Қавлаи таъолӣ : ва мо أрслнои фии қарияи ман набии нФрстодим дар ҳеҷ шаҳри пайғомбарии إлои أхзнои магар ки фарои гирифтеми أҳлҳои мустакбирони онро болбأсоءи баннои эминӣу алзроءу танагии лълҳми изръўн ( 94 ) магар ки эшон дар ман зоранд .

قوله تعالی: وَ ما أَرْسَلْنا فِی قَرْیَةٍ مِنْ نَبِیٍّ نفرستادیم در هیچ شهر پیغامبری إِلَّا أَخَذْنا مگر که فرا گرفتیم أَهْلَها مستکبران آن را بِالْبَأْساءِ بنا ایمنی وَ الضَّرَّاءِ و تنگی لَعَلَّهُمْ یَضَّرَّعُونَ (۹۴) مگر که ایشان در من زارند.

Сами бдлнои пас он эшонро бадали додеми макони алсиӣаҳи алҳасанаи биҷои он бадӣҳо эминӣу фарохӣ ҳатто ъФўо то анбӯҳ шуданду қолўо ва гуфтанд : қади миси обоءнои алзроءу алсроءи ин ҳамеша бӯдаасту бпдрони мо ҳам расидаи рӯзгори бадви рӯзгори нек . Дар он итоб нест ки на худ ҷуз бо мо нест Фأхзноҳми бғтаҳи фарои гирифтеми эшонро ногоҳ ва ҳам лои ишърўн ( 95 ) аз онҷо ки надонистанд . Ва луи أни أҳли алқрӣ ва агар ин мардумон ки дар шҳрҳоонди омнўоу атқўои имони оўрдндӣ ва аз нофармонии бпрҳизидндии лФтҳнои алайҳими мо бар эшон бозгшодимии баракоти ман алсмоءу алأрзи баракатҳое аз осмону замину локини кзбўои локини дурӯғ зан гирифтанд фиристодагони марои Фأхзноҳми бмои конўои иксбўн ( 96 ) фарои гирифтеми эшонро бончаҳ мекарданд . أи Фأмн эмин нишастанд أҳли алқрии ин мардумон ки дар шҳрҳоонди أни иأтиҳми бأсно ки боишон ояд зӯр гирифтан мо бёто ва ҳам ноӣмўн ( 97 ) ва эшон дар хоб . أу أмни أҳли алқрӣ ё эмин нишастанд ин мардумон ки дарин шҳрҳоонди أни иأтиҳми бأснои зҳӣ то онкӣ боишон ояд зӯр гирифтан мо чоштгоҳ ва ҳам илъбўн ( 98 ) ва эшон дар бозии хеш . أи Фأмнўо эминанд эшон макри аллоҳ аз соз наоне аллоҳ ки корӣ созад пинҳон аз эшон Флои иأмни макри аллоҳи эмин на нишинад аз соз наоне аллоҳи إлои алқўми алхосрўн ( 99 ) магари гуруҳи зиёни корон . أу лами иҳд пайдо накарду бозннмўди ллзини ирсўни алأрзи ин мардумонро ки дар шаҳр нишастаанд ман баъди أҳлҳои пас ҳалок кардани пешинёни ҷаҳонёнро أни луи ншоء ки мо агар хоҳеми أсбноҳми бзнўбҳми эшонро бигиреми бгноҳони эшон ва натабъ алии қлўбҳм ва меҳр наҳем бар дилҳои эшон фаҳми лои исмъўн ( 100 ) то ҳақ ва панд нашунаванд .

