Чун маниро фалаки бёзорд

چون منی را فلک بیازارد

Хирадаш бе хиради нингорд

خردش بی خرد نینگارد

Ҳар замонӣ чу реги ташнаи терм

هر زمانی چو ریگ تشنه ترم

Гарчи бар ман чу абри ғами борад

گرچه بر من چو ابر غم بارد

Чун биФсоидм чу мори ғамӣ

چون بیفسایدم چو مار غمی

Бар дили ман чу мор бигуморад

بر دل من چو مار بگمارد

То танами хок меҳнатӣ нашавад

تا تنم خاک محنتی نشود

Ба дигар меҳнатяш бисипорад

به دگر محنتیش بسپارد

Андар он тангем ки ваҳшат ӯ

اندر آن تنگیم که وحشت او

Ҷону дилро ҳамеи биФшорд

جان و دل را همی بیفشارد

Розӣам гарчи ҳавли дидораш

راضیم گرچه هول دیدارش

Дидаи ман ба хор май хорад

دیده من به خار می خارد

Каз наҳифаши ҳамеи қазоу бало

کز نهیبش همی قضا و بلا

Бар дар ӯ гузашт кам ёрад

بر در او گذشت کم یارد

Сақфи ин симиҷи ман сиёҳ шабӣ аст

سقف این سمج من سیاه شبی است

Ки ду дида ба дӯдаи анборад

که دو دیده به دوده انبارد

Рӯз ҳар кас ки равзанаш бинад

روز هر کس که روزنش بیند

Ахтарии сахти хиради пиндорад

اختری سخت خرد پندارد

Гар ду қатра ба ҳам буд борон

گر دو قطره به هم بود باران

Ҷузи якеро ба зер нагузорад

جز یکی را به زیر نگذارد

Чашми азуи нгслм ки дар танагӣ

چشم ازو نگسلم که در تنگی

Ба дилами нек нисбатӣ дорад

به دلم نیک نسبتی دارد

Шеър гӯям ҳаме ваанда дил

شعر گویم همی و انده دل

Хотирами ҷуз ба шеъри нгсорд

خاطرم جز به شعر نگسارد

Ин ҷаҳонро ба назм шох занад

این جهان را به نظم شاخ زند

Ҳар чаҳ дар боғи табъи ман корд

هر چه در باغ طبع من کارد

Аз фалак тнгдл машав масъӯд

از فلک تنگدل مشو مسعود

Гар фаровони туро бёзорд

گر فراوان تو را بیازارد

Бад миндиш сар чу сарв барор

بد میندیش سر چو سرو برآر

Гар ҷаҳон бар сарати фурӯди орад

گر جهان بر سرت فرود آرد

Ҳақ нахуфта сети бенгарӣ рӯзӣ

حق نخفته ست بنگری روزی

Ки ҳақи ту тамоми бгзорд

که حق تو تمام بگزارد