Қавлаи таъолӣ :у лўто ва фиристодем лутро إзи қол лқўмаҳ гуфт қавми хешро أи тأтўни алФоҳшаҳ мезиштӣ кунеду нохубу носазо бадаст доред ? мо сбқкми баҳо пешӣ накард бони кор бар шумо ман أҳди ман Алъоламин ( 80 ) ҳеҷ кас аз ҷаҳонён .
قوله تعالی: وَ لُوطاً و فرستادیم لوط را إِذْ قالَ لِقَوْمِهِ گفت قوم خویش را أَ تَأْتُونَ الْفاحِشَةَ میزشتی کنید و ناخوب و ناسزا بدست دارید؟ ما سَبَقَکُمْ بِها پیشی نکرد بآن کار بر شما مِنْ أَحَدٍ مِنَ الْعالَمِینَ (۸۰) هیچ کس از جهانیان.
إнкми лтأтўни алрҷол шҳўаҳ бамурдон мерасед бўоисти ман дуни алнсоءи фурӯд аз занони бали أнтми қавми мсрФўн ( 81 ) оре ки шумо қавмӣед гзоФкорон . Ва мо кони ҷавоб қавма набӯд посухи қавми ваии إлои أни қолўои магар онкӣ гуфтанд : أхрҷўҳм берун кунед эшонро ман қриткм аз шаҳри хеши إнҳми أнос ки эшон мардумонеанд иттҳрўн ( 82 ) ки аз кори мо покизагии ҷӯянд . Фأнҷиноаҳ ва أҳлаҳ бурҳонем ӯроу касон ӯро إлои амрأтаҳи магари зан ӯро канти ман алғобрин ( 83 ) аз ҷумлаи ҳолкон буд он зан . Ва أмтрнои алайҳими мтроу бборонидим бар эшон боронии Фонзри дрнгри Киеви кони оқибаи алмҷрмин ( 84 ) ки чун буд саранҷоми ҷурми дорон !у إлии мадин أхоҳми шъибо ва фиристодем бмдини марди эшонро Шуайби қол ё қавми аъбдўо аллоҳ гуфт эй қавм ! аллоҳро парастед мо лаками ман إлаҳ ғайра нест шуморо худои ҷуз аз ӯ қади ҷоءткми байнаи ман рбкм омад бшмои нишонеу пайғомии равшан аз худои шумо ФأўФўои алкилу алмизони тамоми пимоиид ва санҷиду лои тбхсўои анноси أшёءҳм ва чизҳои мардумони бмкоҳиду лои тФсдўои фии алأрзи баъди إслоҳҳо ва дар замин табоҳӣ макунед пас онкии аллоҳи онро босалоҳ оварад злкми хайри лаками إни кантами муъминин ( 85 ) шуморо он бааст агар гиравидагонед .
إِنَّکُمْ لَتَأْتُونَ الرِّجالَ شَهْوَةً بمردان میرسید بوایست مِنْ دُونِ النِّساءِ فرود از زنان بَلْ أَنْتُمْ قَوْمٌ مُسْرِفُونَ (۸۱) آری که شما قومیاید گزافکاران. وَ ما کانَ جَوابَ قَوْمِهِ نبود پاسخ قوم وی إِلَّا أَنْ قالُوا مگر آنکه گفتند: أَخْرِجُوهُمْ بیرون کنید ایشان را مِنْ قَرْیَتِکُمْ از شهر خویش إِنَّهُمْ أُناسٌ که ایشان مردمانیاند یَتَطَهَّرُونَ (۸۲) که از کار ما پاکیزگی جویند. فَأَنْجَیْناهُ وَ أَهْلَهُ برهانیم او را و کسان او را إِلَّا امْرَأَتَهُ مگر زن او را کانَتْ مِنَ الْغابِرِینَ (۸۳) از جمله هالکان بود آن زن. وَ أَمْطَرْنا عَلَیْهِمْ مَطَراً و ببارانیدیم بر ایشان بارانی فَانْظُرْ درنگر کَیْفَ کانَ عاقِبَةُ الْمُجْرِمِینَ (۸۴) که چون بود سرانجام جرم داران! وَ إِلی مَدْیَنَ أَخاهُمْ شُعَیْباً و فرستادیم بمدین مرد ایشان را شعیب قالَ یا قَوْمِ اعْبُدُوا اللَّهَ گفت ای قوم! اللَّه را پرستید ما لَکُمْ مِنْ إِلهٍ غَیْرُهُ نیست شما را خدایی جز از او قَدْ جاءَتْکُمْ بَیِّنَةٌ مِنْ رَبِّکُمْ آمد بشما نشانی و پیغامی روشن از خدای شما فَأَوْفُوا الْکَیْلَ وَ الْمِیزانَ تمام پیمایید و سنجید وَ لا تَبْخَسُوا النَّاسَ أَشْیاءَهُمْ و چیزهای مردمان بمکاهید وَ لا تُفْسِدُوا فِی الْأَرْضِ بَعْدَ إِصْلاحِها و در زمین تباهی مکنید پس آنکه اللَّه آن را باصلاح آورد ذلِکُمْ خَیْرٌ لَکُمْ إِنْ کُنْتُمْ مُؤْمِنِینَ (۸۵) شما را آن به است اگر گرویدگاناید.