ثُمَّ بَدَّلْنا پس آن ایشان را بدل دادیم مَکانَ السَّیِّئَةِ الْحَسَنَةَ بجای آن بدیها ایمنی و فراخی حَتَّی عَفَوْا تا انبوه شدند وَ قالُوا و گفتند: قَدْ مَسَّ آباءَنَا الضَّرَّاءُ وَ السَّرَّاءُ این همیشه بوده است و بپدران ما هم رسیده روزگار بدو روزگار نیک. در آن عتاب نیست که نه خود جز با ما نیست فَأَخَذْناهُمْ بَغْتَةً فرا گرفتیم ایشان را ناگاه وَ هُمْ لا یَشْعُرُونَ (۹۵) از آنجا که ندانستند. وَ لَوْ أَنَّ أَهْلَ الْقُری‌ و اگر این مردمان که در شهرهااند آمَنُوا وَ اتَّقَوْا ایمان آوردندی و از نافرمانی بپرهیزیدندی لَفَتَحْنا عَلَیْهِمْ ما بر ایشان بازگشادیمی بَرَکاتٍ مِنَ السَّماءِ وَ الْأَرْضِ برکتهایی از آسمان و زمین وَ لکِنْ کَذَّبُوا لکن دروغ زن گرفتند فرستادگان مرا فَأَخَذْناهُمْ بِما کانُوا یَکْسِبُونَ (۹۶) فرا گرفتیم ایشان را بآنچه میکردند. أَ فَأَمِنَ ایمن نشستند أَهْلُ الْقُری‌ این مردمان که در شهرهااند أَنْ یَأْتِیَهُمْ بَأْسُنا که بایشان آید زور گرفتن ما بَیاتاً وَ هُمْ نائِمُونَ (۹۷) و ایشان در خواب. أَ وَ أَمِنَ أَهْلُ الْقُری‌ یا ایمن نشستند این مردمان که درین شهرهااند أَنْ یَأْتِیَهُمْ بَأْسُنا ضُحًی تا آنکه بایشان آید زور گرفتن ما چاشتگاه وَ هُمْ یَلْعَبُونَ (۹۸) و ایشان در بازی خویش. أَ فَأَمِنُوا ایمن‌اند ایشان مَکْرَ اللَّهِ از ساز نهانی اللَّه که کاری سازد پنهان از ایشان فَلا یَأْمَنُ مَکْرَ اللَّهِ ایمن نه نشیند از ساز نهانی اللَّه إِلَّا الْقَوْمُ الْخاسِرُونَ (۹۹) مگر گروه زیان‌کاران. أَ وَ لَمْ یَهْدِ پیدا نکرد و بازننمود لِلَّذِینَ یَرِثُونَ الْأَرْضَ این مردمان را که در شهر نشسته‌اند مِنْ بَعْدِ أَهْلِها پس هلاک کردن پیشینیان جهانیان را أَنْ لَوْ نَشاءُ که ما اگر خواهیم أَصَبْناهُمْ بِذُنُوبِهِمْ ایشان را بگیریم بگناهان ایشان وَ نَطْبَعُ عَلی‌ قُلُوبِهِمْ و مهر نهیم بر دلهای ایشان فَهُمْ لا یَسْمَعُونَ (۱۰۰) تا حق و پند نشنوند.

Тлки алқрии он шаҳрҳо ки аҳли он ҳалок кардем нақси алейк ман أнбоӣҳо бар ту михўоними хабарҳоу қиссаҳои ону лақади ҷоءтҳми рслҳми болбинот ва боишон омад расӯлони мо боишон ба пайғомҳои росту муъҷизаҳои равшани Фмои конўои лиؤмнўо ва бидон набуданд ки имони оранди бмои кзбўои ман қабл бончаҳи дурӯғ шимурда буданд пеш аз он кзлки итбъи аллоҳи алии қулӯби алкоФрин ( 101 ) ҳам чунон бар минҳди аллоҳ бар дилҳои кофарон .

تِلْکَ الْقُری‌ آن شهرها که اهل آن هلاک کردیم نَقُصُّ عَلَیْکَ مِنْ أَنْبائِها بر تو میخوانیم خبرها و قصّه‌های آن وَ لَقَدْ جاءَتْهُمْ رُسُلُهُمْ بِالْبَیِّناتِ و بایشان آمد رسولان ما بایشان به پیغامهای راست و معجزه‌های روشن فَما کانُوا لِیُؤْمِنُوا و بدان نبودند که ایمان آرند بِما کَذَّبُوا مِنْ قَبْلُ بآنچه دروغ شمرده بودند پیش از آن کَذلِکَ یَطْبَعُ اللَّهُ عَلی‌ قُلُوبِ الْکافِرِینَ (۱۰۱) هم چنان بر مینهد اللَّه بر دلهای کافران.

Ва мо вҷднои лأксрҳми ман аҳду бештари эшонро аҳдӣ наёфтему إни вҷднои أксрҳми лФосқин ( 102 ) ва наёфтем бештари эшонро магари фосиқон ва аз тоъати беруни омадагон .

