Қавла : кизбати қавми Нӯҳи алмрслин , эй кизбати ҷимоъаи қавми Нӯҳ , Фонси ллҷмоъаҳи кқўлаҳ : қолати алأъроб ,у қоли алмбрди анси лони алқўму алқбилаҳи воҳид , Фтрки аллФзу аъмли алмънӣу ании болмрслини нўҳои вҳдаҳ , назира : ё أиҳои алрсл .
قوله: کَذَّبَتْ قَوْمُ نُوحٍ الْمُرْسَلِینَ، ای کذّبت جماعة قوم نوح، فانّث للجماعة کقوله: قالَتِ الْأَعْرابُ، و قال المبرّد انّث لانّ القوم و القبیلة واحد، فترک اللفظ و اعمل المعنی و عنی بالمرسلین نوحا وحده، نظیره: یا أَیُّهَا الرُّسُلُ.
Ҳасани басариро пурседанд : чунаст ин ки раб Алъоламин мегуяд : кизбати қавми Нӯҳи алмрслин , кизбати од , кизбати самуди алмрслину расӯл боишон зиёдат аз яке набӯд ? гуфт : пайғомбар ки боишон омад ,у нафии ширку тасдиқи русул чун ӯро дурӯғ зан гирифтанд чунонаст ки ҳамаро дурӯғи зан гирифтаанд , ки ҳамаро бойен маънӣ фиристоданд . Ва қил : кзбўои одаму Идрӣсу нўҳо . Ва анмои қол « ахўҳм » лонаи кони алии лсонҳм ва ман ҷнсҳми лои ман тариқи аддӣн . Ҳақи таъолӣ ҳар пайғомбар ки бқўмӣ фиристод ҳам аз аширау қабӣла эшон фиристод ва бар забону луғати эшон , аз баҳри онкӣ чун буи маърифат доранду сидқу амонат вай шиносанд он бқбўл наздиктар бошаду сухан ӯ ба даргирад . أи лои ттқўн яъне أи Флои ттқўни уқоби аллоҳи баъди вузӯҳи алҳҷаҳу антФоءи алшбҳаҳ ?
حسن بصری را پرسیدند: چونست این که ربّ العالمین میگوید: کَذَّبَتْ قَوْمُ نُوحٍ الْمُرْسَلِینَ، کَذَّبَتْ عادٌ، کَذَّبَتْ ثَمُودُ الْمُرْسَلِینَ و رسول بایشان زیادت از یکی نبود؟ گفت: پیغامبر که بایشان آمد، و نفی شرک و تصدیق رسل چون او را دروغزن گرفتند چنانست که همه را دروغزن گرفتهاند، که همه را باین معنی فرستادند. و قیل: کذّبوا آدم و ادریس و نوحا. و انّما قال «اخوهم» لانّه کان علی لسانهم و من جنسهم لا من طریق الدّین. حقّ تعالی هر پیغامبر که بقومی فرستاد هم از عشیره و قبیله ایشان فرستاد و بر زبان و لغت ایشان، از بهر آنکه چون بوی معرفت دارند و صدق و امانت وی شناسند آن بقبول نزدیکتر باشد و سخن او به درگیرد. أَ لا تَتَّقُونَ یعنی أ فلا تتّقون عقاب اللَّه بعد وضوح الحجّة و انتفاء الشبهة؟
إнии лаками расӯли أмини ании расӯли аллоҳи аликму қади изоФ алрасул илои алмрсли илайҳу илои алмрсли кқўлаҳ : Муҳамади расӯли аллоҳу қавла : إни рсўлкми алзии أрсли إликми лмҷнўну қавлаи أмин яъне алии алўҳӣу алрсолаҳи лонкми ърФтмўнӣ қабл ҳозои Фимои бинкми болсдқу аломонаҳ . Маънӣ онаст ки марои пеши азин дар миёни қавми хеши бсдқу амонат шинохтаед чун бо шумо дар кори шумо рост гӯям пас бидонед ки бар ваҳйу рисолати ҳақи ҳам рост гӯям .
إِنِّی لَکُمْ رَسُولٌ أَمِینٌ انّی رسول اللَّه الیکم و قد یضاف الرّسول الی المرسل الیه و الی المرسل کقوله: مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللَّهِ و قوله: إِنَّ رَسُولَکُمُ الَّذِی أُرْسِلَ إِلَیْکُمْ لَمَجْنُونٌ و قوله أَمِینٌ یعنی علی الوحی و الرسالة لانّکم عرفتمونی قبل هذا فیما بینکم بالصّدق و الامانة. معنی آنست که مرا پیش ازین در میان قوم خویش بصدق و امانت شناختهاید چون با شما در کار شما راست گویم پس بدانید که بر وحی و رسالت حقّ هم راست گویم.
Фотқўои аллоҳу أтиъўни Фимои омркм ба фонии лои ахўнкм ва ло аред бкми сӯъ ва мо أсӣлкми алии мо адъўкми илайҳи ман أҷру сўобои إни أҷрии إлои алии раби Алъоламин ,у злки аридаҳ .
فَاتَّقُوا اللَّهَ وَ أَطِیعُونِ فیما آمرکم به فانّی لا اخونکم و لا ارید بکم سوء وَ ما أَسْئَلُکُمْ علی ما ادعوکم الیه مِنْ أَجْرٍ و ثوابا إِنْ أَجْرِیَ إِلَّا عَلی رَبِّ الْعالَمِینَ، و ذلک اریده.
Фотқўои аллоҳу أтиъўни крри лони алаввали муттасили бқўлаҳи أмину ассонии бқўлаҳи мо أсӣлкми алайҳи ман أҷри фаҳмои сабабон . Ва қили крри лонаи фии алонзори аблғ .
فَاتَّقُوا اللَّهَ وَ أَطِیعُونِ کرّر لانّ الاوّل متصل بقوله أَمِینٌ و الثّانی بقوله ما أَسْئَلُکُمْ عَلَیْهِ مِنْ أَجْرٍ فهما سببان. و قیل کرّر لانّه فی الانذار ابلغ.
Қолўои أи нؤмни лаку атбъки алأрзлўни алоқлўни моло ва ҷоҳо : алрзилаҳи ҳаии алхслаҳи алзмимаҳи алтии имтнъи анҳу алъқлу алшръ ,у зиддиҳи алхслаҳи алҳмидаҳи алтии идъўи илоҳо алъқлу алшръ . Қрأи ёқӯбу атбоъки алорзлўн эй лои нؤмни лак ва ман атбъки алорзлўн , эйу ҳзаҳи ҳолки комаи тқўл : лои нсҳбку асҳобки алсФлаҳ , эйу алсФлаҳи асҳобк ,у қрأи албоқўну атбъки алии алФъли алмозӣ , эй лои нؤмни лаку қади атбъки алорзлўн , эйу ҳзаҳи ҳолки комаи тқўл : лои нсҳбку сҳбки алсФлаҳ . Ва алотбоъи ҷамъи табаъу алтбъи ҷамъи тобеъ мисли толибу талабу ҳорсу ҳрс ,у иҷўзи ани икўни ҷамъи тобеъи ксоҳбу асҳоб .
قالُوا أَ نُؤْمِنُ لَکَ وَ اتَّبَعَکَ الْأَرْذَلُونَ الاقلّون مالا و جاها: الرّذیلة هی الخصلة الذمیمة الّتی یمتنع عنه العقل و الشّرع ، و ضدّه الخصلة الحمیدة الّتی یدعو الیها العقل و الشّرع. قرأ یعقوب و اتباعک الارذلون ای لا نؤمن لک و من اتّبعک الارذلون، ای و هذه حالک کما تقول: لا نصحبک و اصحابک السّفلة، ای و السّفلة اصحابک، و قرأ الباقون و اتّبعک علی الفعل الماضی، ای لا نؤمن لک و قد اتّبعک الارذلون، ای و هذه حالک کما تقول: لا نصحبک و صحبک السّفلة. و الاتباع جمع تبع و التبع جمع تابع مثل طالب و طلب و حارس و حرس، و یجوز ان یکون جمع تابع کصاحب و اصحاب.
Арзлўни бқўли муфассирон пеша варонанд : кафшгару ҷўлоаҳу ҳҷому амсоли эшон , маънӣ онаст ки бтў чун имони орему псрўони ту аҳли саноат ва пеша варонанд на хоҷагону муҳташамон , ва ин сухан аз рӯй ҷаҳл ва ҳамоқат гуфтанд аз баҳри онкии саноату ҳарфат чун мубоҳ бошад дар боби диянаат писандидаасту қадаҳӣ дар мардум наёрад , ва гуфтаанд арзлўн сифлаанд аҳли хисосату макосиби ?данӣ .
