эй бузургӣ ки ҳасани рои ту ро

ای بزرگی که حسن رای تو را

Ҳар замон бар ман астноъӣ наваст

هر زمان بر من اصطناعی نوست

Абри кафи ту тунд ва пар гуҳараст

ابر کف تو تند و پر گهرست

Баҳри фазли ту жарфу пари лؤлؤст

بحر فضل تو ژرف و پر لؤلؤست

Дили шодат чу ақл бе зллст

دل شادت چو عقل بی زللست

Кафи родат чу илм бе оҳӯаст

کف رادت چو علم بی آهوست

Ҷузи ту аз меҳтарони хитоб ки кард

جز تو از مهتران خطاب که کرد

Бандаи хешро бародару дӯст

بنده خویش را برادر و دوست

Ҳам раг ва пӯст хондем шояд

هم رگ و پوست خواندیم شاید

Венаи тмсли з рӯй ақл накӯаст

وین تمثل ز روی عقل نکوست

Зонкаҳ чун хӯн ва устихон шуд табъ

زآنکه چون خون و استخوان شد طبع

Мари марои хизмати ту дар рагу пӯст

مر مرا خدمت تو در رگ و پوست

Гар марои ҷону дили зи хизмати ту

گر مرا جان و دل ز خدمت تو

Солу ма бо сафо ва бо неруаст

سال و مه با صفا و با نیروست

Чун тахаллуф кунам зи хизмати ту

چون تخلف کنم ز خدمت تو

Ки марои асл зиндагонӣ ӯст

که مرا اصل زندگانی اوست

Ёди пуштами зи бори ранҷи ду тоа

یاد پشتم ز بار رنج دو تاه

Гарна дар меҳри ту дилами иктўст

گرنه در مهر تو دلم یکتوست

Тарбият кардем ба назм ва ту ро

تربیت کردیم به نظم و تو را

Тарбият кардан чу ман кас хуаст

تربیت کردن چو من کس خوست

Он қасида ба ҷанби ин қитъа

آن قصیده به جنب این قطعه

Рости гӯйӣ ки номаи маънусат

راست گویی که نامه مانوست