Қавлаи таъолӣ : ва ман أзлм ва кист ситамкортар бар худ ммни аФтрии алии аллоҳи кзбо аз он кас ки дурӯғ наад бар худои أўи қоли أўҳии إлӣ ё гуяд ки пайғом карданд бмну лами иўҳи إлиаҳи шайъи ءу буии ҳеҷ пайғом накардаанд ва ман қол ва аз он кас ки гуяд : сأнзл мисли мо أнзли аллоҳи ман қуръон фурӯ фиристам ҳам чунон ки аллоҳ фурӯ фиристоду лутарӣ ва агар ту бинии إзи алзолмўни фии ғмроти аламути он гуҳ ки ситамкорони хештан дар сакарот марг бошанду алмлоӣкаҳи бостўои أидиҳму Фриштгони дастҳо густарда боишон бзхми أхрҷўо أнФскм гӯйанд эшонро ки берун диҳед ҷонҳои хеш . Алиўми тҷзўни имрӯзи он рӯзаст ки подош диҳанд шуморо азоби алҳўни азоби хории бмои кантами тқўлўни алии аллоҳи бончаҳи мигФтид бар худои ғайр алҳақ аз носазоу норосту кантами ани оётаи тсткбрўн ( 93 ) ва аз суханони вай мегардан кашидед .

قوله تعالی: وَ مَنْ أَظْلَمُ و کیست ستمکارتر بر خود مِمَّنِ افْتَری‌ عَلَی اللَّهِ کَذِباً از آن کس که دروغ نهد بر خدای أَوْ قالَ أُوحِیَ إِلَیَّ یا گوید که پیغام کردند بمن وَ لَمْ یُوحَ إِلَیْهِ شَیْ‌ءٌ و بوی هیچ پیغام نکرده‌اند وَ مَنْ قالَ و از آن کس که گوید: سَأُنْزِلُ مِثْلَ ما أَنْزَلَ اللَّهُ من قرآن فرو فرستم هم چنان که اللَّه فرو فرستاد وَ لَوْ تَری‌ و اگر تو بینی إِذِ الظَّالِمُونَ فِی غَمَراتِ الْمَوْتِ آن گه که‌ ستمکاران خویشتن در سکرات مرگ باشند وَ الْمَلائِکَةُ باسِطُوا أَیْدِیهِمْ و فریشتگان دستها گسترده بایشان بزخم أَخْرِجُوا أَنْفُسَکُمُ گویند ایشان را که بیرون دهید جانهای خویش. الْیَوْمَ تُجْزَوْنَ امروز آن روز است که پاداش دهند شما را عَذابَ الْهُونِ عذاب خواری بِما کُنْتُمْ تَقُولُونَ عَلَی اللَّهِ بآنچه میگفتید بر خدای غَیْرَ الْحَقِّ از ناسزا و ناراست وَ کُنْتُمْ عَنْ آیاتِهِ تَسْتَکْبِرُونَ (۹۳) و از سخنان وی می‌گردن کشیدید.

Ва лақади ҷӣтмўнои Фродии бмо ки омадед танҳо ва ягона омадед комаи хлқнокми أўли мара ва чунон ки шуморо аввал офаридем чунон омадеду трктми мо хўлнокми вроءи зҳўркм ва ба пас боз гузоштед ончии шуморо дода будем аз хўлу хадаму ҳашам ва мо нарай мъкм ва намебайнем бо шумо шФъоءкми аллазӣнаи зъмтми он шафиъон ки мегуфтед бдрўғи أнҳми Фикми шурако ки эшон дар шумо бхдоўндӣ анбозонанд лақади тқтъи бинкми он тўослу тъотФи пайванду меҳр ки миёни шумо буд бибареду пораи гашту зли ънкми мо кантами тзъмўн ( 94 ) ончии мигФтиди бдрўғ ки дарин рӯзи шуморо фарёдрасанду ёр .