ارذلون بقول مفسّران پیشهورانند: کفشگر و جولاه و حجّام و امثال ایشان، معنی آنست که بتو چون ایمان آریم و پسروان تو اهل صناعت و پیشهورانند نه خواجگان و محتشمان، و این سخن از روی جهل و حماقت گفتند از بهر آنکه صناعت و حرفت چون مباح باشد در باب دیانات پسندیده است و قدحی در مردم نیارد، و گفتهاند ارذلون سفلهاند اهل خساست و مکاسب دنی.
Нӯҳ гуфт : ва мо илмии бмои конўои иъмлўни анмо лӣ манеҳам зоҳири амрҳму алии ани адъўҳму лӣси алии ман хсосаҳи аҳўолҳму дноӣаҳи мкосбҳми шайъи ءу лами аклФи злки анмои кулуфти ани адъўҳм . Маънӣ онаст ки аз хисосати аҳволу дноӣти макосиби эшон бмн чаҳ боз мегардаду маро чаҳ мебояд донист ки на дониши он маро таклиф кардаанд , марои таклиф он кардаанд ки эшонро даъват кунам бтўҳиду мардум ки бар якдигар тафозул доранд боямону тавҳид ва тоъат доранд на бончаҳ шумо мегуед . Пас хостанд ки Нӯҳро бар атбоъи худ беруни оранд ва ағроء кунанд , гуфтанд : анҳми измрўни алкФру изҳрўни лаки алоямон . Эшон мноФқоннд , дар дили берун аз он доранд ки бзбони мигўинд , бзбони имон май оранду бадал кофар мешаванд .
نوح گفت: وَ ما عِلْمِی بِما کانُوا یَعْمَلُونَ انّما لی منهم ظاهر امرهم و علیّ ان ادعوهم و لیس علیّ من خساسة احوالهم و دنائة مکاسبهم شیء و لم اکلّف ذلک انّما کلّفت ان ادعوهم. معنی آنست که از خساست احوال و دنائت مکاسب ایشان بمن چه باز میگردد و مرا چه میباید دانست که نه دانش آن مرا تکلیف کردهاند، مرا تکلیف آن کردهاند که ایشان را دعوت کنم بتوحید و مردم که بر یکدیگر تفاضل دارند بایمان و توحید و طاعت دارند نه بآنچه شما میگویید. پس خواستند که نوح را بر اتباع خود بیرون آرند و اغراء کنند، گفتند: انّهم یضمرون الکفر و یظهرون لک الایمان. ایشان منافقانند، در دل بیرون از آن دارند که بزبان میگویند، بزبان ایمان میآرند و بدل کافر میشوند.
Нӯҳ ҷавоб дод ки : إни ҳсобҳми إлои алии рабии луи тшърўн яъне илои зоҳрҳму аллоҳи иҳосбҳми алии мо фии қлўбҳм бар ман нест ки дил эшон бозҷӯем ва бидонам бар ман онаст ки зоҳири эшон қабул кунаму аллоҳи таъолии худ матлаъаст бар дилҳои эшон ва худ ҳисоби ботину асрор эшон кунад . Ҳамонаст ки Мустафо ( с ) гуфт дар он хабари маърӯф : Фозои шҳдўои ани лои илоҳи алои аллоҳи ъсмўои манӣ дмоءҳму амўолҳми алои баҳақҳоу ҳсобҳми алии аллоҳи ъзу ҷл .
نوح جواب داد که: إِنْ حِسابُهُمْ إِلَّا عَلی رَبِّی لَوْ تَشْعُرُونَ یعنی الیّ ظاهرهم و اللَّه یحاسبهم علی ما فی قلوبهم بر من نیست که دل ایشان بازجویم و بدانم بر من آنست که ظاهر ایشان قبول کنم و اللَّه تعالی خود مطلع است بر دلهای ایشان و خود حساب باطن و اسرار ایشان کند. همانست که مصطفی (ص) گفت در آن خبر معروف: فاذا شهدوا ان لا اله الا اللَّه عصموا منّی دماءهم و اموالهم الا بحقّها و حسابهم علی اللَّه عزّ و جل.
Ва қоли Сафёни алсўрӣ : лои нҳосби алоҳёء ва наҳукм алии аломўот .
و قال سفیان الثوری: لا نحاسب الاحیاء و نحکم علی الاموات.
Ва мо أнои бторди алмؤмнин яъне лои атрдҳми бқўлкми анҳми измрўни алкФри إни أнои إлои нзири мубин эй мо анои алои муаллими бмўозъи алмхоФаҳи лтҳзрўҳоу лами аклФи мо фии алзмоӣр .
وَ ما أَنَا بِطارِدِ الْمُؤْمِنِینَ یعنی لا اطردهم بقولکم انهم یضمرون الکفر إِنْ أَنَا إِلَّا نَذِیرٌ مُبِینٌ ای ما انا الا معلم بمواضع المخافة لتحذروها و لم اکلّف ما فی الضّمائر.
Қолўои лӣни лами тнтаҳ ё Нӯҳи ани ҳзаҳи алмқолаҳи лткўнни ман алмрҷўмин . Яъне алмштўмину қили ман алмқтўлини болҳҷораҳ .
قالُوا لَئِنْ لَمْ تَنْتَهِ یا نُوحُ عن هذه المقالة لتکوننّ من المرجومین. یعنی المشتومین و قیل من المقتولین بالحجارة.
Қоли раби إни қавмии кзбўни ткзибои лои ирҷии маъааи аимонҳму лои аҷобтҳм .
قالَ رَبِّ إِنَّ قَوْمِی کَذَّبُونِ تکذیبا لا یرجی معه ایمانهم و لا اجابتهم.
ФоФтҳи бинӣу бинҳми Фтҳо эй ақзи бинӣу бинҳми қзоءи тнҷинӣ ба манеҳаму нҷнӣ ва ман маъаии ман алъзоби алзии тҳлкҳм ба .
فَافْتَحْ بَیْنِی وَ بَیْنَهُمْ فَتْحاً ای اقض بینی و بینهم قضاء تنجینی به منهم و نَجِّنِی وَ مَنْ مَعِیَ من العذاب الّذی تهلکهم به.
Фأнҷиноаҳ ва ман маъаае хлсноаҳи маъаи алмؤмнини фии алФлки алмшҳўни алммлўи ман алонсу алҷну алсбоъу алтиўри ман кули синфи зикру ансӣ .
فَأَنْجَیْناهُ وَ مَنْ مَعَهُ ای خلّصناه مع المؤمنین فِی الْفُلْکِ الْمَشْحُونِ المملوّ من الانس و الجنّ و السّباع و الطیور من کلّ صنف ذکر و انثی.
Сами أғрқнои баъди анҷоءи Нӯҳ ва ман маъааи албоқини ман қавма . Ва фии алоиаҳи танбеҳи алии ани нўҳо ( ъ ) кони мбъўсои илои ман алии ваҷҳи аларз . Алотарӣ анаи қоли фии қиссаи Мӯсоу фиръавн : сами أғрқнои алохрину қоли ҳоҳно : сами أғрқнои баъди албоқину кзлки табин фии дъоӣаҳи ҳайси қол : раби лои тзри алии алأрзи ман алкоФрини дёроу қоли субҳона :у ҷълнои зритаҳи ҳам албоқин .
ثُمَّ أَغْرَقْنا بعد انجاء نوح و من معه الْباقِینَ من قومه. و فی الآیة تنبیه علی انّ نوحا (ع) کان مبعوثا الی من علی وجه الارض. الا تری انّه قال فی قصّة موسی و فرعون: ثُمَّ أَغْرَقْنَا الْآخَرِینَ و قال هاهنا: ثُمَّ أَغْرَقْنا بَعْدُ الْباقِینَ و کذلک تبیّن فی دعائه حیث قال: رَبِّ لا تَذَرْ عَلَی الْأَرْضِ مِنَ الْکافِرِینَ دَیَّاراً و قال سبحانه: وَ جَعَلْنا ذُرِّیَّتَهُ هُمُ الْباقِینَ.
إни фии злк эй фии алзии феъли бқўми Нӯҳи лъбраҳи лмни бъдҳми ман ҳзаҳи аломаҳ , Фиҳзрўн мисли ъқўбтҳм ва мо кони аксари қўмки Мусаддиқин .
إِنَّ فِی ذلِکَ ای فی الّذی فعل بقوم نوح لعبرة لمن بعدهم من هذه الامّة، فیحذرون مثل عقوبتهم و ما کان اکثر قومک مصدّقین.
Ва إни рбки лаҳви алъзизи фии интиқоми ман куфр ба арраҳими бъбодаҳи алмؤмнин . Ва қил ва мо кони أксрҳми муъминин яъне қавми Нӯҳи иқўли кони аксрҳми кофарин болтўҳиду луи кони аксрҳми муъминин лами иъзбўои фии алднё .