Ва лои тқъдўои бакули сироту божи стднро мншиниди баҳри роҳӣ тўъдўн метарсонед мардумонроу тсдўни ани сиблати аллоҳ ва аз роҳи худоӣ боз медоред ман омн ба он кас ки бгрўидаҳ буду тбғўнҳои ъўҷоу дайни худоиро беайб ҷӯйед ки онро кажӣ май нмоӣиду азкрўои إзи кантами қлило ва ёд кунед ки андакӣ будед Фксркм фаровон кард аллоҳи шумороу анбӯҳу анзрўо ва нигаред Киеви кони оқибаи алмФсдин ( 86 ) чун буд саранҷоми муфсидони пеш аз шумо ?
وَ لا تَقْعُدُوا بِکُلِّ صِراطٍ و باژ ستدن را منشینید بهر راهی تُوعِدُونَ میترسانید مردمان را وَ تَصُدُّونَ عَنْ سَبِیلِ اللَّهِ و از راه خدای باز میدارید مَنْ آمَنَ بِهِ آن کس که بگرویده بود وَ تَبْغُونَها عِوَجاً و دین خدایی را بیعیب جویید که آن را کژی مینمائید وَ اذْکُرُوا إِذْ کُنْتُمْ قَلِیلًا و یاد کنید که اندکی بودید فَکَثَّرَکُمْ فراوان کرد اللَّه شما را و انبوه وَ انْظُرُوا و نگرید کَیْفَ کانَ عاقِبَةُ الْمُفْسِدِینَ (۸۶) چون بود سرانجام مفسدان پیش از شما؟
Ва إни кони тоӣФаҳи мнкми омнўо ва агар чунон буд ки гуруҳе аз шумо устувор гирад мароу бгрўди болзии أрслт ба бони чиз ки марои бон фиристодаанду тоӣФаҳи лами иؤмнўоу гуруҳеи бнгрўнди Фосбрўо шикебе кунед ҳатто иҳкми аллоҳи бинно то аллоҳи баргузоради миёни мо кору ҳўи хайри алҳокмин ( 87 )у беҳтар бргзорндгон ӯст .
وَ إِنْ کانَ طائِفَةٌ مِنْکُمْ آمَنُوا و اگر چنان بود که گروهی از شما استوار گیرد مرا و بگرود بِالَّذِی أُرْسِلْتُ بِهِ بآن چیز که مرا بآن فرستادهاند وَ طائِفَةٌ لَمْ یُؤْمِنُوا و گروهی بنگروند فَاصْبِرُوا شکیبایی کنید حَتَّی یَحْکُمَ اللَّهُ بَیْنَنا تا اللَّه برگزارد میان ما کار وَ هُوَ خَیْرُ الْحاکِمِینَ (۸۷) و بهتر برگزارندگان اوست.
Қоли алмлأи аллазӣнаи асткбрўои ман қавмаи сарони қавм ӯ ки гарданкашон буданд аз ҳақ , гуфтанд ӯро лнхрҷнк ё Шуайб ки туро берун кунем эй Шуайб !у аллазӣнаи омнўои мък ва ин гиравидагон бо ту ман қритно аз шаҳри хеши أўи лтъўдни фии млтно ё боз гардид аз дайн бо дайни мо қол гуфт Шуайб : أу луи кнои кораин ( 88 ) ва ҳар чанд ки мо хоҳон он нестем .
قالَ الْمَلَأُ الَّذِینَ اسْتَکْبَرُوا مِنْ قَوْمِهِ سران قوم او که گردنکشان بودند از حق، گفتند او را لَنُخْرِجَنَّکَ یا شُعَیْبُ که ترا بیرون کنیم ای شعیب! وَ الَّذِینَ آمَنُوا مَعَکَ و این گرویدگان با تو مِنْ قَرْیَتِنا از شهر خویش أَوْ لَتَعُودُنَّ فِی مِلَّتِنا یا باز گردید از دین با دین ما قالَ گفت شعیب: أَ وَ لَوْ کُنَّا کارِهِینَ (۸۸) و هر چند که ما خواهان آن نیستیم.