وَ لَقَدْ جِئْتُمُونا فُرادی‌ بما که آمدید تنها و یگانه آمدید کَما خَلَقْناکُمْ أَوَّلَ مَرَّةٍ و چنان که شما را اوّل آفریدیم چنان آمدید وَ تَرَکْتُمْ ما خَوَّلْناکُمْ وَراءَ ظُهُورِکُمْ و به پس باز گذاشتید آنچه شما را داده بودیم از خول و خدم و حشم وَ ما نَری‌ مَعَکُمْ و نمی‌بینیم با شما شُفَعاءَکُمُ الَّذِینَ زَعَمْتُمْ آن شفیعان که می گفتید بدروغ أَنَّهُمْ فِیکُمْ شُرَکاءُ که ایشان در شما بخداوندی انبازان‌اند لَقَدْ تَقَطَّعَ بَیْنَکُمْ آن تواصل و تعاطف پیوند و مهر که میان شما بود ببرید و پاره گشت وَ ضَلَّ عَنْکُمْ ما کُنْتُمْ تَزْعُمُونَ (۹۴) آنچه میگفتید بدروغ که درین روز شما را فریادرس‌اند و یار.

إни аллоҳи Фолқи алҳб аллоҳаст ки шикофанда тухмасту алнўӣу шикофанда суфоласт то аз ваии дарахт берун ояд ихрҷи алҳии ман алмиту махраҷи алмити ман алҳӣ май беруни оради зинда аз мурдау беруни оранда мурдааст аз зиндаи злкми аллоҳи он худованд шумоаст аллоҳ , ки он мекунад Фأнии тؤФкўн ( 95 ) аз ваии шуморо чун май баргардонанд ! Фолқи алإсбоҳи шикофанда рӯзаст аз шабу ҷаъли аллили скно вакунанда шаби ҷои орому алшмсу алқмри ҳсбоноу хуршеду моҳро шумории сохт злки тақдири алъзизи алълим ( 96 ) он боз андохта ва сохта ӯст ки тавоноӣаст доно .

إِنَّ اللَّهَ فالِقُ الْحَبِّ اللَّه است که شکافنده تخم است وَ النَّوی‌ و شکافنده سفال است تا از وی درخت بیرون آید یُخْرِجُ الْحَیَّ مِنَ الْمَیِّتِ وَ مُخْرِجُ الْمَیِّتِ مِنَ الْحَیِّ می‌بیرون آرد زنده از مرده و بیرون آرنده مرده است از زنده ذلِکُمُ اللَّهُ آن خداوند شما است اللَّه، که آن میکند فَأَنَّی تُؤْفَکُونَ (۹۵) از وی شما را چون می‌برگردانند! فالِقُ الْإِصْباحِ شکافنده روز است از شب وَ جَعَلَ اللَّیْلَ سَکَناً و کننده شب جای آرام وَ الشَّمْسَ وَ الْقَمَرَ حُسْباناً و خورشید و ماه را شماری ساخت ذلِکَ تَقْدِیرُ الْعَزِیزِ الْعَلِیمِ (۹۶) آن باز انداخته و ساخته اوست که توانایی است دانا.

Ва ҳўи алзии ҷаъли лаками алнҷўм ӯ онаст ки шуморо ситорагони офариди лтҳтдўои баҳо то шумо роҳ бурид бони фии зулмоти албру албҳр дар торикии дарёу биёбони қади Фслнои алоёт боз кушодем суханони хеш ва ҳувайдо кардем лқўми иълмўн ( 97 ) эшонро ки майдонанд .

وَ هُوَ الَّذِی جَعَلَ لَکُمُ النُّجُومَ او آنست که شما را ستارگان آفرید لِتَهْتَدُوا بِها تا شما راه برید بآن فِی ظُلُماتِ الْبَرِّ وَ الْبَحْرِ در تاریکی دریا و بیابان قَدْ فَصَّلْنَا الْآیاتِ باز گشادیم سخنان خویش و هویدا کردیم لِقَوْمٍ یَعْلَمُونَ (۹۷) ایشان را که میدانند.

