Худои ъзу ҷл дар азали ниҳоди чунон

خدای عز و جل در ازل نهاد چنان

Ки ҷумла аз ду Муҳамад буд салоҳи ҷаҳон

که جمله از دو محمد بود صلاح جهان

зи як Муҳамад гардад замонаи осӯда

ز یک محمد گردد زمانه آسوده

зи як Муҳамад бошад шариъати ободон

ز یک محمد باشد شریعت آبادان

Муҳамади қршӣу Муҳамади беҳруз

محمد قرشی و محمد بهروز

Ки ёфт ъзу шарафи дайну малики азин ва аз он

که یافت عز و شرف دین و ملک ازین و از آن

Вазири зодаи вазирӣ ки аз фунуну ҳунар

وزیر زاده وزیری که از فنون و هنر

зи васфу наъташи оҷиз буд баён ва бенон

ز وصف و نعتش عاجز بود بیان و بنان

Каминаи моя аз табъ ӯст баҳри муҳӣт

کمینه مایه از طبع اوست بحر محیط

Кҳинаҳи поя аз қадар ӯст чархи каён

کهینه پایه از قدر اوست چرخ کیان

Зиҳӣ ба ҷоҳи ту маъмури каъбаи давлат

زهی به جاه تو معمور کعبه دولت

Зиҳӣ ба садри ту мансӯби қиблаи эҳсон

زهی به صدر تو منسوب قبله احسان

Туе ки чашми вазорат чу ту надид вазир

تویی که چشم وزارت چو تو ندید وزیر

Туе ки лафзи кифоят чу ту надонад нишон

تویی که لفظ کفایت چو تو نداند نشان

Зада шикваи ту дар шарқу ғарби лашкаргоҳ

زده شکوه تو در شرق و غرب لشکرگاه

Фиканда амни ту дар бару баҳри шодравон

فکنده امن تو در بر و بحر شادروان

Хитобҳои туро даҳр барниҳод ба сар

خطابهای تو را دهر برنهاد به سر

Мисолҳои туро бози бастаи малик ба ҷон

مثال های تو را باز بسته ملک به جان

Фурӯғи адли ту айёми маликро хуршед

فروغ عدل تو ایام ملک را خورشید

Мзои азми ту даъвии маликро бурҳон

مضای عزم تو دعوی ملک را برهان

Ҳазор дарё ҷўдӣ нишаста дар маҷлис

هزار دریا جودی نشسته در مجلس

Ҳазор олам фазлӣ нишаста дар айвон

هزار عالم فضلی نشسته در ایوان

Бар атои ту бисёр ҷамъи даҳри андак

بر عطای تو بسیار جمع دهر اندک

Бар зкои ту душвори ҳукми чархи осон

بر ذکای تو دشوار حکم چرخ آسان

Ба мкрмт ҳо додаст сирати ту зуҳӯр

به مکرمت ها دادست سیرت تو ظهور

Ба орзӯҳо кардаст ҳиммати ту змон

به آرزوها کردست همت تو ضمان

Влўъи ту ба сахо мумкинаст ва наздикаст

ولوع تو به سخا ممکنست و نزدیکست

Ки аз айёри зар ва сим бификанад ҳамлон

که از عیار زر و سیم بفکند حملان

зи ту пазиради кайвони саодати брҷис

ز تو پذیرد کیوان سعادت برجیس

з ту сетанд брҷиси рифъати кайвон

ز تو ستاند برجیس رفعت کیوان

Зиёи зеҳн ту зояд зи чашмаи хуршед

ضیاء ذهن تو زاید ز چشمه خورشید

Насими халқи ту хезади зи равзаи ризвон

نسیم خلق تو خیزد ز روضه رضوان

Броъти ту хирадро ҳаме диҳад ёрӣ

براعت تو خرد را همی دهد یاری

Саховати ту амлро ҳаме кунад меҳмон

سخاوت تو امل را همی کند مهمان

Камолро ба дҳоءи ту тез шуд бозор

کمال را به دهاء تو تیز شد بازار

Ниёзро зи атоӣ ту кунад шуд дандон

نیاز را ز عطای تو کند شد دندان

Ҳунар надид дар айёми ту Фтўру халал

هنر ندید در ایام تو فتور و خلل

Ситам наёфт зи инсофи ту наҷоту амон

ستم نیافت ز انصاف تو نجات و امان

Кушода дод ту бар захмҳои ҷаври камӣн

گشاده داد تو بر زخم های جور کمین

Кашида бар ту бар кардгоҳ ози камон

کشیده بر تو بر کردگاه آز کمان

Навиштаи сӯрати меҳри ту дар дили иқбол

نوشته صورت مهر تو در دل اقبال

