Қавлаи таъолӣ :у ҳўи алзии أншأи ҷинот ӯ онаст ки рузҳо офарид ва сохт мърўшот ҳаст аз онкии ҷуфтаи он бастау кори он сохтау ғайри мърўшот ва ҳаст аз онкӣ ӯ канда ва бар надоштау алнхлу алзръу хурмои бенону кишти зори мхтлФои أклаҳи ҷудои ҷудои таъми он мивау алзитўну алрмону зайтӯну анори мтшобҳоҳоам рангу ғайри муташобиҳ ва наҳоам таъми клўои ман самараи михўрид аз мива ва бар он إзои أсмр чун миваи ораду отўои ҳуққау ҳақ он бидиҳед явми ҳсодаҳи рӯзи дрўдни ону лои тсрФўо ва дар газофи ?марвиду андозаи дрмгзориди إнаҳи лои иҳби алмсрФин ( 141 ) ки аллоҳ дӯст надорад газофи коронро .

قوله تعالی: وَ هُوَ الَّذِی أَنْشَأَ جَنَّاتٍ او آنست که رزها آفرید و ساخت مَعْرُوشاتٍ هست از آنکه جفته آن بسته و کار آن ساخته وَ غَیْرَ مَعْرُوشاتٍ و هست از آنکه او کنده و بر نداشته وَ النَّخْلَ وَ الزَّرْعَ و خرما بنان و کشت زار مُخْتَلِفاً أُکُلُهُ جدا جدا طعم آن میوه وَ الزَّیْتُونَ وَ الرُّمَّانَ و زیتون و انار مُتَشابِهاً هام رنگ وَ غَیْرَ مُتَشابِهٍ و نه هام طعم کُلُوا مِنْ ثَمَرِهِ میخورید از میوه و بر آن إِذا أَثْمَرَ چون میوه آرد وَ آتُوا حَقَّهُ و حق آن بدهید یَوْمَ حَصادِهِ روز درودن آن وَ لا تُسْرِفُوا و در گزاف مروید و اندازه درمگذارید إِنَّهُ لا یُحِبُّ الْمُسْرِفِینَ (۱۴۱) که اللَّه دوست ندارد گزاف کاران را.

Ва ман алأнъом ва сохт аз чаҳор поёни ҳмўлаҳи онҳо ки бабор расидаанду корро шоинду Фршо ва аз он бачаҳо ки он низ бабор нарасиданд , ё худ борро ншоинди клўои ммои рзқкми аллоҳи михўрид аз ончии аллоҳи шуморо рӯзӣ доду лои ттбъўои хутувоти алшитон ва бар паии гомҳои деви ?марвиди إнаҳи лаками адуи мубин ( 142 ) ки ӯ шуморо душманӣ ошкороаст .

وَ مِنَ الْأَنْعامِ و ساخت از چهار پایان حَمُولَةً آنها که ببار رسیده‌اند و کار را شایند وَ فَرْشاً و از آن بچه‌ها که آن نیز ببار نرسیدند، یا خود بار را نشایند کُلُوا مِمَّا رَزَقَکُمُ اللَّهُ میخورید از آنچه اللَّه شما را روزی داد وَ لا تَتَّبِعُوا خُطُواتِ الشَّیْطانِ و بر پی گامهای دیو مروید إِنَّهُ لَکُمْ عَدُوٌّ مُبِینٌ (۱۴۲) که او شما را دشمنی آشکارا است.

Смониаҳи أзўоҷи ҳашт то ки чаҳор ҷуфтанд ҳар як завҷи он дигари ман алзأни аснин аз мяши ду , яке нари яке мода ва ман алмъзи аснин ва аз бузи ду , яке нари яке модаи қул эй Муҳамад ! мушриконро гӯии олзкрини ҳарами ду нар ҳаром кард аллоҳи أми алأнсиин ё он ду мода ? أмои аштмлти алайҳи أрҳоми алأнсиин ё ончии раҳм ҳар ду мода бар он муштамиласт аз бачаи нозода низ нбӣўнӣ хабар кунед марои бълми бҳҷтии إни кантами содиқин ( 143 ) агар май рости гўӣид ки аллоҳ ин кард .