وَ ما وَجَدْنا لِأَکْثَرِهِمْ مِنْ عَهْدٍ و بیشتر ایشان را عهدی نیافتیم وَ إِنْ وَجَدْنا أَکْثَرَهُمْ لَفاسِقِینَ (۱۰۲) و نیافتیم بیشتر ایشان را مگر فاسقان و از طاعت بیرون آمدگان.

Сами бъснои ман бъдҳми Мӯсои пас аз эшон фиристодем Мӯсоро боётнои бсхнони хеши إлии фиръавну млоӣаҳи бФръўну касони ваии Фзлмўои баҳо мункир шуданд онро ва ситам карданд Фонзри Киеви кони оқибаи алмФсдин ( 103 ) дрнгр чун буд саранҷоми кори муфсидон .

ثُمَّ بَعَثْنا مِنْ بَعْدِهِمْ مُوسی‌ پس از ایشان فرستادیم موسی را بِآیاتِنا بسخنان خویش إِلی‌ فِرْعَوْنَ وَ مَلَائِهِ بفرعون و کسان وی فَظَلَمُوا بِها منکر شدند آن را و ستم کردند فَانْظُرْ کَیْفَ کانَ عاقِبَةُ الْمُفْسِدِینَ (۱۰۳) درنگر چون بود سرانجام کار مفسدان.

Ва қоли Мӯсо ё фиръавн ва Мӯсо гуфт эй фиръавн ! إнии расӯли ман раби Алъоламин ( 104 ) ман фиристода Эйам аз худованди ҷаҳонён .

وَ قالَ مُوسی‌ یا فِرْعَوْنُ و موسی گفت ای فرعون! إِنِّی رَسُولٌ مِنْ رَبِّ الْعالَمِینَ (۱۰۴) من فرستاده‌ای‌ام از خداوند جهانیان.

Ҳқиқи алии أни лои أқўли алии аллоҳи إло алҳақ сазоворами ман ва устувор дошта ки нагӯям бар аллоҳи магари ростии қад ҷӣткм бибина ман рбкм оварадам бшмои пайғомии росту нишонеи дурусту муъҷизае пайдо аз худованди шумо . Фأрсли маъаӣ банӣ إсроӣил ( 105 ) раҳо кун бо ман банӣ Исроилро қоли إни канти ҷӣти боиаҳ фиръавн гуфт : агар нишоне овардае Фأти баҳои إни канти ман алсодқин ( 106 ) биор он нишон агар аз ростгўёнӣ .

حَقِیقٌ عَلی‌ أَنْ لا أَقُولَ عَلَی اللَّهِ إِلَّا الْحَقَّ سزاوارم من و استوار داشته که نگویم بر اللَّه مگر راستی قَدْ جِئْتُکُمْ بِبَیِّنَةٍ مِنْ رَبِّکُمْ آوردم بشما پیغامی راست و نشانی درست و معجزه‌ای پیدا از خداوند شما. فَأَرْسِلْ مَعِیَ بَنِی إِسْرائِیلَ (۱۰۵) رها کن با من بنی اسرائیل را قالَ إِنْ کُنْتَ جِئْتَ بِآیَةٍ فرعون گفت: اگر نشانی آورده‌ای فَأْتِ بِها إِنْ کُنْتَ مِنَ الصَّادِقِینَ (۱۰۶) بیار آن نشان اگر از راستگویانی.

Фأлқии Асоаи биўкнди Асои хеши Фإзои ҳаии събони мубин ( 107 ) чун бидид събонӣ гашта буд ошкоро .

فَأَلْقی‌ عَصاهُ بیوکند عصای خویش فَإِذا هِیَ ثُعْبانٌ مُبِینٌ (۱۰۷) چون بدید ثعبانی گشته بود آشکارا.

Ва назъи ядау дасти худ берун кашид аз зери бозуии хеши Фإзои ҳаии бизоءи ллнозрин ки дрнгрстнди онро диданди сифеди тобандаи нгрндгонро .

وَ نَزَعَ یَدَهُ و دست خود بیرون کشید از زیر بازوی خویش فَإِذا هِیَ بَیْضاءُ لِلنَّاظِرِینَ که درنگرستند آن را دیدند سفید تابنده نگرندگان را.