وَ إِنَّ رَبَّکَ لَهُوَ الْعَزِیزُ فی انتقام من کفر به الرَّحِیمُ بعباده المؤمنین. و قیل وَ ما کانَ أَکْثَرُهُمْ مُؤْمِنِینَ یعنی قوم نوح یقول کان اکثرهم کافرین بالتّوحید و لو کان اکثرهم مؤمنین لم یعذّبوا فی الدّنیا.
Қавла : кизбати оди алмрслини оди исми қабӣла ,у лиҳозои ансу ҳўи фии аласли исми раҷули ҳўи абӯи алқбилаҳ .
قوله: کَذَّبَتْ عادٌ الْمُرْسَلِینَ عاد اسم قبیلة، و لهذا انّث و هو فی الاصل اسم رجل هو ابو القبیلة.
إзи қоли ?лаами أхўҳм яъне фии алнсби лои фии аддӣни أи лои ттқўни уқоби аллоҳи алии кзбкм ба .
إِذْ قالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ یعنی فی النّسب لا فی الدّین أَ لا تَتَّقُونَ عقاب اللَّه علی کذبکم به.
إнии лаками расӯли أмини алии ваҳии аллоҳу рисолота .
إِنِّی لَکُمْ رَسُولٌ أَمِینٌ علی وحی اللَّه و رسالاته.
Фотқўои аллоҳи бтоътаҳу алонтҳоءи илои мо иأмркм бау инҳокми анҳуу أтиъўни Фимои омркм ба ман тақвои аллоҳу алҳзри ман стўтаҳ .
فَاتَّقُوا اللَّهَ بطاعته و الانتهاء الی ما یأمرکم به و ینهاکم عنه وَ أَطِیعُونِ فیما آمرکم به من تقوی اللَّه و الحذر من سطوته.
Ва мо أсӣлкми алайҳи ман أҷр , эй атлби мнкми алии амреи аёкми бтқўии аллоҳи ҷзоءу сўобо . ?фони ҷзоӣӣу савобии алии раби Алъоламин . Лонаи ҳўи алзии арслнии факони аҷрии алайҳ . Ва қили анмои қоли злки лони алмстҳқи алии таблиғи алрсолаҳи савоби доиму лами икни злки илайҳам .
وَ ما أَسْئَلُکُمْ عَلَیْهِ مِنْ أَجْرٍ، ای اطلب منکم علی امری ایّاکم بتقوی اللَّه جزاء و ثوابا. فان جزائی و ثوابی علی ربّ العالمین. لانّه هو الّذی ارسلنی فکان اجری علیه. و قیل انّما قال ذلک لانّ المستحقّ علی تبلیغ الرسالة ثواب دائم و لم یکن ذلک الیهم.
أи тбнўни бакули риъи ояи тъбсўни алриъи алмртФъи ман аларзу ҷумъаи арёъ ,у алриъи болФтҳи фӣаи лғаҳу аслаи фии аллғаҳи алзёдаҳу қили ҳўи алтриқи алмртФъи ани аларз силкам лами ислк . Ва қили ҳўи алтриқи алзии икўни байни алҷблин , « оя » яъне бноءи мтмизои ани соири алأбниаҳу қили оя эй алломаи иҷтмъўни илоҳо ллъбси бмни имри фии алтриқу қили ҳўи бурҷи алҳмом , тъбсўн яъне ъобсину ҳозои кқўли алқоӣл : харҷи фалони ман алблди иқўли кзо яъне қоӣлои кзо . Хилофаст миёни уламо ки аз баҳр чаҳ эшонро ъобс хонд бидон банноҳо ки мекарданд ? қавмӣ гуфтанд исроф мекарданд дар он фавқи алҳоҷаҳи қасрҳои азим ва манзарҳои баланд , ва ҳар чаҳ исроф бошаду фавқи алҳоҷаҳи ҳамаи абас буд . Қавмӣ гуфтанд ғарази эшон дар он тафохуру ткоср буду тафохур дар абния абас бошад ки онро маҳсӯлӣ набӯд . Қавмӣ гуфтанд ки қасди эшон дар он банноҳо он буд ки то аз макораи замону нўоӣби рӯзгор эмин бошанд ва ин абас бошад , қавмӣ гуфтанд ки кабӯтари хона буд ки мекарданду кбўтрдорӣ ва ин худ бозӣ кӯдакон бошад ,у қили конўои ибнўни бноءи ман итмъи алхлўду злки абас . Мақотил гуфт эшон сафар мекарданду бсторгони роҳ май бурданд пас хостанд ки роҳи бурдан бар худ осон кунанд ва бар роҳҳо қасрҳои азим ва банноҳои баланди бсохтнд то илмӣ бошад эшонроу нишоне дар роҳи бурдан ва он гуҳи бон тафохур мекарданд ки ҳозои манзили фалону ҳозои манзил банӣ фалон , инаст ки раб Алъоламин гуфт : ояи тъбсўну ттхзўни мсонъ эй ҳсўноу кули бноءи мснъаҳу қили алмснъаҳи албноءи алии алмоءу лълкми тхлдўн эй кони ҳзаҳи алأбниаҳи тхлдкми фии алднёу антсби ояи алии анаи мафъӯли ?ла ,у мафъӯл « أи тбнўн » ғайри мазкӯри лдлолаҳи алкломи алайҳ , Фдл « тбнўн » алии албноءу дилат « оя » алии азми албноء .
أَ تَبْنُونَ بِکُلِّ رِیعٍ آیَةً تَعْبَثُونَ الرّیع المرتفع من الارض و جمعه اریاع، و الریع بالفتح فیه لغة و اصله فی اللغة الزیادة و قیل هو الطریق المرتفع عن الارض سلک ام لم یسلک. و قیل هو الطریق الّذی یکون بین الجبلین، «آیة» یعنی بناء متمیزا عن سایر الأبنیة و قیل آیة ای علامة یجتمعون الیها للعبث بمن یمرّ فی الطریق و قیل هو برج الحمام، تَعْبَثُونَ یعنی عابثین و هذا کقول القائل: خرج فلان من البلد یقول کذا یعنی قائلا کذا. خلافست میان علما که از بهر چه ایشان را عابث خواند بدان بناها که میکردند؟ قومی گفتند اسراف میکردند در آن فوق الحاجة قصرهای عظیم و منظرهای بلند، و هر چه اسراف باشد و فوق الحاجة همه عبث بود. قومی گفتند غرض ایشان در آن تفاخر و تکاثر بود و تفاخر در ابنیه عبث باشد که آن را محصولی نبود. قومی گفتند که قصد ایشان در آن بناها آن بود که تا از مکاره زمان و نوائب روزگار ایمن باشند و این عبث باشد، قومی گفتند که کبوتر خانه بود که میکردند و کبوترداری و این خود بازی کودکان باشد ، و قیل کانوا یبنون بناء من یطمع الخلود و ذلک عبث. مقاتل گفت ایشان سفر میکردند و بستارگان راه میبردند پس خواستند که راه بردن بر خود آسان کنند و بر راهها قصرهای عظیم و بناهای بلند بساختند تا علمی باشد ایشان را و نشانی در راه بردن و آن گه بآن تفاخر میکردند که هذا منزل فلان و هذا منزل بنی فلان، اینست که ربّ العالمین گفت: آیَةً تَعْبَثُونَ وَ تَتَّخِذُونَ مَصانِعَ ای حصونا و کلّ بناء مصنعة و قیل المصنعة البناء علی الماء و لعلّکم تخلدون ای کانّ هذه الأبنیة تخلّدکم فی الدّنیا و انتصب آیة علی انّه مفعول له، و مفعول «أَ تَبْنُونَ» غیر مذکور لدلالة الکلام علیه، فدلّ «تبنون» علی البناء و دلّت «آیة» علی عظم البناء.
Ва إзои бтштми бтштми ҷабборин эй азои антқмтми антқмтми интиқоми алҷборини балои рأФаҳу лои абқоء . Ва қили маъноаи إзои бтштми бмни дўнкми бтштми мутакаббирин қтлои болсиФу зрбои болсўту алҷбори алзии иқтлу изрби алии алғзб ,у асли алҷбори мумтанеъ , муштақи ман ҷаббори алнхл , ҳўи алзии қади артФъи ани ани тнолаҳи яд . Ва қили алҷбори ҳўи алғолии болқдраҳу ҳўи мадҳи ллаҳи ъзу ҷли лонаи ҳқиқаҳи фӣау зми лғираҳи лонаи кизб .
وَ إِذا بَطَشْتُمْ بَطَشْتُمْ جَبَّارِینَ ای اذا انتقمتم انتقمتم انتقام الجبّارین بلا رأفة و لا ابقاء. و قیل معناه إِذا بَطَشْتُمْ بمن دونکم بَطَشْتُمْ متکبّرین قتلا بالسّیف و ضربا بالسوط و الجبّار الّذی یقتل و یضرب علی الغضب، و اصل الجبّار ممتنع، مشتق من جبّار النخل، هو الّذی قد ارتفع عن ان تناله ید. و قیل الجبّار هو الغالی بالقدرة و هو مدح للَّه عزّ و جل لانّه حقیقة فیه و ذمّ لغیره لانّه کذب.
