Рошид аз рушд рӯзгор наёфт
راشد از رشد روزگار نیافت
Рушд аз ингуна бас фаровон кард
رشد از اینگونه بس فراوان کرد
Тан ӯро ки ҷони дониш буд
تن او را که جان دانش بود
Фалаки ҷони рубой беҷон кард
فلک جان ربای بی جان کرد
Гавҳарӣ буд рашкаш омад азу
گوهری بود رشکش آمد ازو
Дар дили хок аз оташ пинҳон кард
در دل خاک از آتش پنهان کرد
эй бародар чигуна шарҳи диҳем
ای برادر چگونه شرح دهیم
Ончӣ бар мо сипеҳр гардон кард
آنچه بر ما سپهر گردان کرد
Ҳар зиёрати зи молу ҷоҳ ки буд
هر زیارت ز مال و جاه که بود
Мо ду танро ба қаҳр нуқсон кард
ما دو تن را به قهر نقصان کرد
Дили мо худ зи ҳабси бирён буд
دل ما خود ز حبس بریان بود
Дидаи мо зи дарди гирён буд
دیده ما ز درد گریان بود
Солеҳии доштам ки шер накард
صالحی داشتم که شیر نکرد
Ончӣ ӯ солҳо ба майдон кард
آنچه او سالها به میدان کرد
Чун ҳаме дид кори ман душвор
چون همی دید کار من دشوار
Кори худро ба марг осон кард
کار خود را به مرگ آسان کرد
Рошидӣ доштӣ ту фарзандӣ
راشدی داشتی تو فرزندی
Ки ҳамаи кори ту ба сомон кард
که همه کار تو به سامان کرد
Дар рабӯдаши зи ту замонаи дун
در ربودش ز تو زمانه دون
То туро мустаманд ва ҳайрон кард
تا تو را مستمند و حیران کرد
Бад наёраст кард чархи бадв
بد نیارست کرد چرخ بدو
То туро дар наҳуфта зиндон кард
تا تو را در نهفته زندان کرد
Зонка донист кин чунин феълӣ
زانکه دانست کاین چنین فعلی
Бо ту ҷузи пой баста натавон кард
با تو جز پای بسته نتوان کرد
Ту бар он рошиди он ҷазаъ кардӣ
تو بر آن راشد آن جزع کردی
Ки ҳамаи каси ҳикоят он кард
که همه کس حکایت آن کرد
Достонӣ шуд ончӣ бар солеҳ
داستانی شد آنچه بر صالح
Бози масъӯди саъд салмон кард
باز مسعود سعد سلمان کرد