Шаб омаду ғами ман гашти як ду то фардо
شب آمد و غم من گشت یک دو تا فردا
Чигуна даҳ сад хоҳад шуд ин ъноу бало
چگونه ده صد خواهد شد این عنا و بلا
Чаро хӯрам ғами фардои взон чаҳ андешам
چرا خورم غم فردا وزآن چه اندیشم
Ки нест як шаби ҷони марои умеди бақо
که نیست یک شب جان مرا امید بقا
Чу шамъи зораму сӯзон ва ҳар шабӣ гӯям
چو شمع زارم و سوزان و هر شبی گویم
Намонад хоҳам чун шамъи зинда то фардо
نماند خواهم چون شمع زنده تا فردا
Ҳаме бинолам чун чангу халқро аз ман
همی بنالم چون چنگ و خلق را از من
Ҳаме ба кор наёяд ҷузи ин баланди наво
همی به کار نیاید جز این بلند نوا
Ҳаме кунад саратони вори божгўнаҳ ба табъ
همی کند سرطان وار باژگونه به طبع
Масири наҷми марои божгўнаҳи чархи ду то
مسیر نجم مرا باژگونه چرخ دو تا
Агар зи моҳи вази хуршеди дидагони созам
اگر ز ماه وز خورشید دیدگان سازم
Ба роҳи рости даройам ба сар чу нобӣно
به راه راست درآیم به سر چو نابینا
Заъиф гашта дар ин кӯҳсор бе фарёд
ضعیف گشته در این کوهسار بی فریاد
Ғариби мондаи барин осмон бе паҳно
غریب مانده برین آسمان بی پهنا
Гар ончӣ ҳаст бар ин тан ниҳанд бар кҳсор
گر آنچه هست بر این تن نهند بر کهسار
Вар ончӣ ҳаст дарин дил зананд бар дарё
ور آنچه هست درین دل زنند بر دریا
зи тобиш об шавад дар дар миёни садаф
ز تابش آب شود در در میان صدف
зи ранҷ хӯн шавадӣ лаъл дар дили хоро
ز رنج خون شودی لعل در دل خارا
Маро чун теғ диҳад оби обгуни грўдн
مرا چون تیغ دهد آب آبگون گرودن
Ҳар онгаҳе ки бинолам ба пеш ӯ зи змо
هر آنگهی که بنالم به پیش او ز ظما
Чу теғи неки бтФсондми зи оташи дил
چو تیغ نیک بتفساندم ز آتش دل
Дар об дида кунад ғарқ то ба фарқи маро
در آب دیده کند غرق تا به فرق مرا
Қазо ба ман нарасад зонкаҳ нест аз ман давр
قضا به من نرسد زآنکه نیست از من دور
Нишаста бо ман ҳам зонуӣ манаст ин ҷо
نشسته با من هم زانوی منست این جا
Ба ҳар сипедаи дамӣ ва ба ҳар шабонгоҳӣ
به هر سپیده دمی و به هر شبانگاهی
з назд ман ба замин бар парокананд қазо
ز نزد من به زمین بر پراکنند قضا
зи тобу туфи дамами санги хора хок шудаст
ز تاب و تف دمم سنگ خاره خاک شدست
Дар оби чашмам аз он хоки ?бардамӣади гё
در آب چشمم از آن خاک بردمید گیا
Нбштниро хокистараст дафтари ман
نبشتنی را خاکستر است دفتر من
Чун хомаи нақши ваии ангушт ман кунад пайдо
چون خامه نقش وی انگشت من کند پیدا
Бимонад хоҳад ҷовид каз баландии ҷой
بماند خواهد جاوید کز بلندی جای
На мумкинаст ки биравӣ ҷаҳди шимолу сабо
نه ممکن است که بروی جهد شمال و صبا
Макун шигифти зи гуфтори ман ки нест шигифт
مکن شگفت ز گفتار من که نیست شگفت
Аз ин ки гуфтам андеша кун шигифт чаро
از این که گفتم اندیشه کن شگفت چرا
Амиди мутлақи Мансури бен Саид ки чарх
عمید مطلق منصور بن سعید که چرخ
зи остонаи даргоҳ ӯ ситади боло
ز آستانه درگاه او ستد بالا
Ҷаводи кафии одили дилӣ ки дар қисмат
جواد کفی عادل دلی که در قسمت
зи бухл ва зулм наомад насиб ӯ ало
ز بخل و ظلم نیامد نصیب او الا
Ки ҷоми бода ба соқӣ диҳад ба дасти тиҳӣ
که جام باده به ساقی دهد به دست تهی
Ба теғ сар бузанд калакро накарда хато
به تیغ سر بزند کلک را نکرده خطا
Ба мкрмоти ту даъвӣ агар кунад гардун
