اصول شادی بی طبع شاد او ناقص

Русуми родӣ бе кафи род ӯ мӯҳмал

رسوم رادی بی کف راد او مهمل

зи расми фаррухаши асбоби меҳтарии ҷомеъ

ز رسم فرخش اسباب مهتری جامع

зи зоти комилаши абвоби сарварии муфассал

ز ذات کاملش ابواب سروری مفصل

Ба табъи софӣ ӯ ҷавҳари ҳаёи қоим

به طبع صافی او جوهر حیا قایم

зи кафи кофӣ ӯ дидаи сахои акҳл

ز کف کافی او دیده سخا اکحل

Муваффақ омад райш чу тоъати мақбул

موفق آمد رایش چو طاعت مقبول

Мусаддиқ омад қавлаш чу ояти манзил

مصدق آمد قولش چو آیت منزل

Дилаш чу ақл муназзаҳ шуд аз мазаммату айб

دلش چو عقل منزه شد از مذمت و عیب

Таниш чу илм мураффаҳ шуд аз хатоу злл

تنش چو علم مرفه شد از خطا و زلل

Ҷамал ёфт хирад зу чу тани лутфи равон

جمل یافت خرد زو چو تن لطف روان

Шараф гирифт ҳунар зу чу хури зи бурҷи ҳамл

شرف گرفت هنر زو چو خور ز برج حمل

Чу ҷони зи иллати софии таниши зи айбу ъўор

چو جان ز علت صافی تنش ز عیب و عوار

Чу куфр аз имони холии дилаши зи макру ҳиял

چو کفر از ایمان خالی دلش ز مکر و حیل

Ки ин набошад бо он ба вусъи як нуқта

که این نباشد با آن به وسع یک نقطه

Ки он насинҷид бо ин ба вазни як хардал

که آن نسنجد با این به وزن یک خردل

зи илми фардои имрӯз воқифаст ҳаме

ز علم فردا امروز واقف است همی

Ки илм дорад гӯйии дилаши зи илми азал

که علم دارد گویی دلش ز علم ازل

Аё ба ақлу кифояти зи оқилон ӯ ҳад

ایا به عقل و کفایت ز عاقلان او حد

Аё ба фазлу шаҳомати зи фозилони афзал

ایا به فضل و شهامت ز فاضلان افضل

Ба ҷӯаду илми шабиҳӣ ба ҳайдари каррор

به جود و علم شبیهی به حیدر کرار

Ба қавлу феъли бадӣлии зи Аҳмади мурсал

به قول و فعل بدیلی ز احمد مرسل

Раҳеи насри ту шояд ҳазор чун ҷоҳз

رهی نثر تو شاید هزار چون جاحظ

Ғуломи назми ту зебади ҳазор чун ахтл

غلام نظم تو زیبد هزار چون اخطل

Фалак надонад ҳал кард мушкилоти ту ро

فلک نداند حل کرد مشکلات تو را

Ту мушкилоти ҷаҳонро кунӣ ба дониши ҳал

تو مشکلات جهان را کنی به دانش حل

Бзргўорои гетӣ ба коми дили гузарон

بزرگوارا گیتی به کام دل گذران

Ки ҳеҷ касро бо ту намонад ҷангу ҷадал

که هیچ کس را با تو نماند جنگ و جدل

Ба мозӣ ар дидӣ ранҷӣ аз тағайюри дил

به ماضی ار دیدی رنجی از تغیر دل

Ҳазор роҳати бинӣ кунун ба мстқбл

هزار راحت بینی کنون به مستقبل

Ба рағми ҳосиди шаҳриёри ҳосиди мол

به رغم حاسد شهریار حاسد مال

Бад-ӣни амали бФзўдти хитобу ҷоҳу маҳал

بدین عمل بفزودت خطاب و جاه و محل

Сазад ки србФрозии бад-ӣни хитоби шариф

سزد که سربفرازی بدین خطاب شریف

Сазад ки пай бигзорӣ барин бузурги амал

سزد که پی بگذاری برین بزرگ عمل

Ҳамеша то набӯд чун сариъи баҳри раҷаз

همیشه تا نبود چون سریع بحر رجز

Ҳамеша то набӯд чун хафифи баҳри рамл

همیشه تا نبود چون خفیف بحر رمل

Мабод номи ту аз дафтари бақои мдрўс

مباد نام تو از دفتر بقا مدروس

Мабод умри ту аз иллати фанои мътл

مباد عمر تو از علت فنا معتل