Фотқўои аллоҳи бтрки ҳзаҳи алошёءу أтиъўни Фимои адъўкми илайҳ .
فَاتَّقُوا اللَّهَ بترک هذه الاشیاء وَ أَطِیعُونِ فیما ادعوکم الیه.
Ва атқўои алзии أмдкм эй аътокми мо тълмўн . Ва аломдоди атбоъи ассонии бмои қиблаи шиӣои баъди шайъи ءи алии интизом . Сами Фсри Фқол : أмдкми бأнъому Бенину ҷиноту ъиўн . إнии أхоФи алайкуми азоби явми азими фии алднёу қили фии алохраҳи босроркми алии мо антми алайҳ .
وَ اتَّقُوا الَّذِی أَمَدَّکُمْ ای اعطاکم ما تعلمون. و الامداد اتباع الثانی بما قبله شیئا بعد شیء علی انتظام . ثمّ فسّر فقال: أَمَدَّکُمْ بِأَنْعامٍ وَ بَنِینَ وَ جَنَّاتٍ وَ عُیُونٍ. إِنِّی أَخافُ عَلَیْکُمْ عَذابَ یَوْمٍ عَظِیمٍ فی الدّنیا و قیل فی الآخرة باصرارکم علی ما انتم علیه.
Қолўои сўоءи ълинои أи ваъзати أми лами ткни ман алўоъзин эй ло нақабл кломку дъўтк ва ъзтам скт .
قالُوا سَواءٌ عَلَیْنا أَ وَعَظْتَ أَمْ لَمْ تَکُنْ مِنَ الْواعِظِینَ ای لا نقبل کلامک و دعوتک و عظت ام سکتّ.
إни ҳозои إлои халқи алأўлини бФтҳи хоу сукӯни лоами қироати ибни касӣру нофеъу абӯи Амру ёқӯбу алӣ , маънӣ онаст ки мо ҳозои алзии ҷӣтно ба алои кизби алаввалин аллазӣнаи адъўои алнбўаҳу лами икўнўои анбёء ,у бойени қавли халқи бмънӣ ахтлоқасту ҳўи алкзб . Ҳамонаст ки ҷой дигар гуфт : إни ҳозои إлои ахтлоқ , إни ҳозои إлои أсотири алأўлин , ва раво бошад ки халқи бмънии офариниш буду ваҷҳи ин қироат онаст ки хлқнои комаи халқи ман кони қблнои нҳиии комаи ҳиўоу нимувати комаи мотўо ва ло набаъс , комаи қолўо : إни ҳаии إлои ҳётнои алднёи нимуват ва наҳаё ва мо нҳни бмбъўсин , боқии қроء : إни ҳозои إлои халқи алأўлин бзмтин хонанд : зми хоу зми лоам ва он қроءаҳро ду ваҷҳаст : яке онаст ки нест ин ки ту оварадӣ магари хуйу одати пешинон ки мегуфтанд ки мо пиғмброним ва дурӯғ мегуфтанд ,у ваҷҳ дигар онаст ки мо ҳозои алзии нҳни фӣаи алои одаи алаввалин ман тшииди албноءу албтши алии ваҷҳи алткбр Фло натарк ҳзаҳи улода бқўлк .
إِنْ هذا إِلَّا خُلُقُ الْأَوَّلِینَ بفتح خا و سکون لام قرائت ابن کثیر و نافع و ابو عمرو و یعقوب و علی، معنی آنست که ما هذا الّذی جئتنا به الا کذب الاوّلین الّذین ادّعوا النبوّة و لم یکونوا انبیاء، و باین قول خلق بمعنی اختلاق است و هو الکذب. همانست که جای دیگر گفت: إِنْ هذا إِلَّا اخْتِلاقٌ، إِنْ هذا إِلَّا أَساطِیرُ الْأَوَّلِینَ، و روا باشد که خلق بمعنی آفرینش بود و وجه این قرائت آنست که خلقنا کما خلق من کان قبلنا نحیی کما حیوا و نموت کما ماتوا و لا نبعث، کما قالوا: إِنْ هِیَ إِلَّا حَیاتُنَا الدُّنْیا نَمُوتُ وَ نَحْیا وَ ما نَحْنُ بِمَبْعُوثِینَ، باقی قرّاء: إِنْ هذا إِلَّا خُلُقُ الْأَوَّلِینَ بضمّتین خوانند: ضمّ خا و ضمّ لام و آن قراءة را دو وجه است: یکی آنست که نیست این که تو آوردی مگر خوی و عادت پیشینان که میگفتند که ما پیغمبرانیم و دروغ میگفتند، و وجه دیگر آنست که ما هذا الّذی نحن فیه الّا عادة الاوّلین من تشیید البناء و البطش علی وجه التّکبّر فلا نترک هذه العادة بقولک.
Ва мо нҳни бмъзбини алии мо нҳни алайҳи ман алоқўолу алоФъоли Фкзбўаҳи Фأҳлкноҳм , бриҳи сарсари ъотиаҳ , ани фии злки лоиаҳ эй фии аҳлокнои аёҳми маъа шудаи қўтҳму шўктҳми бозаъфи алошёءу ҳўи алриҳи лдлолаҳи алии вҳдонитно ва сидқ набута , ва мо кони аксрҳми муъминину إни рбки лаҳви алъзизи арраҳим . Кизбати самуди алмрслин мақотил гуфт : оду самуди ибн ъам якдигар буданд , оди қавм ҳуд буданду самуди қавми солеҳу миёни мӯҳлики оду мӯҳлики самуди панҷсад сол буд . Қавмӣ гуфтанд аз аҳли таърих ки оду самуди ду бародар буданд аз фарзандони Ирами бен соми бен Нӯҳу соми бен Нӯҳро панҷ писар буд Ираму арФхшду оламу алиФру алосўд ,у Ирами мҳинаҳи фарзандон буд ва ӯро ҳафт писар буд : оду самуду сҳору тсму ҷдису ҷосиму боз . Маскани оду фарзандони ваии Яман буду маскани самуду фарзандони ваии ҳиҷозу шом буду маскани тсм , Аммону Баҳрайну маскани ҷдиси замини имомаҳу маскани сҳори мо байни алтоӣФи илои ҷиболи тиӣу маскани ҷосими мо байни алҳрми илои сФўону маскани вбор заминӣаст ки онро вбор гӯйанд , баноми ваии бозхўоннди ӣнони ҳамаи забону луғат арабӣ доштанд ,у қади анқрзўои ани охрҳми Флми ибқи ?лаами насл .
وَ ما نَحْنُ بِمُعَذَّبِینَ علی ما نحن علیه من الاقوال و الافعال فَکَذَّبُوهُ فَأَهْلَکْناهُمْ، بِرِیحٍ صَرْصَرٍ عاتِیَةٍ، انّ فی ذلک لآیة ای فی اهلاکنا ایّاهم مع شدّة قوّتهم و شوکتهم باضعف الاشیاء و هو الرّیح لدلالة علی وحدانیّتنا و صدق نبوّته، و ما کان اکثرهم مؤمنین وَ إِنَّ رَبَّکَ لَهُوَ الْعَزِیزُ الرَّحِیمُ. کَذَّبَتْ ثَمُودُ الْمُرْسَلِینَ مقاتل گفت: عاد و ثمود ابن عم یکدیگر بودند، عاد قوم هود بودند و ثمود قوم صالح و میان مهلک عاد و مهلک ثمود پانصد سال بود. قومی گفتند از اهل تاریخ که عاد و ثمود دو برادر بودند از فرزندان ارم بن سام بن نوح و سام بن نوح را پنج پسر بود ارم و ارفخشد و عالم و الیفر و الاسود، و ارم مهینه فرزندان بود و او را هفت پسر بود: عاد و ثمود و صحار و طسم و جدیس و جاسم و باز. مسکن عاد و فرزندان وی یمن بود و مسکن ثمود و فرزندان وی حجاز و شام بود و مسکن طسم، عمان و بحرین و مسکن جدیس زمین یمامه و مسکن صحار ما بین الطائف الی جبال طیئ و مسکن جاسم ما بین الحرم الی سفوان و مسکن وبار زمینی است که آن را وبار گویند، بنام وی بازخوانند اینان همه زبان و لغت عربی داشتند، و قد انقرضوا عن آخرهم فلم یبق لهم نسل.
إзи қоли ?лаами أхўҳми солеҳи أи лои ттқўни илои қавла : إлои алии раби Алъоламин .
إِذْ قالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ صالِحٌ أَ لا تَتَّقُونَ الی قوله: إِلَّا عَلی رَبِّ الْعالَمِینَ.
