Ниҳоди зулфи ту бар маи зи кибру нози қадам

نهاد زلف تو بر مه ز کبر و ناز قدم

Крости даст бар он машки гавани ғолияи шам

کراست دست بر آن مشک گون غالیه شم

Чу буд оризи ту лолаи табиии ранг

چو بود عارض تو لاله طبیعی رنگ

Магар намӯд марои анбари табиии хам

مگر نمود مرا عنبر طبیعی خم

Баҳорӣ рӯй ту аз зулфи ту фузун гашта сет

بهاری روی تو از زلف تو فزون گشته ست

Баҳоии дебои оре фузун шавад зи илм

بهای دیبا آری فزون شود ز علم

зи хӯни дилҳо хаттӣ навишт хомаи ҳасан

ز خون دلها خطی نوشت خامه حسن

Ки он ба ҳалқа ва холаст муъаррабу мӯъҷам

که آن به حلقه و خالست معرب و معجم

з зм ниҳоданд аъробаш аз чаҳ шуд мксўр

ز ضم نهادند اعرابش از چه شد مکسور

Ба ҷузам карданд ӯро чаро буд мдғм

به جزم کردند او را چرا بود مدغم

Туро сифат ба ма ва гул накард ёрам аз онк

تو را صفت به مه و گل نکرد یارم از آنک

Маати з ҷамъ убайдасту гули зхили хадам

مهت ز جمع عبیدست و گل زخیل خدم

Шикебу сабрам дар дили нигар ки рӯз ва шабаст

شکیب و صبرم در دل نگر که روز و شبست

Яке фузун нашавад то яке нагардад кам

یکی فزون نشود تا یکی نگردد کم

Чу пар шавад ба димоғами зи туфи ишқи бухор

چو پر شود به دماغم ز تف عشق بخار

зи абри чашм фурӯд оядам чу борони нам

ز ابر چشم فرود آیدم چو باران نم

Стоми шабро хайрӣ кунад ба тарафи сиришк

ستام شب را خیری کند به طرف سرشک

Чу зер зин кашад ӯ пушти бораи адҳам

چو زیر زین کشد او پشت باره ادهم

Ҳаме ба ҳайрату ҳасрати занами дамӣ ки занам

همی به حیرت و حسرت زنم دمی که زنم

Аз онкии бози пасини дами гумон барам ки занам

از آنکه باز پسین دم گمان برم که زنم

Вагар дилами зи дами сарди гарм гашт равост

وگر دلم ز دم سرد گرم گشت رواست

На сард бошад дар гарми кӯраҳо ҳар дам

نه سرد باشد در گرم کوره ها هر دم

Агар дижам шудам аз рӯзгор ғам нахӯрам

اگر دژم شدم از روزگار غم نخورم

Ки зуди давлати хоҷа маро кунад хуррам

که زود دولت خواجه مرا کند خرم

Имоди давлати бўсъди мояи ҳамаи саъд

عماد دولت بوسعد مایه همه سعد

Ки ҳадяаст зи гардуну тӯҳфаи олам

که هدیه است ز گردون و تحفه عالم

Мзои азмаш бар рӯй боди басти ҷиноҳ

مضای عزمش بر روی باد بست جناح

Саботи ҳзмш дар мағзи кӯҳи кӯфти қадам

ثبات حزمش در مغز کوه کوفت قدم

Зиҳӣ фурӯхтау афрохта чу меҳру сипеҳр

زهی فروخته و افراخته چو مهر و سپهر

Баннои малик ба ҳади ҳисому нӯки қалам

بنای ملک به حد حسام و نوک قلم

Туе ки родӣу инсофи ту бикунад ва бибаст

تویی که رادی و انصاف تو بکند و ببست

Ба моли чашми ниёз ва ба адли дасти ситам

به مال چشم نیاز و به عدل دست ستم

Дайм ба ҷӯад чу сано гуфт кафи роди ту буд

دیم به جود چو ثنا گفت کف راد تو بود

Ду баҳра беш набошад ҳамеша ҳамаи зи дайм

دو بهره بیش نباشد همیشه همه ز دیم

Бар ошкор ва ниҳон воқифаст хотири ту

بر آشکار و نهان واقفست خاطر تو

Ки раҳнамоӣ вуҷӯдасту пешвои адам

که رهنمای وجودست و پیشوای عدم

Буд забонӣ ва ҳастат садафи замонаи балӣ

بود زبانی و هستت صدف زمانه بلی

Ту бӯдае ғараз аз гавҳар банӣ одам

تو بوده ای غرض از گوهر بنی آدم

Ба пеши нури замири ту маликро мзлм

به پیش نور ضمیر تو ملک را مظلم

Ба назд ҳали баёни ту чархро мубҳам

به نزد حل بیان تو چرخ را مبهم

Чу ҳаст зиди худованди толеъи ту ба табъ

چو هست ضد خداوند طالع تو به طبع

Зуҳали натиҷаи навҳаи сету модари мотам

زحل نتیجه نوحه ست و مادر ماتم

Чигуна бошад зиндаи мухолифи ту аз онк

چگونه باشد زنده مخالف تو از آنک

Фусурдаи гашташ дар тани зи ҳавли кини ту дам

فسرده گشتش در تن ز هول کین تو دم

Нсохтндӣ дар тани чаҳор душмани зид

نساختندی در تن چهار دشمن ضد

Агар нагаштӣ меҳри ту дар миёнаи ҳукм

اگر نگشتی مهر تو در میانه حکم

Ба аррагар зи сараш то қадами фурӯди оранд

به اره گر ز سرش تا قدم فرود آرند

Ду нима гардад зу ночакидаи хӯн чу бқм

دو نیمه گردد زو ناچکیده خون چو بقم

Чунонкии меҳри дирам божгўнаҳ дорад нақш

چنانکه مهر درم باژگونه دارد نقش

Дурусти хезади азуи гоҳи зарби нақши дирам

درست خیزد ازو گاه ضرب نقش درم

Шигифт нест азин табъи сусти каж ки марост

شگفت نیست ازین طبع سست کژ که مراست

Ҳамаи маноқиби ту рост ояду муҳкам

همه مناقب تو راست آید و محکم

Ҳаме ба васф ту ҷунбад замирами андари дил

همی به وصف تو جنبد ضمیرم اندر دل

Ҳаме ба мадҳ ту гардад забонами андари Фм

همی به مدح تو گردد زبانم اندر فم

Ҳамеша то зи аду дар ъқуд ҳаст нишон

همیشه تا ز عدو در عقود هست نشان

Ҳамеша то зи тамаъ бар табоиъаст рақам

همیشه تا ز طمع بر طبایعست رقم

Нишотро ба дилу давлати ту боди умед

نشاط را به دل و دولت تو باد امید

Умедро ба сари ҳиммати ту боди қисм

امید را به سر همت تو باد قسم

Самоҳати ту мисл гашта чун сахои араб

سماحت تو مثل گشته چون سخای عرب

Кифояти ту смр гашта чун дҳои аҷам

کفایت تو سمر گشته چون دهای عجم

Ба шукру мадҳати ту тез гашта табъу забон

به شکر و مدحت تو تیز گشته طبع و زبان

Ба молу неъмати ту сайр карда ози шикам

به مال و نعمت تو سیر کرده آز شکم