Зиҳӣ ба меҳтарии андари зи меҳтарони аввал

زهی به مهتری اندر ز مهتران اول

Чу аз кавокиби кайвон чу аз буруҷи ҳамл

چو از کواکب کیوان چو از بروج حمل

Камоли васфи ту ҷустами хирад чаҳ гуфт маро

کمال وصف تو جستم خرد چه گفت مرا

Мҷўии сонӣ ӯ чун худои ъзўҷл

مجوی ثانی او چون خدای عزوجل

Агар набӯдӣ авсофи ту куҷои ҳаргиз

اگر نبودی اوصاف تو کجا هرگز

Шараф гирифтӣ арвоҳи нотиқа ба маҳал

شرف گرفتی ارواح ناطقه به محل

Шаби сиёҳи зи раъйат чу рӯзи гашти сипед

شب سیاه ز رأیت چو روز گشت سپید

Ки санги бастаи зи лутфат чу об гардад ҳал

که سنگ بسته ز لطفت چو آب گردد حل

Фурӯғи талъати ту равшанои дили ҷӯад

فروغ طلعت تو روشنایی دل جود

Ғубори мураккаби ту тўтёии чашми амл

غبار مرکب تو توتیای چشم امل

зи бандагони ту кам нафътар зи хизмати ту

ز بندگان تو کم نفع تر ز خدمت تو

Набошад аиро бошад атои ту мурсал

نباشد ایرا باشد عطای تو مرسل

Чу сабт кардам номи ту дар ҷаридаи мадҳ

چو ثبت کردم نام تو در جریده مدح

Кашид калакам бар ном ҳар ки ҷузи ту бтл

کشید کلکم بر نام هر که جز تو بطل

Димоғи рӯҳи марои мадҳи ту ғизо ва шифост

دماغ روح مرا مدح تو غذا و شفاست

Вагарна кӣ бармеи ҷони зи гӯнаи гӯнаи илал

وگرنه کی برمی جان ز گونه گونه علل

Ки гоҳи иншои маънӣу лафзи мадҳати ту

که گاه انشا معنی و لفظ مدحت تو

Ба дасти табъ бурун оядӣ тамоми амал

به دست طبع برون آیدی تمام عمل

Хабар набӯдӣ андешаро ки мадҳати ту

خبر نبودی اندیشه را که مدحت تو

Ба мағз ва ком диҳад буии машку таъми асал

به مغز و کام دهد بوی مشک و طعم عسل

Агар набӯдӣ дар гӯши табъу хотири ман

اگر نبودی در گوش طبع و خاطر من

Шикваи фазли ту ҳангоми назми лотъҷл

شکوه فضل تو هنگام نظم لاتعجل

зи баси қўоФии ҷзлу зи баси маъонии бикр

ز بس قوافی جزل و ز بس معانی بکر

Ки гоҳ назм шавад гирди табъи ман муҷмал

که گاه نظم شود گرد طبع من مجمل

Ҳаме надонам то чун даҳуми суханро назм

همی ندانم تا چون دهم سخن را نظم

Кадоми бандам ки дар мадҳи ту ба кори аввал

کدام بندم که در مدح تو به کار اول

Равад зи баҳри мдиҳи ту ҳар ду ҷинсӣ ро

رود ز بهر مدیح تو هر دو جنسی را

Ҳазор гӯнаи хусумати ҳазор навъи ҷадал

هزار گونه خصومت هزار نوع جدل

Агар миёнаи нҷстии зи корҳо дониш

اگر میانه نجستی ز کارها دانش

Ки ҳар чаҳ бигузашт аз эътидол шуд мухтал

که هر چه بگذشت از اعتدال شد مختل

Бидон ҳақиқат ҳар хидматӣ ки сохтмӣ

بدان حقیقت هر خدمتی که ساختمی

Ҳазор байтӣ будӣ як қасидаи ақал

هزار بیتی بودی یک قصیده اقل

Туро ба тозӣ аз баҳри он сано накунам

تو را به تازی از بهر آن ثنا نکنم

Ки ҳаст як як аз он навъи ноқису мътл

که هست یک یک از آن نوع ناقص و معتل

Ба маҷлиси ту санои ман он чунон бояд

به مجلس تو ثنای من آن چنان باید

Ки аз ғароиб ва бидъат бидон зананд мисл

که از غرایب و بدعت بدان زنند مثل

Азиз будӣ назд ту ин маъонии бикр

عزیز بودی نزد تو این معانی بکر

Агар набӯдӣ ин лафзҳои мустаъмал

اگر نبودی این لفظ های مستعمل

Ба мусталаҳи ҳамаи алфози он бадал кунамӣ

به مصطلح همه الفاظ آن بدل کنمی

Агар ниФтдии алфозро фасоду халал

اگر نیفتدی الفاظ را فساد و خلل

Дар он ҳаме нагарм коФридгори ҷаҳон

در آن همی نگرم کآفریدگار جهان

Бдошти сӯрат бар ҷой ва рӯҳ кард бадал

بداشت صورت بر جای و روح کرد بدل

Ҳамеша то набӯд хокро фурӯғи асир

همیشه تا نبود خاک را فروغ اثیر

Ҳамеша то набӯд моҳро улувва Зуҳал

همیشه تا نبود ماه را علو زحل

Ба оби давлати ту ранг дода боди вуҷӯҳ

به آب دولت تو رنگ داده باد وجوه

Ба хоки даргаи ту серума карда боди мқл

به خاک درگه تو سرمه کرده باد مقل

Ба коми хеши расмгар ба ман расонии зуд

به کام خویش رسم گر به من رسانی زود

Барисам ҳар соли он ҳарфи охирин ҷамал

برسم هر سال آن حرف آخرین جمل