ثَمانِیَةَ أَزْواجٍ هشت تا که چهار جفت‌اند هر یک زوج آن دیگر مِنَ الضَّأْنِ اثْنَیْنِ از میش دو، یکی نر یکی ماده وَ مِنَ الْمَعْزِ اثْنَیْنِ و از بز دو، یکی نر یکی ماده قُلْ ای محمد! مشرکان را گوی آلذَّکَرَیْنِ حَرَّمَ دو نر حرام کرد اللَّه أَمِ الْأُنْثَیَیْنِ یا آن دو ماده؟ أَمَّا اشْتَمَلَتْ عَلَیْهِ أَرْحامُ الْأُنْثَیَیْنِ یا آنچه رحم هر دو ماده بر آن مشتمل است از بچه نازاده نیز نَبِّئُونِی خبر کنید مرا بِعِلْمٍ بحجتی إِنْ کُنْتُمْ صادِقِینَ (۱۴۳) اگر می‌راست گوئید که اللَّه این کرد.

Ва ман алإбли аснин ва аз шутури ду , яке нари яке мода ва ман албқри аснин ва аз гови ду , яке нари яке модаи қул олзкрини ҳарами гӯии он ду нар ҳаром кард أми алأнсиин ё он ду модаи أмои аштмлти алайҳи أрҳоми алأнсиин ё ончӣ дар шиками шутур модаасту гови мода ,у раҳми эшон бар он муштамили أми кантами шуҳадоъ ё шумо ҳозир будед إзи всокми аллоҳи бҳзои он гоҳ ки васият кард аллоҳи шуморо бойени Фмн أзлм кист ситамкортар бар хештани ммни аФтрии алии аллоҳи кзбо аз он кас ки дурӯғӣ созад бар аллоҳи лизли анноси бғири илм то бироаҳ кунад мардумонро бе дониши إни аллоҳи лои иҳдии алқўми алзолмин ( 144 ) аллоҳи пеши бибаранд ва савоб намой гуруҳи ситамкорон бар хештан нест .

وَ مِنَ الْإِبِلِ اثْنَیْنِ و از شتر دو، یکی نر یکی ماده وَ مِنَ الْبَقَرِ اثْنَیْنِ و از گاو دو، یکی نر یکی ماده قُلْ آلذَّکَرَیْنِ حَرَّمَ گوی آن دو نر حرام کرد أَمِ الْأُنْثَیَیْنِ یا آن دو ماده أَمَّا اشْتَمَلَتْ عَلَیْهِ أَرْحامُ الْأُنْثَیَیْنِ یا آنچه در شکم شتر ماده است و گاو ماده، و رحم ایشان بر آن مشتمل أَمْ کُنْتُمْ شُهَداءَ یا شما حاضر بودید إِذْ وَصَّاکُمُ اللَّهُ بِهذا آن گاه که وصیت کرد اللَّه شما را باین فَمَنْ أَظْلَمُ کیست ستمکارتر بر خویشتن مِمَّنِ افْتَری‌ عَلَی اللَّهِ کَذِباً از آن کس که دروغی سازد بر اللَّه لِیُضِلَّ النَّاسَ بِغَیْرِ عِلْمٍ تا بیراه کند مردمان را بی‌دانش إِنَّ اللَّهَ لا یَهْدِی الْقَوْمَ الظَّالِمِینَ (۱۴۴) اللَّه پیش ببرند و صواب نمای گروه ستمکاران بر خویشتن نیست.

Қул гӯй эй Муҳамад ! ло أҷд намеёбам фии мо أўҳии إлӣ дар ончӣ пайғом доданд бмни мҳрмо ҳаром кардае алии тоъми итъмаҳ бар ҳеҷ чшндаҳ эй ки онро чшди إлои أн икўн метаҳ магар ки мурдорӣ буд أўи дамои мсФўҳо ё хӯнии рехтаи أўи лаҳми хнзир ё гӯшти хӯки Фإнаҳи рҷс ки он палидаст أўи Фсқо ё куштае ки кушандаи он аз тоъати худо берун шуд أҳли лғири аллоҳ ба ва онро бар номи маъбуди носазои кишти Фмни азтр ҳар ки бечора монад фаро хӯрдани мурдори ғайри боғ на ситамкору лои од ва на афзӯнии ҷӯии Фإни рбки ғафури раҳим ( 145 ) худои ту омрзгорасту меҳрбон .