به مکرمات تو دعوی اگر کند گردون
Басанда бошад ӯро ду кафи ту ду гўо
بسنده باشد او را دو کف تو دو گوا
Эмоми оламу мутлақи туро шнохтмӣ
امام عالم و مطلق تو را شناختمی
Агар шнохтмии табъи ҷаҳлу асли ҷафо
اگر شناختمی طبع جهل و اصل جفا
Нҳодмии ҳамаи гулро ба халқи ту нисбат
نهادمی همه گل را به خلق تو نسبت
Агар зи гулҳо дрномдии гули раъно
اگر ز گلها درنامدی گل رعنا
Баҳории абр ба кафи ту неки монстӣ
بهاری ابر به کف تو نیک مانستی
Ба раъд агар наздӣ дар замонаи табли сахо
به رعد اگر نزدی در زمانه طبل سخا
Шабӣ ба асли худ аз хор ва аз садафи гул ва дар
شبی به اصل خود از خار و از صدف گل و در
зи рӯзгори баҳорӣу зи офтоби зё
ز روزگار بهاری و ز آفتاب ضیا
зи чархи гардуни Меҳрии зи кӯҳи собити зар
ز چرخ گردون مهری ز کوه ثابت زر
зи чашми абри сиришкии зи ҳади теғи мзо
ز چشم ابر سرشکی ز حد تیغ مضا
Дурусту рости сифот ту гӯям ва на шигифт
درست و راست صفات تو گویم و نه شگفت
Дурусту рости шунидани зи мардуми шайдо
درست و راست شنیدن ز مردم شیدا
Шигифт аз онкии ҳамаи мағзи ман муҳаббат туаст
شگفت از آنکه همه مغز من محبت توست
Ар онкии кӯҳ рсиласт мрмро ба садо
ار آنکه کوه رسیل است مرمرا به صدا
Чун ман ба суннат дар итоат ту дорам тан
چون من به سنت در اطاعت تو دارم تن
Фазойили ту ба ман бар фариза кард сано
فضایل تو به من بر فریضه کرد ثنا
Длирўори ҳамеи васф ту наёрам гуфт
دلیروار همی وصف تو نیارم گفت
зи куфри тарсам зеро ки нестат ҳамто
ز کفر ترسم زیرا که نیستت همتا
Чаҳ рӯз бошад конҷоаҳ созадат гардун
چه روز باشد کانجاه سازدت گردون
Ки ман даройам ва гӯям туро сано ба сазо
که من درآیم و گویم تو را ثنا به سزا
Маро нагӯйӣ аз ингуна чанд хоҳам дид
مرا نگویی از اینگونه چند خواهم دید
Сипеду чанги зи рӯзу зи шаби замини зи ҳаво
سپید و چنگ ز روز و ز شب زمین ز هوا
Фалак ба даврони гуҳи Асияу гуҳи дулоб
فلک به دوران گه آسیا و گه دولاب
Замини зи гардуни гуҳи каҳрабои гуҳи мино
زمین ز گردون گه کهربا گه مینا
Ҳаме чаҳ гӯям ва донам ҳамеи куҷои байнам
همی چه گویم و دانم همی کجا بینم
Ман ончӣ гӯям инаст одати шуъаро
من آنچه گویم اینست عادت شعرا
Дуои ман зи ду лаби росттар ҳаме нашавад
دعای من ز دو لب راست تر همی نشود
Бидон сабаб ки расидам ба ҷойгоҳи дуо
بدان سبب که رسیدم به جایگاه دعا
зи баси баландии зилли замин ба ман нарасад
ز بس بلندی ظل زمین به من نرسد
Наам сипед сабоҳаст ва на сиёҳи мсо
نه ام سپید صباح است و نه سیاه مسا
Мадор чарх кунад огаҳами зи лайл ва наҳор
مدار چرخ کند آگهم ز لیل و نهار
Масири чарх хабар гуядам зи сиФу што
مسیر چرخ خبر گویدم ز صیف و شتا
Нигар ба дида чигуна намоядами хуршед
نگر به دیده چگونه نمایدم خورشید
Чу офтоби намояди маро ба дидаи сҳо
چو آفتاب نماید مرا به دیده سها
Гар истионату роҳати ҷуз аз ту хўостмӣ
گر استعانت و راحت جز از تو خواستمی
Ду чангро здмӣ дар камаргаҳи ҷавзо
دو چنگ را زدمی در کمرگه جوزا
Ҳамеша бодӣ бар ҷой то ҳамеша буд
همیشه بادی بر جای تا همیشه بود
Ба ҷои маркази ғброу гунбади хзро
به جای مرکز غبرا و گنبد خضرا
Чу чархи маркази ҷоҳи туро шитобу сукӯн
چو چرخ مرکز جاه تو را شتاب و سکون
Чу табъи оташи раъии туро сенау зё
چو طبع آتش رأی تو را سنا و ضیا