Нишаста лашкари хашми ту дар дами ҳдсон

نشسته لشکر خشم تو در دم حدثان

Фалаки мъолии ҷоҳи туро накарда қиёс

فلک معالی جاه تو را نکرده قیاس

Ҷаҳони маъонии туро поки надидаи карон

جهان معانی تو را پاک ندیده کران

Ҳунари сарои туро рост ёфт чун ислом

هنر سرای تو را راست یافت چون اسلام

Хиради ҳавои туро пок дид чун имон

خرد هوای تو را پاک دید چون ایمان

Ба даҳр бо чу ту довари куҷо буд мазлӯм

به دهر با چو تو داور کجا بود مظلوم

Ба малик бо чу ту меъмор кӣ шавад вайрон

به ملک با چو تو معمار کی شود ویران

Ба ҳишмати ту ҷаҳон шуд чунонкии боди чунин

به حشمت تو جهان شد چنانکه باد چنین

Ки ҳоҷатӣ набӯд беш теғро ба Фсон

که حاجتی نبود بیش تیغ را به فسان

Зиҳи гиребон тавқаст гардани он ро

زه گریبان طوق است گردن آن را

Ки пои беруни оради зи домани исён

که پای بیرون آرد ز دامن عصیان

Масоъии ту дар шару хайри басту кушод

مساعی تو در شر و خیر بست و گشاد

Ба теғи соъиқаи ангезу калаки фитнаи нишон

به تیغ صاعقه انگیز و کلک فتنه نشان

Фарии зи пўиаҳи он банде ки банди фалак

فری ز پویه آن بندیی که بند فلک

Шавад кушода чу берун гузорадаш зиндон

شود گشاده چو بیرون گذاردش زندان

Ба ранги барг хазон гашта аз хазону баҳор

به رنگ برگ خزان گشته از خزان و بهار

Даванда бо се муваккил ба ҳам чу боди хазон

دونده با سه موکل به هم چو باد خزان

Ба ду забонӣ машҳур гашта бе тӯҳмат

به دو زبانی مشهور گشته بی تهمت

Ба сар баридан махӯз гашта бе туғён

به سر بریدن مأخوذ گشته بی طغیان

Чу ҷурми даҳри мураккаб шудаи зи зулмату нур

چو جرم دهر مرکب شده ز ظلمت و نور

Чу даври чархи муайян шуда ба суду зиён

چو دور چرخ معین شده به سود و زیان

Ба зиндагонӣу маргии далел халқ шудаст

به زندگانی و مرگی دلیل خلق شدست

Ки таниш перӣ перасту сари ҷавони ҷавон

که تنش پیری پیرست و سر جوان جوان

Чунон гузоради розӣ ки гуядаш хотир

چنان گزارد رازی که گویدش خاطر

Ки гӯши ншнўдши инат ғояти китмон

که گوش نشنودش اینت غایت کتمان

Ба ҳалу ақд ва ба иброму нақз дар кафи ту

به حل و عقد و به ابرام و نقض در کف تو

Ҳамеи тарозад ва созад масолеҳи гиҳон

همی طرازد و سازد مصالح گیهان

Дар он маҳол ки тъўизи ҷон буд шамшер

در آن محال که تعویذ جان بود شمشیر

Дар он мзиқ ки зиндон тан шавад хуфтон

در آن مضیق که زندان تن شود خفتان

Занад зи хоки замин бар ҳавои туфи дӯзах

زند ز خاک زمین بر هوا تف دوزخ

Ҷаҳди зи боди ҳаво бар замини дами събон

جهد ز باد هوا بر زمین دم ثعبان

Сияҳ шавад шаб ва аз ваии шаҳоб теғ кунад

سیه شود شب و از وی شهاب تیغ کند

Мисоли мардумаки чашми сӯрати шайтон

مثال مردمک چشم صورت شیطان

Гарон шавад сари мардум ба захмҳои сабк

گران شود سر مردم به زخم های سبک

Сабк шавад дили гардон ба гурзҳои гарон

سبک شود دل گردان به گرزهای گران

Чу барги ларзаи дроФтд ба узвҳои замин

چو برگ لرزه درافتد به عضوهای زمین

Чу серумаи гирди бхизди зи дидаҳои замон

چو سرمه گرد بخیزد ز دیده های زمان

Ба гӯш пар шавад аз кӯси нолаи тундар

به گوش پر شود از کوس ناله تندر

Ба теғи брдмд аз хоки лолаи нӯъмон

به تیغ بردمد از خاک لاله نعمان

Шавад мтўли гӯии замини зи хастаи бадан