أи ттркўн яъне أи тзнўни ани рбкми итрккми фии ҳзаҳи алднёи омнини ман аламуту алҳдсон ? тأклўну тшрбўну ттмтъўни лои тхоФўни шиӣои сами тмўтўну лои тбъсўн .
أَ تُتْرَکُونَ یعنی أ تظنّون ان ربّکم یترککم فی هذه الدّنیا آمنین من الموت و الحدثان؟ تأکلون و تشربون و تتمتّعون لا تخافون شیئا ثمّ تموتون و لا تبعثون.
Фии ҷиноту ъиўн . Ва зрўъу нахли конўои искнўни алҳҷру ҳаии зоти нахлу заръ ва меаҳ тлъҳои ҳзими ахтлФўои фӣаи қоли ибни аббос : ҳзим эй латифи фии ҷисмаи мо доми фии кФроаҳ ва манеҳ ҳзими алкшҳу алҳшо , эй зомри латиф ва манеҳ ҳазми алтъоми азои лутфу астҳоли илои мшоклаҳи албдн . Қоли алмбрд : алтлъи мо доми фии кФроаҳи ҳзим , лони алҳзими аллосқи баъзаи ббъз . Фозои харҷи минҳои Флиси бҳзим эй нзиҷи мадраки ёнъ . Ва қоли мақотил : ҳзим , эй мутароким ҳатто ҳазми баъза баъзану аслаи алкср ,у қили ҳзими рутаби лини лӣси фӣаи навоа .
فِی جَنَّاتٍ وَ عُیُونٍ. وَ زُرُوعٍ وَ نَخْلٍ کانوا یسکنون الحجر و هی ذات نخل و زرع و میاه طَلْعُها هَضِیمٌ اختلفوا فیه قال ابن عباس: هضیم ای لطیف فی جسمه ما دام فی کفّراه و منه هضیم الکشح و الحشا، ای ضامر لطیف و منه هضم الطعام اذا لطف و استحال الی مشاکلة البدن. قال المبرد: الطّلع ما دام فی کفّراه هضیم، لانّ الهضیم اللاصق بعضه ببعض. فاذا خرج منها فلیس بهضیم ای نضیج مدرک یانع. و قال مقاتل: هضیم، ای متراکم حتّی هضم بعضه بعضا و اصله الکسر، و قیل هضیم رطب لین لیس فیه نواة.
Ва тнҳтўни ман алҷболи биўто ва метарошед аз кӯҳҳои санги хораи хонаҳо .
و تَنْحِتُونَ مِنَ الْجِبالِ بُیُوتاً و میتراشید از کوههای سنگ خاره خانهها.
Гуфтаанд ки дар водии ҳаҷари ду ҳазор бори ҳазор сарой ва ҳафтсад сарой тарошиданад аз санги сахт дар миёни кӯҳҳо , раби Алъоламин эшонро дар он кори боситодӣу тизкорӣ васф кард гуфт Форҳини тизкороннду устодон . Фрҳин , чусти корону зибокорон . Форҳин , болФи қироат кӯфӣасту шомӣу Фрҳин бе алифи қироати боқӣу ҳумои луғатон , мисли ҳозру ҳазар . Ва қил : алФораҳи алҳозқи Алъолам ,у алФраҳи алошри албтр . Ва қили алФраҳи алқўӣ .
گفتهاند که در وادی حجر دو هزار بار هزار سرای و هفتصد سرای تراشیدند از سنگ سخت در میان کوهها، ربّ العالمین ایشان را در آن کار باستادی و تیزکاری وصف کرد گفت فارِهِینَ تیزکارانند و استادان. فرهین، چستکاران و زیباکاران. فارهین، بالف قرائت کوفی است و شامی و فرهین بی الف قرائت باقی و هما لغتان، مثل حاذر و حذر. و قیل: الفاره الحاذق العالم، و الفره الاشر البطر. و قیل الفره القویّ.
Фотқўои аллоҳ эй аҳзрўои уқоба ,у атиъўни фии нсҳӣ .
فَاتَّقُوا اللَّهَ ای احذروا عقابه، و اطیعون فی نصحی.
Ва лои ттиъўои أмри алмсрФини алии анФсҳми фии тмодиҳми фии мъсиаҳи аллоҳу аҷтроӣҳми алии схтаҳ ва ҳам алрҳти алтсъаҳи аллазӣнаи иФсдўни фии алأрзу лои ислҳўн .
وَ لا تُطِیعُوا أَمْرَ الْمُسْرِفِینَ علی انفسهم فی تمادیهم فی معصیة اللَّه و اجترائهم علی سخطه و هم الرّهط التسعه الَّذِینَ یُفْسِدُونَ فِی الْأَرْضِ وَ لا یُصْلِحُونَ.
Қолўои إнмои أнти ман алмсҳрин эй анати ман алмъллини болтъому алшроби Флои нؤмни бки ахзи ман алсҳру ҳўи алрӣаҳу алмънии анати башари мслноу лсти ман алмлоӣкаҳ .
قالُوا إِنَّما أَنْتَ مِنَ الْمُسَحَّرِینَ ای انت من المعلّلین بالطعام و الشّراب فلا نؤمن بک اخذ من السّحر و هو الرّئة و المعنی انت بشر مثلنا و لست من الملائکة.
Ва қили анати ман алмсҳрин эй ммни саҳари мараи баъди ахрӣ ҳатто ахтли ақлау азтрби раъйа ,у иқўли алъараби ҳўи мсҳўру маҷнӯну мтбўб . Ва қили ман алмсҳрин эй ман алмхдўъин яъне тхдъи ман алсҳр .
و قیل انت من المسحّرین ای ممّن سحر مرّة بعد اخری حتّی اختلّ عقله و اضطرب رأیه، و یقول العرب هو مسحور و مجنون و مطبوب. و قیل من المسحّرین ای من المخدوعین یعنی تخدع من السّحر.
Мо أнти إлои башари мслнои сӯқаи лои фазли лаки ълинои Фأти боиаҳи إни канти содқои фии қўлки ании мурсал , Фأтнои бдлолаҳу ҳаҷаи алии злк .
ما أَنْتَ إِلَّا بَشَرٌ مِثْلُنا سوقة لا فضل لک علینا فَأْتِ بِآیَةٍ إِنْ کُنْتَ صادقا فی قولک انّی مرسل، فأتنا بدلالة و حجّة علی ذلک.
Ва дар тафсир овардаанд ки эшон аз солеҳ дархостанд ки ҳар пайғомбар ки омад бқўми хеш бо ваии мъҷзтӣ буд ки далолат кард бар сидқи вай ва мо аз ту май хоҳем ки азин санги маърӯфу ишорати бон санг карданд беруни ореи модаи шутурии обистан . Солеҳи эшонро наздики он санг ҷамъ кард ва дуо кард ,у раби алъзаҳи дъоءи вай иҷобат кард . Лиҷъли тлки алноқаҳи фитнаи ?лаам . Эшон дар он санг назар мекарданд ки ҳамчун зани обистани шикам боз кард дард зиҳ хосту ноқа аз он берун омад бар он сифат ки эшон мехостанд , ҳмроءи дъҷоءи ъшроء . Аз се рӯй муъҷиза буд : яке онкии ноқа аз санг берун омад ва ин муътод нест , дигари он ки бе Фҳли обистани гашт , сеюм онкии ноқа бар он сифат ки эшон мехостанд берун омад . Иқоли кони оди алаввали мари бтлки алсхраҳи иўмои рокбои Фсмъи ман ҷўФи алсхраҳ : ҷуз бе ?фони фии ҳалоки халқи ман влдк .
و در تفسیر آوردهاند که ایشان از صالح درخواستند که هر پیغامبر که آمد بقوم خویش با وی معجزتی بود که دلالت کرد بر صدق وی و ما از تو میخواهیم که ازین سنگ معروف و اشارت بآن سنگ کردند بیرون آری ماده شتری آبستن. صالح ایشان را نزدیک آن سنگ جمع کرد و دعا کرد، و ربّ العزّة دعاء وی اجابت کرد. لیجعل تلک النّاقة فتنة لهم. ایشان در آن سنگ نظر میکردند که همچون زن آبستن شکم باز کرد درد زه خاست و ناقه از آن بیرون آمد بر آن صفت که ایشان میخواستند، حمراء دعجاء عشراء. از سه روی معجزه بود: یکی آنکه ناقه از سنگ بیرون آمد و این معتاد نیست، دیگر آن که بیفحل آبستن گشت، سوم آنکه ناقه بر آن صفت که ایشان میخواستند بیرون آمد. یقال کان عاد الاوّل مرّ بتلک الصّخرة یوما راکبا فسمع من جوف الصّخرة: جز بی فانّ فیّ هلاک خلق من ولدک.
Пас он ноқаро низ дард зиҳ хост ва бача оварад .
پس آن ناقه را نیز درد زه خاست و بچّه آورد.
