Қавлаи таъолӣ :у ъндаҳи мФотҳи алғиб ва бнздик ӯст ганҷҳои ғайби лои иълмҳои إло ҳў надонад онро магар ӯу иълми мо фии албру албҳр ва медонад ҳар чаҳ дар хушкаст ва ҳар чаҳ дар об ва мо тсқти ман варақау бниўФтди баррагӣ аз шохии إлои иълмҳо магар медонад онроу лои ҳубаи фии зулмоти алأрз ва на тухмӣ дар торикӣҳои замин ӯ канда ё афтода ки раст ё нарасту лои рутабу лои ёбс ва на ҳеҷтарӣ ва на ҳеҷ хушкии إлои фии китоби мубин ( 59 ) магар дар номае пайдоу пайдокунанда .
قوله تعالی: وَ عِنْدَهُ مَفاتِحُ الْغَیْبِ و بنزدیک اوست گنجهای غیب لا یَعْلَمُها إِلَّا هُوَ نداند آن را مگر او وَ یَعْلَمُ ما فِی الْبَرِّ وَ الْبَحْرِ و میداند هر چه در خشک است و هر چه در آب وَ ما تَسْقُطُ مِنْ وَرَقَةٍ و بنیوفتد برگی از شاخی إِلَّا یَعْلَمُها مگر میداند آن را وَ لا حَبَّةٍ فِی ظُلُماتِ الْأَرْضِ و نه تخمی در تاریکیهای زمین او کنده یا افتاده که رست یا نرست وَ لا رَطْبٍ وَ لا یابِسٍ و نه هیچ تری و نه هیچ خشکی إِلَّا فِی کِتابٍ مُبِینٍ (۵۹) مگر در نامهای پیدا و پیدا کننده.
Ва ҳўи алзии итўФокми боллил ва ӯст ки шуморо мемеронад бшбу иълми мо ҷрҳтми болнҳор ва медонад ончӣ мекардед бурузи сами ибъскми фӣаи он гуҳи шуморо аз он хоб мебарангезанд дар дониши хеши лиқзии أҷли мсмӣ то онкӣ номзад карда шуморо супурда ояд ,у ҳақи умри шумо бшмо гзордаҳ ояд сами إлиаҳи мрҷъкми он гуҳ бо вайаст бозгашти шумо сами инбӣкми бмои кантами тъмлўн ( 60 ) ва пас хабар кунад шуморо бикради шумо ки мекардед .
وَ هُوَ الَّذِی یَتَوَفَّاکُمْ بِاللَّیْلِ و اوست که شما را میمیراند بشب وَ یَعْلَمُ ما جَرَحْتُمْ بِالنَّهارِ و میداند آنچه میکردید بروز ثُمَّ یَبْعَثُکُمْ فِیهِ آن گه شما را از آن خواب میبرانگیزاند در دانش خویش لِیُقْضی أَجَلٌ مُسَمًّی تا آنکه نامزد کرده شما را سپرده آید، و حق عمر شما بشما گزارده آید ثُمَّ إِلَیْهِ مَرْجِعُکُمْ آن گه با وی است بازگشت شما ثُمَّ یُنَبِّئُکُمْ بِما کُنْتُمْ تَعْمَلُونَ (۶۰) و پس خبر کند شما را بکرد شما که میکردید.
Ва ҳўи алқоҳр ва ӯст фурӯи шикананда ва кам оварандаи фавқи ибодаи зибри рҳигони хешу ирсли алайкуми ҳифза ва мефурӯ фиристад бар шумо нигаҳбонон ҳатто إзои ҷоءи أҳдкми аламут то он гуҳ ки баҳри яке аз шумо ояд маргии тўФтаҳ рслно бимиранд ӯро фиристодагони мо ва ҳам лои иФртўн ( 61 ) ва эшон нагузоранд ки вай нафас занад беш аз андоза .
وَ هُوَ الْقاهِرُ و اوست فرو شکننده و کم آورنده فَوْقَ عِبادِهِ زبر رهیگان خویش وَ یُرْسِلُ عَلَیْکُمْ حَفَظَةً و میفرو فرستد بر شما نگهبانان حَتَّی إِذا جاءَ أَحَدَکُمُ الْمَوْتُ تا آن گه که بهر یکی از شما آید مرگی تَوَفَّتْهُ رُسُلُنا بمیراند او را فرستادگان ما وَ هُمْ لا یُفَرِّطُونَ (۶۱) و ایشان نگذارند که وی نفس زند بیش از اندازه.
Сами рдўои إлии аллоҳи он гуҳ боз баранд эшонро бо худои мўлоҳм алҳақ он худованди эшон бар ростӣу сазовории أлои огоҳи беди ?лаи алҳкми вайроаст хосту кори баргузораду ҳўи أсръи алҳосбин ( 62 ) ва ӯст сбкбортри ҳамаи доноёну шуморандагон .