قُلْ گوی ای محمّد! لا أَجِدُ نمی‌یابم فِی ما أُوحِیَ إِلَیَّ در آنچه پیغام دادند بمن مُحَرَّماً حرام کرده‌ای عَلی‌ طاعِمٍ یَطْعَمُهُ بر هیچ چشنده‌ای که آن را چشد إِلَّا أَنْ یَکُونَ مَیْتَةً مگر که مرداری بود أَوْ دَماً مَسْفُوحاً یا خونی ریخته أَوْ لَحْمَ خِنزِیرٍ یا گوشت خوک فَإِنَّهُ رِجْسٌ که آن پلید است أَوْ فِسْقاً یا کشته‌ای که کشنده آن از طاعت خدا بیرون شد أُهِلَّ لِغَیْرِ اللَّهِ بِهِ و آن را بر نام معبود ناسزا کشت فَمَنِ اضْطُرَّ هر که بیچاره ماند فرا خوردن مردار غَیْرَ باغٍ نه ستمکار وَ لا عادٍ و نه افزونی جوی فَإِنَّ رَبَّکَ غَفُورٌ رَحِیمٌ (۱۴۵) خدای تو آمرزگار است و مهربان.

Ва алии аллазӣнаи ҳодўои ҳрмно ва бар эшон ки ҷуҳуд шуданд ҳаром кардем кули зии зафари ончӣ зафар дорад , ангушти пои нокушода ,у снби ношкоФтаҳ ва ман албқру алғнм ва аз гову гӯсфанди ҳрмнои алайҳими шҳўмҳмо ҳаром кардем бар эшон пиҳи он ҳар ду إлои мо ҳамлати зҳўрҳмои магари ончӣ дар устихон пушт нишаста буд أўи алҳўоё ё бар чарб равад أўи мо ахтлти бъзм ё дунба ки дар устихонии пайвастаи злки ҷзиноҳми он подош эшон кардем ббғиҳми бстмкории эшону إнои лсодқўн ( 146 ) ва мо май рости гўӣим .

وَ عَلَی الَّذِینَ هادُوا حَرَّمْنا و بر ایشان که جهود شدند حرام کردیم کُلَّ ذِی ظُفُرٍ آنچه ظفر دارد، انگشت پای ناگشاده، و سنب ناشکافته وَ مِنَ الْبَقَرِ وَ الْغَنَمِ و از گاو و گوسفند حَرَّمْنا عَلَیْهِمْ شُحُومَهُما حرام کردیم بر ایشان پیه آن هر دو إِلَّا ما حَمَلَتْ ظُهُورُهُما مگر آنچه در استخوان پشت نشسته بود أَوِ الْحَوایا یا بر چرب رود أَوْ مَا اخْتَلَطَ بِعَظْمٍ یا دنبه که در استخوانی پیوسته ذلِکَ جَزَیْناهُمْ آن پاداش ایشان کردیم بِبَغْیِهِمْ بستمکاری ایشان وَ إِنَّا لَصادِقُونَ (۱۴۶) و ما می‌راست گوئیم.

Фإни кзбўк агар турои дурӯғ зан гиранд Фқли рбкми гӯии худованди шумо зўи раҳмаи восеъа бо бахшоиш фарохасту лои ирди бأсаҳ аммо боз надоранд зӯр гирифтани ваии ани алқўми алмҷрмин ( 147 ) аз гуруҳи муҷримон .

فَإِنْ کَذَّبُوکَ اگر ترا دروغ زن گیرند فَقُلْ رَبُّکُمْ گوی خداوند شما ذُو رَحْمَةٍ واسِعَةٍ با بخشایش فراخ است وَ لا یُرَدُّ بَأْسُهُ اما باز ندارند زور گرفتن وی عَنِ الْقَوْمِ الْمُجْرِمِینَ (۱۴۷) از گروه مجرمان.

Сиқўли аллазӣнаи أшркўои мигўинди эшон ки анбоз гирифтанд бо худои луи шоءи аллоҳ агар аллоҳи хостии мо أшркнои мо анбози нгрФтимӣ бо вайу лои обоؤно ва на падарони моу лои ҳрмнои ман шайъи ء ва на ҳаром кардемӣ чизеи кзлки кизби аллазӣнаи ман қиблаам ҳамчунин дурӯғ зан гирифтанд эшон ки пеш азишон буданд фиристодагони моро ҳатто зоқўои бأснои он гуҳ ки зӯри азоб мо чашиданд қул ҳилли ъндкми ман илми гӯии бнздики шумо ҳеҷ маълумӣу номае аз аллоҳ ва ҳуҷҷатӣ ҳаст ?