Солеҳи он гуҳи эшонро гуфт : ҳзаҳи ноқаи лаками ояи бонии расӯли аллоҳи лҳои шурби явму лаками шурби явм эй , насиби явми маълум . Факони ллноқаҳи явму ?лаами явм . Фозои кони явми шурби алноқаҳи ман алмоءи конўои фии лбни мо шоءўоу лӣси ?лаами моءу азои кони иўмҳми лами икни ллноқаҳи моء . Қоли ибни аббос : азои кони явми вирдҳо аъттҳми ман аллбни мо шоءўо .
صالح آن گه ایشان را گفت: هذِهِ ناقَةٌ لکم آیة بانّی رسول اللَّه لها شرب یوم و لکم شرب یوم ای ، نصیب یوم معلوم. فکان للنّاقة یوم و لهم یوم. فاذا کان یوم شرب النّاقة من الماء کانوا فی لبن ما شاءوا و لیس لهم ماء و اذا کان یومهم لم یکن للنّاقة ماء. قال ابن عباس: اذا کان یوم وردها اعطتهم من اللّبن ما شاءوا.
Ва лои тмсўҳои бсўء эй қоли ?лаами солеҳ : лои тъқрўҳоу лои ттързўои лҳои бмкрўаҳу лои тмнъўҳои ман алмоءу алръии Фиҳли бкми азоби явми азими фии алднё . « Фъқрўҳо » ирид ба алмсрФини аллазӣнаи сабақи зкрҳми фии қавла :у лои ттиъўои أмри алмсрФин . Ва қили алъоқри қдори бен солФу насаби алФъли илои ҷмоътҳми лонаами рзўои бзлк ,у кони қдори раҷули азрақи ашқри илои алқсри мо ҳў . Сами рҷъи илоҳо ҳўу соҳиби ?лаи болсиФи Фқтлоҳо . Ва иқоли ъқрўҳои явми алорбъо .
وَ لا تَمَسُّوها بِسُوءٍ ای قال لهم صالح: لا تعقروها و لا تتعرّضوا لها بمکروه و لا تمنعوها من الماء و الرّعی فیحلّ بکم عَذابُ یَوْمٍ عَظِیمٍ فی الدنیا. «فَعَقَرُوها» یرید به المسرفین الّذین سبق ذکرهم فی قوله: وَ لا تُطِیعُوا أَمْرَ الْمُسْرِفِینَ. و قیل العاقر قدار بن سالف و نسب الفعل الی جماعتهم لانّهم رضوا بذلک، و کان قدار رجل ازرق اشقر الی القصر ما هو. ثمّ رجع الیها هو و صاحب له بالسّیف فقتلاها. و یقال عقروها یوم الاربعا.
Фмотти Фأсбҳўои нодмини алии ъқрҳми Аёҳо баъди зуҳӯри алъзоби лонаами луи ндмўо қабл злки лтнФъҳми злк .
فماتت فَأَصْبَحُوا نادِمِینَ علی عقرهم ایّاها بعد ظهور العذاب لانّهم لو ندموا قبل ذلک لتنفعهم ذلک.
Фأхзҳми алъзоби явми алсбти ман сиҳаҳи Ҷабраил . Фмотўои аҷмъин ,у асли алъқри зарби алсоқи болсиФ ва мо иҷрии маҷроа . Ва қили алъқри алҷрҳ .
فَأَخَذَهُمُ الْعَذابُ یوم السّبت من صیحة جبرئیل. فماتوا اجمعین، و اصل العقر ضرب الساق بالسّیف و ما یجری مجراه. و قیل العقر الجرح.
إни фии злк эй фии ихроҷи алноқаҳи ман алсхраҳи алии тлки алсФаҳу фии аҳлокҳм , лъбраҳи лмни бъдҳми ман ҳзаҳи аломаҳ . Ва мо кони أксрҳми муъминин .
إِنَّ فِی ذلِکَ ای فی اخراج النّاقة من الصخرة علی تلک الصفة و فی اهلاکهم، لعبرة لمن بعدهم من هذه الامّة. وَ ما کانَ أَکْثَرُهُمْ مُؤْمِنِینَ.
Ва إни рбки лаҳви алъзизи арраҳим . Ва қили атоҳми солеҳи болмъҷзоти Фомнўо ба Флмои моти артдўои Фбъсаҳи сонёи илайҳами Фкзбўаҳи Фотоҳми болноқаҳ .
وَ إِنَّ رَبَّکَ لَهُوَ الْعَزِیزُ الرَّحِیمُ. و قیل اتاهم صالح بالمعجزات فآمنوا به فلمّا مات ارتدّوا فبعثه ثانیا الیهم فکذّبوه فاتاهم بالنّاقة.
Кизбати қавми лути алмрслини илои қавлаи إлои алии раби Алъоламин . أи тأтўни аззикрони ман Алъоламин ? яъне أи тсибўни алзкўри ман анноси ҳромоу тзрўни мо халқи лаками рбкми ман أзўоҷкми ҳлоло ? байни аллоҳи анаи лои узри ?лаами фӣа . Бали أнтми қавми ъодўни мтҷоўзўни ани алҳди фии алзлми бохтёрулҳаром алии алҳлол . Ва қили ман Алъоламин эй ман алғрбоء .
کَذَّبَتْ قَوْمُ لُوطٍ الْمُرْسَلِینَ الی قوله إِلَّا عَلی رَبِّ الْعالَمِینَ. أَ تَأْتُونَ الذُّکْرانَ مِنَ الْعالَمِینَ؟ یعنی أ تصیبون الذکور من النّاس حراما وَ تَذَرُونَ ما خَلَقَ لَکُمْ رَبُّکُمْ مِنْ أَزْواجِکُمْ حلالا؟ بیّن اللَّه انّه لا عذر لهم فیه. بَلْ أَنْتُمْ قَوْمٌ عادُونَ متجاوزون عن الحدّ فی الظلم باختیار الحرام علی الحلال. و قیل من العالمین ای من الغرباء.
Ва тзрўни мо халқи лаками рбкми ман أзўоҷкм яънеу тзрўни фурӯҷи азўоҷкму конўои иأтўни идбори алнсоء . Аизоу фии алхбр : ани ман ?утии амрأаҳи фии дбрҳои Фҳўи барии ءи ммои анзли алии Муҳамад ( с )у лои инзри аллоҳи илайҳ .
وَ تَذَرُونَ ما خَلَقَ لَکُمْ رَبُّکُمْ مِنْ أَزْواجِکُمْ یعنی و تذرون فروج ازواجکم و کانوا یأتون ادبار النساء. ایضا و فی الخبر: ان من اتی امرأة فی دبرها فهو بریء مما انزل علی محمد (ص) و لا ینظر اللَّه الیه.
Ва қоли баъзи алсҳобаҳ : қади куфр ,у қоли бъзҳми ҳилли иФълаҳи алои алкоФр ?
و قال بعض الصحابة: قد کفر، و قال بعضهم هل یفعله الا الکافر؟
Қолўои лӣни лами тнтаҳ ё лути ани дъўоки алнбўаҳу алонкори ълиноу ани тақбеҳи Фълнои лткўнни ман алмхрҷини ман блдно .
قالُوا لَئِنْ لَمْ تَنْتَهِ یا لُوطُ عن دعواک النبوّة و الانکار علینا و عن تقبیح فعلنا لَتَکُونَنَّ مِنَ الْمُخْرَجِینَ من بلدنا.
Қоли إнии лъмлкми аллўоти ман алқолини алмбғзин ,у алқолии алторки ллшии ءи бғзои ?ла . Раби нҷнӣу أҳлии ммои иъмлўн эй ман азоби ъмлҳм ,у қили ахрҷнии ман бинҳм ҳатто лои ароҳму ло арӣ ъмлҳму нҷнии ман мқосоаҳи мхолттҳм .
قالَ إِنِّی لِعَمَلِکُمْ اللّواط من القالین المبغضین، و القالی التارک للشیء بغضا له. رَبِّ نَجِّنِی وَ أَهْلِی مِمَّا یَعْمَلُونَ ای من عذاب عملهم، و قیل اخرجنی من بینهم حتّی لا اراهم و لا اری عملهم و نجّنی من مقاساة مخالطتهم.
Фнҷиноаҳу أҳлаҳ яъне бнотаҳ ва ман омни маъаа .
فَنَجَّیْناهُ وَ أَهْلَهُ یعنی بناته و من آمن معه.
إлои ъҷўзои фии алғобрини ҳаии амрأаҳи лути ғбрти Флми тхрҷи маъаи лут . Ва қили ғбрти Флми тҳлки маъаи қавмҳо сами асҳобҳо алҳҷри баъди мо харҷати ман алқриаҳ . Ва анмои аҳлкти лонҳои тдли алмшркини алии азёФаҳ .