شود مطول گوی زمین ز خسته بدن

Шавад мусаттаҳи хами фалаки зи ҷустаи равон

شود مسطح خم فلک ز جسته روان

Чу заҳр гардад дар комҳо луобу даҳан

چو زهر گردد در کام ها لعاب و دهن

Чу мори печад дар ёлҳо дўоли Аннан

چو مار پیچد در یالها دوال عنان

Чунон каз оби шикофади зи оташи дили санг

چنان کز آب شکافد ز آتش دل سنگ

Чунон каз оташи хезади зи оби теғи духон

چنان کز آتش خیزد ز آب تیغ دخان

Ҳисоми равшани рӯз амл кунад тира

حسام روشن روز امل کند تیره

Гарони рикоби ту нарх аҷал кунад арзон

گران رکاب تو نرخ اجل کند ارزان

зи теғу найзаи надории шиквау бгрозӣ

ز تیغ و نیزه نداری شکوه و بگرازی

Чу теғи охтаи қад ва чу найзаи бастаи миён

چو تیغ آخته قد و چو نیزه بسته میان

Бар он ҷаҳандаи пӯяндаи даванда ба табъ

بر آن جهنده پوینده دونده به طبع

Ки дар диранг яқинаст ва дар шитоби гумон

که در درنگ یقین است و در شتاب گمان

Табораки аллоҳ аз он борае ки нисбат кард

تبارک الله از آن باره ای که نسبت کرد

Таниш ба кӯҳи матин ва такаш ба боди вазон

تنش به کوه متین و تکش به باد وزان

Ба ёл гардан дарёбад ӯ ҳидояти даст

به یال گردن دریابد او هدایت دست

Ба пушт ва паҳлу бишносад ӯ ишорати рон

به پشت و پهلو بشناسد او اشارت ران

Чу дасту поиш пргорўор бигушоед

چو دست و پایش پرگاروار بگشاید

Ҳазор доира сӯрат кунад ба як ҷавлон

هزار دایره صورت کند به یک جولان

Барраи ту абрӣ ва бошӣ нишаста бар бодӣ

بره تو ابری و باشی نشسته بر بادی

Казу сунуфи қазоу қадар буд борон

کزو صنوف قضا و قدر بود باران

Ба дасти фаррухати он оби ранги соъиқаи феъл

به دست فرخت آن آب رنگ صاعقه فعل

Каз обаши оташи хезади зи соъиқаи тӯфон

کز آبش آتش خیزد ز صاعقه طوفان

Ҳазор захми з хоиск хӯрд ва пора нашуд

هزار زخم ز خایسک خورد و پاره نشد

Ду пора кард ба як захми тораки санадон

دو پاره کرد به یک زخم تارک سندان

Туе ки қудрату имкони ту дарин гетӣ

تویی که قدرت و امکان تو درین گیتی

Бақо шудасту фанои инат қудрату имкон

بقا شدست و فنا اینت قدرت و امکان

Кам аз баланди маҳали ту чарх бо рифъат

کم از بلند محل تو چرخ با رفعت

Кам аз бузурги атои ту баҳр бе нуқсон

کم از بزرگ عطای تو بحر بی نقصان

Ба базм ва разм кунад саҷдаи базлу бأси ту ро

به بزم و رزم کند سجده بذل و بأس تو را

Равони ҳотами тоӣӣу рустами дастон

روان حاتم طائی و رستم دستان

Ҳамаи ризоӣ ту созад ҳар ончӣ созад бахт

همه رضای تو سازد هر آنچه سازد بخت

Ҳамаи атои туро зебад ончӣ зояд кон

همه عطای تو را زیبد آنچه زاید کان

Ба фахри давлат бар дидаи молади он нома

به فخر دولت بر دیده مالد آن نامه

Ки аз Муҳамад беҳруз бошадаш унвон

که از محمد بهروز باشدش عنوان

Ба бад назар набӯд ҳеҷ дидаро сӯии ту

به بد نظر نبود هیچ دیده را سوی تو

Ки на мижаи ҳама бар пилк ӯ шавад пайкон

که نه مژه همه بر پلک او شود پیکان

Хилоф нест ки андари тани мухолифи ту

خلاف نیست که اندر تن مخالف تو

Чаҳор хилт буд душмани чаҳор арқон

چهار خلط بود دشمن چهار ارکان

Бузурги бор худоё шунидае ба хабар

بزرگ بار خدایا شنیده ای به خبر

Ки аз нўоӣби гетӣ чаҳ дидаам ба аён

که از نوائب گیتی چه دیده ام به عیان