ثُمَّ رُدُّوا إِلَی اللَّهِ آن گه باز برند ایشان را با خدای مَوْلاهُمُ الْحَقِّ آن خداوند ایشان بر راستی و سزاواری أَلا آگاه بید لَهُ الْحُکْمُ وی را است خواست و کار برگزارد وَ هُوَ أَسْرَعُ الْحاسِبِینَ (۶۲) و اوست سبکبارتر همه دانایان و شمارندگان.
Қул ман инҷикм гӯй кист ки мераҳанд шуморо ман зулмоти албру албҳр аз торикӣҳои хушку об ва дармондагӣҳо дар даштҳо ва киштӣҳо ? тдъўнаҳи тзръо ва хФиаҳ мехонед ӯро бзорӣ дар ошкоро ва дар ниҳони лӣни أнҷонои мигўинд : агар бурҳонии моро ман ҳзаҳи азин ки дар он афтодем лнкўнни ман алшокрин ( 63 ) то бошем аз сипос дорон бошем .
قُلْ مَنْ یُنَجِّیکُمْ گوی کیست که میرهاند شما را مِنْ ظُلُماتِ الْبَرِّ وَ الْبَحْرِ از تاریکیهای خشک و آب و درماندگیها در دشتها و کشتیها؟ تَدْعُونَهُ تَضَرُّعاً وَ خُفْیَةً میخوانید او را بزاری در آشکارا و در نهان لَئِنْ أَنْجانا میگویند: اگر برهانی ما را مِنْ هذِهِ ازین که در آن افتادیم لَنَکُونَنَّ مِنَ الشَّاکِرِینَ (۶۳) تا باشیم از سپاس داران باشیم.
Қул аллоҳи инҷикми минҳои гӯй аллоҳ мераҳанд шуморо аз он ва ман кули крб ва аз ҳар тосоиӣ ва ҳар андӯҳии сами أнтми тшркўн ( 64 ) пас он гуҳ аз асбоб бо вай анбоз меоред .
قُلِ اللَّهُ یُنَجِّیکُمْ مِنْها گوی اللَّه میرهاند شما را از آن وَ مِنْ کُلِّ کَرْبٍ و از هر تاسایی و هر اندوهی ثُمَّ أَنْتُمْ تُشْرِکُونَ (۶۴) پس آن گه از اسباب با وی انباز میآرید.
Қул ҳўи алқодри гӯй ӯ тавоноаст алии أни ибъси алайкум бар онкӣ бар шумо ангезади ъзобои ман Фўқкми азобӣ аз зибри шумо أўи ман таҳти أрҷлкм ё азобӣ аз зери пойҳои шумо أўи илбскми шиъо ё шуморо даромезад ва дар ҳам ӯ кунад ҷўки ҷўку изиқи бъзкми бأси баъз ва бичишанд шуморо зӯру ранҷи якдигари анзр Киев насарф алоёти дрнгр чун мегардонем суханони хеш аз рӯй биравӣ лълҳми иФқҳўн ( 65 ) то магар дарёбанд .
قُلْ هُوَ الْقادِرُ گوی او توانا است عَلی أَنْ یَبْعَثَ عَلَیْکُمْ بر آنکه بر شما انگیزد عَذاباً مِنْ فَوْقِکُمْ عذابی از زبر شما أَوْ مِنْ تَحْتِ أَرْجُلِکُمْ یا عذابی از زیر پایهای شما أَوْ یَلْبِسَکُمْ شِیَعاً یا شما را در آمیزد و در هم او کند جوک جوک وَ یُذِیقَ بَعْضَکُمْ بَأْسَ بَعْضٍ و بچشاند شما را زور و رنج یکدیگر انْظُرْ کَیْفَ نُصَرِّفُ الْآیاتِ درنگر چون میگردانیم سخنان خویش از روی بروی لَعَلَّهُمْ یَفْقَهُونَ (۶۵) تا مگر دریابند.
Ва кизб ба қўмку қавми ту онро май дурӯғи шумораду турои ноустувору ҳў алҳақ ва он ростасту дурусти қул лсти алайкуми бўкил ( 66 ) гӯии ман бар шумо корсозу кори тавону кордор наам .
وَ کَذَّبَ بِهِ قَوْمُکَ و قوم تو آن را میدروغ شمارد و ترا نااستوار وَ هُوَ الْحَقُّ و آن راست است و درست قُلْ لَسْتُ عَلَیْکُمْ بِوَکِیلٍ (۶۶) گوی من بر شما کارساز و کار توان و کاردار نهام.
Лкли нбإи мустақари пайдо шудан ҳар бӯданиро ҳангомӣ ҳасту сўФи тълмўн ( 67 )у оре огоҳ шед
لِکُلِّ نَبَإٍ مُسْتَقَرٌّ پیدا شدن هر بودنی را هنگامی هست وَ سَوْفَ تَعْلَمُونَ (۶۷) و آری آگاه شید