سَیَقُولُ الَّذِینَ أَشْرَکُوا میگویند ایشان که انباز گرفتند با خدای لَوْ شاءَ اللَّهُ اگر اللَّه خواستی ما أَشْرَکْنا ما انباز نگرفتیمی با وی وَ لا آباؤُنا و نه پدران ما وَ لا حَرَّمْنا مِنْ شَیْ‌ءٍ و نه حرام کردیمی چیزی کَذلِکَ کَذَّبَ الَّذِینَ مِنْ قَبْلِهِمْ همچنین دروغ زن گرفتند ایشان که پیش ازیشان‌ بودند فرستادگان ما را حَتَّی ذاقُوا بَأْسَنا آن گه که زور عذاب ما چشیدند قُلْ هَلْ عِنْدَکُمْ مِنْ عِلْمٍ گوی بنزدیک شما هیچ معلومی و نامه‌ای از اللَّه و حجّتی هست؟

Фтхрҷўаҳи лно ки онро берун оред моро إни ттбъўни إлои алзн пай намебурид магари бпндору إни أнтми إлои тхрсўн ( 148 ) ва нестанд магари гуруҳе ки дурӯғ мегуед .

فَتُخْرِجُوهُ لَنا که آن را بیرون آرید ما را إِنْ تَتَّبِعُونَ إِلَّا الظَّنَّ پی نمی‌برید مگر بپندار وَ إِنْ أَنْتُمْ إِلَّا تَخْرُصُونَ (۱۴۸) و نیستند مگر گروهی که دروغ می‌گویید.

Қул Фллаҳи алҳҷаҳи алболғаҳи гӯии он ҳуҷҷати шуморо нест , он худои рости ҳуҷҷати тамоми дрўохи рости расидаи баҳри ҷойу баҳри каси Флўи шоء ва агар хостии лҳдокми أҷмъин ( 149 ) роҳ намӯдӣ шуморо ҳамагон .

قُلْ فَلِلَّهِ الْحُجَّةُ الْبالِغَةُ گوی آن حجت شما را نیست، آن خدای راست حجت تمام درواخ راست رسیده بهر جای و بهر کس فَلَوْ شاءَ و اگر خواستی لَهَداکُمْ أَجْمَعِینَ (۱۴۹) راه نمودی شما را همگان.

Қул гӯии эшонро ҳиллам шҳдоءкм биёред ин худоёни хеши аллазӣнаи ишҳдўни эшон ки мегувоҳӣ диҳанд أни аллоҳи ҳарами ҳозо ки аллоҳ ҳаром кард ин ҳрсу анъоми Фإни шҳдўо агар гувоҳӣ диҳанд Флои ташаҳҳуди мъҳми ту гувоҳии мада бо эшону лои татаббуъи أҳўоءи аллазӣнаи кзбўои боётно ва бар пай боист эшон Марв ки медурӯғ шуморанд суханони моу аллазӣнаи лои иؤмнўни болохраҳ ва эшон ки намегараванд бурузи растохез ва ҳам брбҳми иъдлўн ( 150 ) ва эшон ки бо худои хеш меҳамто гӯйанд .

قُلْ گوی ایشان را هَلُمَّ شُهَداءَکُمُ بیارید این خدایان خویش الَّذِینَ یَشْهَدُونَ ایشان که می‌گواهی دهند أَنَّ اللَّهَ حَرَّمَ هذا که اللَّه حرام کرد این حرث و انعام فَإِنْ شَهِدُوا اگر گواهی دهند فَلا تَشْهَدْ مَعَهُمْ تو گواهی مده با ایشان وَ لا تَتَّبِعْ أَهْواءَ الَّذِینَ کَذَّبُوا بِآیاتِنا و بر پی بایست ایشان مرو که می‌دروغ شمارند سخنان ما وَ الَّذِینَ لا یُؤْمِنُونَ بِالْآخِرَةِ و ایشان که نمی‌گروند بروز رستاخیز وَ هُمْ بِرَبِّهِمْ یَعْدِلُونَ (۱۵۰) و ایشان که با خدای خویش می‌همتا گویند.