Ба ранҷ будам умрии зи чарх бе ҳанҷор

به رنج بودم عمری ز چرخ بی هنجار

Ба дард мондам қарнии зи чархи нофармон

به درد ماندم قرنی ز چرخ نافرمان

Дили нижандам гум карда роҳ ва ман мондам

دل نژندم گم کرده راه و من ماندم

Чу гмрҳони мтрдд чу бе дилони ҳайрон

چو گمرهان متردد چو بی دلان حیران

Ба танагии андар ҳамхона гашта бо зулмат

به تنگی اندر همخانه گشته با ظلمت

Ба зулмати андар ҳмхўобаҳ гашта бо хизлон

به ظلمت اندر همخوابه گشته با خذلان

Бало фаровон ронадам нагашт бози бало

بلا فراوان راندم نگشت باز بلا

Фиғон фаровон кардам накард суди фиғон

فغان فراوان کردم نکرد سود فغان

зи бас ки дидаи ман рӯй ман бишуст ба об

ز بس که دیده من روی من بشست به آب

Намонад обашу наздик халқ шуд халқон

نماند آبش و نزدیک خلق شد خلقان

Набудам огаҳи комди бишоратии ногуҳ

نبودم آگه کآمد بشارتی ناگه

Маро ба ъотФти шоҳу раҳмати яздон

مرا به عاطفت شاه و رحمت یزدان

Гирифт шуғлами равнақ ки буд бе равнақ

گرفت شغلم رونق که بود بی رونق

Ба боғи мадҳи ту пайваста май занами дастон

به باغ مدح تو پیوسته می زنم دستان

Ҳамаи ҳавоӣ ман онаст кин сипеҳри ду то

همه هوای من آنست کاین سپهر دو تا

Ба эътидоли шабу рӯзро кунад яксон

به اعتدال شب و روز را کند یکسان

Ба бӯстонҳо назми қаллодаи гулбун

به بوستان ها نظم قلاده گلبن

Шавад мувофиқ бо нақши ҳалаи Нитсаон

شود موافق با نقش حله نیسان

Кунад табиати миноу лаълу пирӯза

کند طبیعت مینا و لعل و پیروزه

Ҳар ончӣ абр диҳад дару лؤлؤу марҷон

هر آنچه ابر دهد در و لؤلؤ و مرجان

зи дасти бФти замин кисватӣ кунад кҳсор

ز دست بفت زمین کسوتی کند کهسار

зи коркарди ҳаво зинатӣ занад бустон

ز کارکرد هوا زینتی زند بستان

Барафкананд баҳри кӯҳи дибаҳи шаштар

برافکنند بهر کوه دیبه ششتر

Бгстрнди баҳри дашти мФрши кмсон

بگسترند بهر دشت مفرش کمسان

Чу наварӯсон бояд либосу пероя

چو نوعروسان باید لباس و پیرایه

зи боду абри тану шохи отилу урён

ز باد و ابر تن و شاخ عاطل و عریان

Ба лаҳни булбулу қамарии зи обҳои чу май

به لحن بلبل و قمری ز آبهای چو می

Кунад падеди дили халқи розҳои ниҳон

کند پدید دل خلق رازهای نهان

Барояд абру мсоми ҳаво фурӯ гирад

برآید ابر و مسام هوا فرو گیرد

Чу масти ошиқи домани кашону наъраи занон

چو مست عاشق دامن کشان و نعره زنان

Агар ба об чу обистан гарон бошад

اگر به آب چو آبستن گران باشد

зи баҳри шери сабки бози моляши пистон

ز بهر شیر سبک باز مالیش پستان

Бидон умед ки ӯро ба меҳр шер диҳад

بدان امید که او را به مهر شیر دهد

Шукуфа боз кунад дар чаман ба ҳирси даҳон

شکوفه باز کند در چمن به حرص دهان

Ба қасди ҳазрати ту дар мароҳили орм рӯй

به قصد حضرت تو در مراحل آرم روی

Чу меҳри марҳалаи оради баробари мизон

چو مهر مرحله آرد برابر میزان

Баҳору тобистони ман азм хизматат ёбам

بهار و تابستان من عزم خدمتت یابم

Ҳамаи саломати фасли баҳору тобистон

همه سلامت فصل بهار و تابستان

Ба фахр то бнбўсми замини даргаи ту

به فخر تا بنبوسم زمین درگه تو

Ба ком боз набинам замини ҳндстон

به کام باز نبینم زمین هندستان

Ман ин чунинам ва аз давлати ту маҳрӯмам

