Бар ту Сайиди ҳасани дилами сӯзад
بر تو، سید حسن، دلم سوزد
Ки чу ту ҳеҷ ғмгсор надошт
که چو تو هیچ غمگسار نداشت
Тани ман зор бар ту ме нолад
تن من زار بر تو مینالد
Ки танами ҳеҷ чун ту ёр надошт
که تنم هیچ چون تو یار نداشت
Зон туро хок дар канор гирифт
زان تو را خاک در کنار گرفت
Ки чу ту шоҳ дар канор надошт
که چو تو شاه در کنار نداشت
Зон аҷали ихтиёри ҷон ту кард
زان اجل اختیار جان تو کرد
Ки ба аз ҷонат ихтиёр надошт
که به از جانت اختیار نداشت
Зон бикуштат қазо ки бар сари ту
زان بکشتت قضا که بر سر تو
Дасти ҷади ту зулфиқор надошт
دست جد تو ذوالفقار نداشت
Ҳам ба маргии фигори боди танӣ
هم به مرگی فگار باد تنی
Ки дилаши марги ту фигор надошт
که دلش مرگ تو فگار نداشت
эй ғарибии куҷои мусӣбати ту
ای غریبی کجا مصیبت تو
Ҳеҷ донои ғариб вор надошт
هیچ دانا غریبوار نداشت
эй азизӣ ки дар ҳамаи аҳвол
ای عزیزی که در همه احوال
Ҷони ман дӯстят хор надошт
جان من دوستیت خوار نداشت
Теғи мардонагӣати занг назд
تیغ مردانگیت زنگ نزد
Гули озодагӣат хор надошт
گل آزادگیت خار نداشت
Оби меҳри туро хлоб набӯд
آب مهر تو را خلاب نبود
Оташи хашми ту шарор надошт
آتش خشم تو شرار نداشت
Ҳеҷ майдони фазлу мураккаби ақл
هیچ میدان فضل و مَرکب عقل
Дар кифоят чу ту савор надошт
در کفایت چو تو سوار نداشت
Ман шиносам ки чархи хок нигор
من شناسم که چرخ خاکنگار
Чун суханҳои ту нигор надошт
چون سخنهای تو نگار نداشت
Ба хатои хотират кажӣ нагирифт
به خطا خاطرت کژی نگرفت
Аз ҷафои табъи ту ғубор надошт
از جفا طبع تو غبار نداشت
Нагирифт айёри асири фалак
نگرفتت عیار اثیر فلک
Ки магари бута айёр надошт
که مگر بوتهٔ عیار نداشت
Сӣ нашуд соли умри ту виҳк
سی نشد سالِ عمرِ تو ویحک
Соли зоди туро шумор надошт
سال زاد تو را شمار نداشت
Ин қадар дод чун туеро умр
اینقَدَر داد چون تویی را عمر
Шарми бодаш ки шарм ва ор надошт
شرم بادش که شرم و عار نداشت
Бораи умр ту биҷуст аирок
بارهٔ عمر تو بجَست ایراک
Чун ки дар так шуд ӯ қарор надошт
چون که در تک شد او قرار نداشت
Чун биногваши ту изор надид
چون بناگوش تو عذار ندید
Кӯи зи машки сияҳ изор надошт
کو ز مشک سیه عذار نداشت
Бднёрст кард бо ту фалак
بد نیارست کرد با تو فلک
То марои андарин ҳисор надошт
تا مرا اندر این حصار نداشت
Тани ман чун ҷудо шуд аз бар ту
تن من چون جدا شد از برِ تو
Оҷиз омад ки дастёр надошт
عاجز آمد که دستیار نداشت
Дилам аз маргат эътибор гирифт
دلم از مرگت اعتبار گرفت
Ки азин меҳнат эътибор надошт
که از این محنت اعتبار نداشت
Ҳеҷ рӯзӣ ба шаб нашуд ки маро
هیچ روزی به شب نشد که مرا
Номаи ту дар интизор надошт
نامهٔ تو در انتظار نداشت
Гӯшами аввал ки ин хабар башнавад
گوشم اول که این خبر بشنود
Ба равонат ки устувор надошт
به روانت که استوار نداشت
Зори масъӯд аз он ҳаме гиряд
زار مسعود از آن همی گرید
Ки ба ҳақи мотами ту зор надошт
که به حق ماتم تو زار نداشت
Мотам рӯзгор дошта ам
ماتم روزگار داشتهام
Ки дигар чун ту рӯзгор надошт
که دگر چون تو روزگار نداشت
Бораи давлатати зи зини бармеад
بارهٔ دولتت ز زین برمید
Бахтии бахти ту маҳор надошт
بُختیِ بختِ تو مهار نداشت
Ҳамчунинаст одати гардун
همچنین است عادت گردون
Ҳар чаҳ ман гуфтамаш ба кор надошт
هرچه من گفتمش به کار نداشت
Дил бидон хуш кунам ки ҳеҷ касе
دل بدان خوش کنم که هیچ کسی
Дар ҷаҳони умр пойдор надошт
در جهان عمر پایدار نداشت