إِلَّا عَجُوزاً فِی الْغابِرِینَ هی امرأة لوط غبرت فلم تخرج مع لوط. و قیل غبرت فلم تهلک مع قومها ثمّ اصحابها الحجر بعد ما خرجت من القریة. و انّما اهلکت لانّها تدلّ المشرکین علی اضیافه.
Сами дмрнои алохрини алдмори алҳлоки алии ваҷҳи ҳоӣли аҷиб . Ва ахтлФўои фии сабаби аҳлокҳм : Фқоли бъзҳми ани аллоҳи таъолии хсФи баҳами аларз ,у қоли бъзҳми ани Ҷабраили рФъҳми бблодҳми алии қўодмаҳ . Ва қили алии решаи воҳидаи ҳамлаами бомари аллоҳи илои алсмоء ҳатто самъи аҳли алсмоءи савти алтиру нбоҳи алклоб . Сами нксҳми алии рؤсҳми комаи қол : Фҷълнои олӣҳо соФлҳо .
ثُمَّ دَمَّرْنَا الْآخَرِینَ الدّمار الهلاک علی وجه هائل عجیب. و اختلفوا فی سبب اهلاکهم: فقال بعضهم انّ اللَّه تعالی خسف بهم الارض، و قال بعضهم انّ جبرئیل رفعهم ببلادهم علی قوادمه. و قیل علی ریشة واحدة حملهم بامر اللَّه الی السّماء حتّی سمع اهل السّماء صوت الطیر و نباح الکلاب. ثمّ نکسهم علی رؤسهم کما قال: فَجَعَلْنا عالِیَها سافِلَها.
Ва أмтрнои алайҳими мтро яъне алӣ алғоӣбин манеҳам фии алблод . Мтро , ирид ба мтри алҳҷораҳи комаи байни фии қавла :у أмтрнои алайҳими ҳаҷҷора . Қоли вҳбу أмтрнои алайҳими мтро эй кбрито ва норо Фсоءи мтри алмнзрин эй бӣси мтри алкоФрини аллазӣнаи кзбўои нбиҳм .
وَ أَمْطَرْنا عَلَیْهِمْ مَطَراً یعنی علی الغائبین منهم فی البلاد. مطرا، یرید به مطر الحجارة کما بیّن فی قوله: وَ أَمْطَرْنا عَلَیْهِمْ حِجارَةً. قال وهب وَ أَمْطَرْنا عَلَیْهِمْ مَطَراً ای کبریتا و نارا فَساءَ مَطَرُ الْمُنْذَرِینَ ای بئس مطر الکافرین الّذین کذّبوا نبیّهم.
إни фии злки лоиаҳ эй фии аҳлокнои аёҳми лдлолаҳи лмни бъдҳми мзҷрҳми ани қабеҳи фаълаам ва мо кони أксрҳми муъминину луи конўои муъминин лами иъзбўои фии алднё .
إِنَّ فِی ذلِکَ لَآیَةً ای فی اهلاکنا ایّاهم لدلالة لمن بعدهم مزجرهم عن قبیح فعلهم وَ ما کانَ أَکْثَرُهُمْ مُؤْمِنِینَ و لو کانوا مؤمنین لم یعذّبوا فی الدّنیا.
Ва إни рбки лаҳви алъзизи фии нқмтаҳи ман аъдоӣаҳи арраҳими болмؤмнини ман ибода .
وَ إِنَّ رَبَّکَ لَهُوَ الْعَزِیزُ فی نقمته من اعدائه الرَّحِیمُ بالمؤمنین من عباده.
Кизби أсҳоби алأикаҳи алмрслини алоикаҳи ғизаҳ , тунбат нааъам алшҷри колсдру алорок . Ва қоли алзҷоҷ : алоикаҳи алшҷри алмлтФи иқоли аикаҳу аики комаи иқоли аҷмаҳу аҷм . Ва кони асҳоби алоикаҳи асҳоби шаҷари млтФаҳ ,у шаҷараами алдўму ҳўи алмқл ,у қрأи ҳарамӣу шомӣ « аикаҳ » бФтҳи аллому ҳўи исми илми лтлки алмдинаҳу албқъаҳ .
کَذَّبَ أَصْحابُ الْأَیْکَةِ الْمُرْسَلِینَ الایکة غیضة، تنبت ناعم الشّجر کالسّدر و الاراک. و قال الزّجاج: الایکة الشّجر الملتفّ یقال ایکة و ایک کما یقال اجمة و اجم. و کان اصحاب الایکة اصحاب شجر ملتفّة، و شجرهم الدّوم و هو المقل، و قرأ حرمیّ و شامیّ «ایکة» بفتح اللام و هو اسم علم لتلک المدینة و البقعة.
إзи қоли ?лаами Шуайб . ӣнҷо ахўҳм нагуфт аз баҳри онкии Шуайб на аз насаби асҳоби аикаҳ буд балки аз насаби мадин буду лиҳозои қоли таъолӣ :у إлии мадин أхоҳми шъибо . Мадин писари иброҳӣми халил буд . Иброҳӣми баъд азсора зании бхўост аз канъонён , ва мадин аз вай буд ва мадин ҷади Шуайб буд , ҳўи Шуайби бен нўиби бен мадин бен иброҳӣм ( ъ ) .
إِذْ قالَ لَهُمْ شُعَیْبٌ. اینجا اخوهم نگفت از بهر آنکه شعیب نه از نسب اصحاب ایکه بود بلکه از نسب مدین بود و لهذا قال تعالی: وَ إِلی مَدْیَنَ أَخاهُمْ شُعَیْباً. مدین پسر ابراهیم خلیل بود. ابراهیم بعد از ساره زنی بخواست از کنعانیان، و مدین از وی بود و مدین جدّ شعیب بود، هو شعیب بن نویب بن مدین بن ابراهیم (ع).
Ривоят карданд аз ибни аббос ки гуфт : асҳоби аикаҳу асҳоби мадин ҳар ду якеанд , аммо ҷумҳӯри муфассирон бар онанд ки асҳоб аикаҳ дигаранду асҳоби мадин дигару ҳақи ҷли ҷалолаи Шуайбро баҳри ду қавм фиристод ба пайғомбарӣ . Қоли ибни зайд : баъси аллоҳи ъзу ҷли шъибои илои қавмаи аҳли мадину илои албодиаҳ ва ҳам асҳоби алоикаҳ .
روایت کردند از ابن عباس که گفت: اصحاب ایکة و اصحاب مدین هر دو یکیاند، امّا جمهور مفسّران بر آنند که اصحاب ایکه دیگرند و اصحاب مدین دیگر و حقّ جلّ جلاله شعیب را بهر دو قوم فرستاد به پیغامبری. قال ابن زید: بعث اللَّه عزّ و جل شعیبا الی قومه اهل مدین و الی البادیة و هم اصحاب الایکة.
إзи қоли ?лаами Шуайби أи лои ттқўни илои қавла : раби Алъоламин анмои канти дъўаҳи ҳؤлоءу алонбёءи каллаами Фимои ҳакии аллоҳи анҳуам ани сиғаи воҳидаи ллохбор , бон алҳақ алзии идъўни илайҳи воҳиду анҳми мтФқўни алии аламри болтқўӣу алтоъаҳу алохлоси фии алъбодаҳу аломтноъи ман ахзи алоҷри алии алдъўаҳу таблиғи алрсолаҳ .
إِذْ قالَ لَهُمْ شُعَیْبٌ أَ لا تَتَّقُونَ الی قوله: رَبِّ الْعالَمِینَ انّما کانت دعوة هؤلاء و الانبیاء کلّهم فیما حکی اللَّه عنهم عن صیغة واحدة للاخبار، بانّ الحقّ الّذی یدعون الیه واحد و انّهم متّفقون علی الامر بالتّقوی و الطّاعة و الاخلاص فی العبادة و الامتناع من اخذ الاجر علی الدّعوة و تبلیغ الرّسالة.
Қавла : أўФўои алкил , эй أтмўаҳу лои ткўнўои ман алмхсрини ҳуқуқи аннос , тқўли хусри ҳуққау ахсраҳ .
قوله: أَوْفُوا الْکَیْلَ، ای أتمّوه وَ لا تَکُونُوا مِنَ الْمُخْسِرِینَ حقوق النّاس، تقول خسر حقّه و اخسره.
Ва знўои болқстоси алмстқими алқстоси ақўми алмўозин ,у ҳўи алшоҳин ,у қили алқбон ,у қили алмъёр ,у қили алмизон . Ва қили ҳўи рӯмӣ ,у қили ҳўи арабӣу аслаи ман алқст . Қоли алмбрд : ?ераади болқстоси алъдлу алўФоء , мкилои кон ӯ мўзўно , сғиро ӯ кбиро .