من این چنینم و از دولت تو محرومم

Чаҳ ҳиялатаст чаҳ бо бахти сар задан натавон

چه حیلت است چه با بخت سر زدن نتوان

Магари сипеҳрӣ ва ҳастӣ ки бошад аз ту ҳаме

مگر سپهری و هستی که باشد از تو همی

Насиб ҳар каси ризқу насиби ман хизлон

نصیب هر کس رزق و نصیب من خذلان

Набӯдаам ду забони ҳаргиз ва набӯд чу ман

نبوده ام دو زبان هرگز و نبود چو من

Ба хомаи ду забони як тани андарин майдон

به خامه دو زبان یک تن اندرین میدان

Буд ба назмам дар даҳ латифаи сад маънӣ

بود به نظمم در ده لطیفه صد معنی

Буд з гуфта ман як қасидаи даҳ девон

بود ز گفته من یک قصیده ده دیوان

Бигуфт ман нарасад сад ҳазор мадҳати гӯ

بگفت من نرسد صد هزار مدحت گو

Ки ҳаст ровии ман сад ҳазор мадҳат хон

که هست راوی من صد هزار مدحت خوان

Чу ман надории модҳи маро азиз бидор

چو من نداری مادح مرا عزیز بدار

Чу ман надории бандаи марои зи пеши марон

چو من نداری بنده مرا ز پیش مران

Чунонкии хоҳии бинии маро ба ҳар маҷлис

چنانکه خواهی بینی مرا به هر مجلس

Чунонкии хоҳии ёбии мробаҳ ҳар майдон

چنانکه خواهی یابی مرابه هر میدان

Ҳадиси дунон бар ман ба носазо машну

حدیث دونان بر من به ناسزا مشنو

Ки сахт зӯр бимонадам ба толеъ аз бӯҳтон

که سخت زور بماندم به طالع از بهتان

Вазони шаҳиди ҳаёти алооллаҳи алрҳмт

وزان شهید حیات الاالله الرحمت

Ба ман расед фаровони макорими алвон

به من رسید فراوان مکارم الوان

Чигуна мункир ва кофар шавам ба неъмати ту

چگونه منکر و کافر شوم به نعمت تو

Чу гуфта бошам дар сад қасидаи тайон

چو گفته باشم در صد قصیده طیان

Надид кас ки маро буд одати инкор

ندید کس که مرا بود عادت انکار

Надид кас ки маро хост тӯҳмати куфрон

ندید کس که مرا خاست تهمت کفران

Ҳасад кунандаму дармон он надонам ёфт

حسد کنندم و درمان آن ندانم یافت

Ки дид ҳаргизи доруии дард бе дармон

که دید هرگز داروی درد بی درمان

Ҳамеша ранҷаам ва ҳеҷ ранҷи доно ро

همیشه رنجه ام و هیچ رنج دانا را

зи ранҷ ҳо набӯд чун адовати нодон

ز رنج ها نبود چون عداوت نادان

Дуруст ва рост бигуфтам ба раҳмати эзад

درست و راست بگفتم به رحمت ایزد

На рост гуфт мнозъ ба неъмати султон

نه راست گفت منازع به نعمت سلطان

Ҳамеша то буд аз баҳри ҳукми куну фасод

همیشه تا بود از بهر حکم کون و فساد

Ситора дар ҳаракоту сипеҳр дар доварон

ستاره در حرکات و سپهر در داوران

Ситораи вор бар иқболи пеш дастӣ кун

ستاره وار بر اقبال پیش دستی کن

Спҳрўор бар айёми Комронии рон

سپهروار بر ایام کامرانی ران

Ҳамаи мурод ки ҷӯии з чарх ёфта гир

همه مراد که جویی ز چرخ یافته گیر

Ҳамаи нишот ки дории зи чархи сохтаи дон

همه نشاط که داری ز چرخ ساخته دان

Ба табъи давлат бо ҳиммати ту дар байъат

به طبع دولت با همت تو در بیعت

Ба табъи нусрат бо ҳиммати ту дар паймон

به طبع نصرت با همت تو در پیمان

Ба ҳақ ки донад гуфтан чунонкӣ донад гуфт

به حق که داند گفتن چنانکه داند گفت

Саноу мадҳи ту масъӯди съдбни салмон

ثنا و مدح تو مسعود سعدبن سلمان

Баҳор гардад базмат чу ин қасидаи хуш

بهار گردد بزمت چو این قصیده خوش

Ба лаҳн хонд абўолФтҳи андалеби алҳон

به لحن خواند ابوالفتح عندلیب الحان