Ва ҳўи алзии أншأкм ва ӯ онаст ки бёФриди шуморо ман нафаси воҳида аз як тани ягонаи Фмстқру муставдиъи он гуҳи гоҳ муставдиъ бошед дар сулби падари бўдиъти ниҳода , гоҳ дар раҳми модари ороми гирифтаи қади Фслнои алоёт боз кушодем суханони хеш ва ошкоро кардем лқўми иФқҳўн ( 98 ) қавмиро ки май дрёўнд .

وَ هُوَ الَّذِی أَنْشَأَکُمْ و او آنست که بیافرید شما را مِنْ نَفْسٍ واحِدَةٍ از یک تن یگانه فَمُسْتَقَرٌّ وَ مُسْتَوْدَعٌ آن گه گاه مستودع باشید در صلب پدر بودیعت نهاده، گاه در رحم مادر آرام گرفته قَدْ فَصَّلْنَا الْآیاتِ باز گشادیم سخنان خویش و آشکارا کردیم لِقَوْمٍ یَفْقَهُونَ (۹۸) قومی را که می‌دریاوند.

Ва ҳўи алзии أнзли ман алсмоءи моء ӯ онаст ки фурӯ фиристод аз осмони обии Фأхрҷно ба то берун оварадем бони наботи кули шайъи ءи рстҳо аз хок аз ҳар чиз Фأхрҷно манеҳ берун оварадем аз он хоки хзрои наботӣ сабз нахарҷ манеҳ май беруни орем аз он хӯшаи сабзи ҳбои мтрокбои тухмӣ бар ҳам нишаста ва дар ҳам руста ва ман алнхл ва аз хурмои бен ман тлъҳо аз мзғи он қнўони шохҳои сар дар оварда дониаҳи наздики бадасти чинндаҳу ҷиноти ман أъноби варзон аз ангурҳоу алзитўну алрмону зайтӯну анори мштбҳо чун ҳам дар рангу лавну ғайри муташобиҳ ва на чун ҳам бтъму завқи анзрўои إлии самараи дрнгриди бмиўаҳи он إзои أсмри он гуҳ ки миваи ораду инъаҳу бпхтну фаро расӣдан он . إни фии злкми лоёт дар он нишонҳои пайдоаст ки кирдигор яктоаст лқўми иؤмнўни гуруҳеро ки мигрўнд .

وَ هُوَ الَّذِی أَنْزَلَ مِنَ السَّماءِ ماءً او آنست که فرو فرستاد از آسمان آبی فَأَخْرَجْنا بِهِ تا بیرون آوردیم بآن نَباتَ کُلِّ شَیْ‌ءٍ رستها از خاک از هر چیز فَأَخْرَجْنا مِنْهُ بیرون آوردیم از آن خاک خَضِراً نباتی سبز نُخْرِجُ مِنْهُ می بیرون آریم از آن خوشه سبز حَبًّا مُتَراکِباً تخمی بر هم نشسته و در هم رسته وَ مِنَ النَّخْلِ و از خرما بن مِنْ طَلْعِها از مزغ آن قِنْوانٌ شاخهای سر در آورده دانِیَةٌ نزدیک بدست چیننده وَ جَنَّاتٍ مِنْ أَعْنابٍ ورزان از انگورها وَ الزَّیْتُونَ وَ الرُّمَّانَ و زیتون و انار مُشْتَبِهاً چون هم در رنگ و لون وَ غَیْرَ مُتَشابِهٍ‌ و نه چون هم بطعم و ذوق انْظُرُوا إِلی‌ ثَمَرِهِ درنگرید بمیوه آن إِذا أَثْمَرَ آن گه که میوه آرد وَ یَنْعِهِ و بپختن و فرا رسیدن آن. إِنَّ فِی ذلِکُمْ لَآیاتٍ در آن نشانهای پیدا است که کردگار یکتا است لِقَوْمٍ یُؤْمِنُونَ گروهی را که میگروند.