وَزِنُوا بِالْقِسْطاسِ الْمُسْتَقِیمِ القسطاس اقوم الموازین، و هو الشّاهین، و قیل القبان، و قیل المعیار، و قیل المیزان. و قیل هو رومیّ، و قیل هو عربیّ و اصله من القسط. قال المبرّد: اراد بالقسطاس العدل و الوفاء، مکیلا کان او موزونا، صغیرا او کبیرا.
Ва лои тбхсўои анноси أшёءҳми ҳқўқҳм ,у зикри боъми алолФози ихотб ба алқоФаҳу алўзону алнхосу алмҳсӣу алсирФӣ ,у лои тъсўои фии алأрзи муфсидин алъсии асроъи алФсод , эй лои тФсдўои фии мъомлткми бинкму байни анноси Фткўнўои фии аларзи муфсидин бзлк ,у қили ?ераади лои тғирўои алии мо ҳўлкми нҳбоу қтло .
وَ لا تَبْخَسُوا النَّاسَ أَشْیاءَهُمْ حقوقهم، و ذکر باعمّ الالفاظ یخاطب به القافة و الوزّان و النخّاس و المحصی و الصیرفیّ، وَ لا تَعْثَوْا فِی الْأَرْضِ مُفْسِدِینَ العثی اسراع الفساد، ای لا تفسدوا فی معاملتکم بینکم و بین النّاس فتکونوا فی الارض مفسدین بذلک، و قیل اراد لا تغیّروا علی ما حولکم نهبا و قتلا.
Ва атқўои алзии хлқкму алҷблаҳи алأўлин . эй атқўои уқоби рбкми алзии хлқкму халқи алҷблаҳи алаввалин ,у фии алҷблаҳи ллърби луғатон : касри алҷиму албоءу ташдиди аллом ,у кзлки зми алҷиму албоءу ташдиди аллом , Фозои назъати алҳоءи ман охирҳо кони алзми фии албоءу алҷими комаи қоли таъолӣ :у лақади أзли мнкми ҷблои ксиро . Ва рбмои скнўои албоءи ман алҷбл ,у қили алҷблаҳи алхлқи алмтҷсди алғлизи махӯзи ман алҷбл . Ва маънии зикри алҷблаҳи إнзорҳми мо аўқъи аллоҳи баҳами ман алъқўбот , эй хлқкму халқи алаввалину қади рأитми вақойиъаи баҳам рӯй ани ибни аббоси анаи қол : алҷблаҳи ъушраи алоФ .
وَ اتَّقُوا الَّذِی خَلَقَکُمْ وَ الْجِبِلَّةَ الْأَوَّلِینَ. ای اتّقوا عقاب ربّکم الّذی خلقکم و خلق الجبلّة الاوّلین، و فی الجبلّة للعرب لغتان: کسر الجیم و الباء و تشدید اللام، و کذلک ضمّ الجیم و الباء و تشدید اللام، فاذا نزعت الهاء من آخرها کان الضمّ فی الباء و الجیم کما قال تعالی: وَ لَقَدْ أَضَلَّ مِنْکُمْ جِبِلًّا کَثِیراً. و ربّما سکنوا الباء من الجبل، و قیل الجبلّة الخلق المتجسّد الغلیظ مأخوذ من الجبل. و معنی ذکر الجبلّة إنذارهم ما اوقع اللَّه بهم من العقوبات، ای خلقکم و خلق الاوّلین و قد رأیتم وقایعه بهم روی عن ابن عباس انّه قال: الجبلّة عشرة الاف.
Қолўои إнмои أнти ман алмсҳрин . Ва мо أнти إлои башари мслноу إни нзнки лмни алкозбин . эй мо нзнки алои козбо .
قالُوا إِنَّما أَنْتَ مِنَ الْمُسَحَّرِینَ. وَ ما أَنْتَ إِلَّا بَشَرٌ مِثْلُنا وَ إِنْ نَظُنُّکَ لَمِنَ الْکاذِبِینَ. ای ما نظنّک الّا کاذبا.
Фأсқти ълинои ксФои бФтҳи сини қироат ҳФсаст ,у алксФи алқтъ . Иқоли ксФаҳу ксФ , назираи қавла : أўи тсқти алсмоءи комаи заъмати ълинои ксФо . Ва иқоли ксФти ?лаи ксФаҳи ман алмол эй қитъа . Боқии қроءи ксФои бскўн син хонанд ,у алксФи алҷонб эй асқти ълинои ҷонбои ман алсмоء . Ин сухан бар сиблат астҳзоء гуфтанду такзиб , ҳам чунон ки ҷой дигар гуфт : Фأмтри ълинои ҳаҷҷораи ман алсмоءи أўи аӣтнои бъзоби أлим .
فَأَسْقِطْ عَلَیْنا کِسَفاً بفتح سین قرائت حفص است، و الکسف القطع. یقال کسفة و کسف، نظیره قوله: أَوْ تُسْقِطَ السَّماءَ کَما زَعَمْتَ عَلَیْنا کِسَفاً. و یقال کسفت له کسفة من المال ای قطعة. باقی قرّاء کسفا بسکون سین خوانند، و الکسف الجانب ای اسقط علینا جانبا من السّماء. این سخن بر سبیل استهزاء گفتند و تکذیب، هم چنان که جای دیگر گفت: فَأَمْطِرْ عَلَیْنا حِجارَةً مِنَ السَّماءِ أَوِ ائْتِنا بِعَذابٍ أَلِیمٍ.
Шуайби эшонро ҷавоб дод ки : рабии أълми бмои тъмлўн , эй рабии аълами бъмлкм ва мо тстҳқўни ман алъзобу буқати алостҳқоқ : Финзли бкми алъзоби алии мо иўҷбаҳи алҳкмаҳ .
شعیب ایشان را جواب داد که: رَبِّی أَعْلَمُ بِما تَعْمَلُونَ، ای ربّی اعلم بعملکم و ما تستحقّون من العذاب و بوقت الاستحقاق: فینزل بکم العذاب علی ما یوجبه الحکمة.
Фкзбўаҳ , эй кзбўои шъибои баъди вузӯҳи алҳҷаҳу антФоءи алшбҳаҳ , Фأхзҳми азоби явми алзлаҳи асобҳми фии биўтҳми ғаму ҳури Фхрҷўои илои алсҳроءи итнФсўни Флҷоؤои илои ҳазизи ҷабали истзлўни бсҳобаҳи арзат ба . Флмои дхлўои таҳтҳо анзҷтҳм ,у қили слти аллоҳи алайҳими алҳри сабъаи айём ва лиёлӣҳо ҳатто ғулати анҳорҳми сами рафъи ?лаами ҷабали ман баъӣди таҳтаи моءи боради Фостзлўо ба Фсқти алайҳим . Қоли қтодаҳ : баъси аллоҳи шъибои илои умматин : асҳоби алоикаҳу аҳли мадин , ва аммо асҳоби алоикаҳи Фоҳлкўои болзлаҳ , ва аммо аҳли мадин Фохзтҳми алсиҳаҳи соҳи баҳами Ҷабраили Фҳлкўо . Ва ани ибни аббоси қол : ман ҳдски мо азоби явми алзлаҳи Фкзбаҳ , лаълаи ?ераади лам инҷ манеҳам аҳади Фихбр ба . إнаҳи кони азоби явми азим , анмои азми аллоҳи злки алиўми лъзми алъзоби фӣа .
فَکَذَّبُوهُ، ای کذّبوا شعیبا بعد وضوح الحجّة و انتفاء الشّبهة، فَأَخَذَهُمْ عَذابُ یَوْمِ الظُّلَّةِ اصابهم فی بیوتهم غمّ و حرّ فخرجوا الی الصحراء یتنفّسون فلجاؤا الی حضیض جبل یستظلّون بسحابة عرضت به. فلمّا دخلوا تحتها انضجتهم، و قیل سلّط اللَّه علیهم الحرّ سبعة ایّام و لیالیها حتی غلت انهارهم ثمّ رفع لهم جبل من بعید تحته ماء بارد فاستظلّوا به فسقط علیهم. قال قتادة: بعث اللَّه شعیبا الی امتین: اصحاب الایکة و اهل مدین، و امّا اصحاب الایکة فاهلکوا بالظّلة، و امّا اهل مدین فاخذتهم الصّیحة صاح بهم جبرئیل فهلکوا. و عن ابن عباس قال: من حدّثک ما عذاب یوم الضلّة فکذّبه، لعلّه اراد لم ینج منهم احد فیخبر به. إِنَّهُ کانَ عَذابَ یَوْمٍ عَظِیمٍ، انّما عظم اللَّه ذلک الیوم لعظم العذاب فیه.
إни фии злки лоиаҳ ва мо кони أксрҳми муъминину إни рбки лаҳви алъзизи арраҳим .
إِنَّ فِی ذلِکَ لَآیَةً وَ ما کانَ أَکْثَرُهُمْ مُؤْمِنِینَ وَ إِنَّ رَبَّکَ لَهُوَ الْعَزِیزُ الرَّحِیمُ.