Қади аФтринои алии аллоҳи кзбои бузурги дурӯғӣ ниҳода бошем бар худои إни ъднои фии млткм агар мо бо дайн шумо гирдем баъд إз наҷоно аллоҳи минҳои пас онкии худоӣ боз Раҳонед моро аз он ва мо икўни лно ва наёяд моро ва насазад أн наавд фӣҳо ки боз гирдем бо миллати шумо إлои أни ишоءи аллоҳи рбнои магар ки чизе хоҳад аллоҳи худованди мо вусъи рбнои кули шайъи ءи уламо расидааст худованди мо баҳри чизи бадонаши худ алии аллоҳи тўклно бар худоӣ кардем таваккули хеш , рбнои аФтҳи бинноу байни қўмнои болҳқи худованди мо ! баргузори миёни моу миёни қавми мо кории бсзоу أнти хайри алФотҳин ( 89 )у беҳтари кори бргзорндгони туе .
قَدِ افْتَرَیْنا عَلَی اللَّهِ کَذِباً بزرگ دروغی نهاده باشیم بر خدای إِنْ عُدْنا فِی مِلَّتِکُمْ اگر ما با دین شما گردیم بَعْدَ إِذْ نَجَّانَا اللَّهُ مِنْها پس آنکه خدای باز رهانید ما را از آن وَ ما یَکُونُ لَنا و نیاید ما را و نسزد أَنْ نَعُودَ فِیها که باز گردیم با ملت شما إِلَّا أَنْ یَشاءَ اللَّهُ رَبُّنا مگر که چیزی خواهد اللَّه خداوند ما وَسِعَ رَبُّنا کُلَّ شَیْءٍ عِلْماً رسیده است خداوند ما بهر چیز بدانش خود عَلَی اللَّهِ تَوَکَّلْنا بر خدای کردیم توکل خویش، رَبَّنَا افْتَحْ بَیْنَنا وَ بَیْنَ قَوْمِنا بِالْحَقِّ خداوند ما! برگزار میان ما و میان قوم ما کاری بسزا وَ أَنْتَ خَیْرُ الْفاتِحِینَ (۸۹) و بهتر کار برگزارندگان تویی.
Қоли алмлأи аллазӣнаи кФрўои ман қавмаи кофарони қавми Шуайби якдигарро гуфтанд лӣни атбътми шъибо агар шумо атбоъ Шуайб кунед ва пас рӯй ӯ إнкми إзои лхосрўн ( 90 ) пас он гуҳи шумо зиёнкоронед .
قالَ الْمَلَأُ الَّذِینَ کَفَرُوا مِنْ قَوْمِهِ کافران قوم شعیب یکدیگر را گفتند لَئِنِ اتَّبَعْتُمْ شُعَیْباً اگر شما اتباع شعیب کنید و پس روی او إِنَّکُمْ إِذاً لَخاسِرُونَ (۹۰) پس آن گه شما زیانکاراناید.
Фأхзтҳми алрҷФаҳ фаро гирифт эшонро зилзилаи Фأсбҳўои фии дораами ҷосмин ( 91 ) то бомдод карданд дар саройҳои хеши мурда бар рӯй афтода .
فَأَخَذَتْهُمُ الرَّجْفَةُ فرا گرفت ایشان را زلزله فَأَصْبَحُوا فِی دارِهِمْ جاثِمِینَ (۹۱) تا بامداد کردند در سرایهای خویش مرده بر روی افتاده.
Аллазӣнаи кзбўои шъибои эшон ки Шуайбро дурӯғ зан гирифтанд кأни лами иғнўои фӣҳо гӯйӣ ки ҳаргиз дар замини худ набуданди аллазӣнаи кзбўои шъибои эшон ки Шуайбро дурӯғ зан гирифтанд конўои ҳам алхосрин ( 92 ) эшон зиён коронанд .
الَّذِینَ کَذَّبُوا شُعَیْباً ایشان که شعیب را دروغ زن گرفتند کَأَنْ لَمْ یَغْنَوْا فِیهَا گویی که هرگز در زمین خود نبودند الَّذِینَ کَذَّبُوا شُعَیْباً ایشان که شعیب را دروغ زن گرفتند کانُوا هُمُ الْخاسِرِینَ (۹۲) ایشان زیان کاراناند.
Фтўлии анҳуам бозгашт аз эшон ки мурда дид эшонроу қол ё қавм ва гуфт эй қавм ! лақади أблғткми рисолоти рабии бшмои расонидами пайғомҳои худованди хеш ва насиҳҳат лакам ва шуморо неки хостам ва панд додам ФкиФи осии алии қавми кофарин ( 93 ) пас акнӯн бар қавмии ногрўидгони андӯҳ чун хӯрам !
فَتَوَلَّی عَنْهُمْ بازگشت از ایشان که مرده دید ایشان را وَ قالَ یا قَوْمِ و گفت ای قوم! لَقَدْ أَبْلَغْتُکُمْ رِسالاتِ رَبِّی بشما رسانیدم پیغامهای خداوند خویش وَ نَصَحْتُ لَکُمْ و شما را نیک خواستم و پند دادم فَکَیْفَ آسی عَلی قَوْمٍ کافِرِینَ (۹۳) پس اکنون بر قومی ناگرویدگان اندوه چون خورم!