Қавлаи таъолӣ : қол ё أиҳои алмлؤо сулаймон гуфт : эй мҳинони сипоҳи أикми иأтинӣ бършҳо кист аз шумо ки тахти он зани бмни орад ? қабл أни иأтўнии мусалламин ( 38 ) пеш аз он ки эшон мусулмониро бмн оянд .
قوله تعالی: قالَ یا أَیُّهَا الْمَلَؤُا سلیمان گفت: ای مهینان سپاه أَیُّکُمْ یَأْتِینِی بِعَرْشِها کیست از شما که تخت آن زن بمن آرد؟ قَبْلَ أَنْ یَأْتُونِی مُسْلِمِینَ (۳۸) پیش از آن که ایشان مسلمانی را بمن آیند.
Қоли ъФрити ман алҷн гуфт стнбаҳ эй аз париён : أнои отик ба ман он тахтро бтўи орм , қабл أни тқўми ман мқомки пеш аз онкӣ азин нишаст бархезӣ ,у إнии алайҳи лқўии أмин ( 39 ) ва ман оварадро бо неруему супурданро устувор .
قالَ عِفْرِیتٌ مِنَ الْجِنِّ گفت ستنبهای از پریان: أَنَا آتِیکَ بِهِ من آن تخت را بتو آرم، قَبْلَ أَنْ تَقُومَ مِنْ مَقامِکَ پیش از آنکه ازین نشست برخیزی، وَ إِنِّی عَلَیْهِ لَقَوِیٌّ أَمِینٌ (۳۹) و من آورد را با نیرویم و سپردن را استوار.
Қоли алзии ъндаҳи илми ман алкитоби он мард гуфт ки бнздик ӯ донишӣ буд аз китоб : أнои отик ба ман бтўи орми он қабл أни иртди إлики трФки пеш аз онкии нгрстни чашми ту аз ҷой бо ту ояду пардозад . Флмои роаҳи мстқрои ъндаҳ чун онро дид орамида наздик ӯ қоли ҳозои ман фазл рабӣ гуфт : ин аз афзӯнии неъмат аллоҳаст бар ман . Либлўнӣ мебиёзмоед марои أи أшкри أми أкФр ки озодӣ кунам ё нспосии орм ва ман шукри Фإнмои ишкри лнФсаҳ ва ҳар ки озодӣ кунад худро кунад ва ман куфр ва ҳар ки нспосӣ кунад Фإни рабии ғании Карим ( 40 ) худованди ман бе ниёзасту некӯкор .
قالَ الَّذِی عِنْدَهُ عِلْمٌ مِنَ الْکِتابِ آن مرد گفت که بنزدیک او دانشی بود از کتاب: أَنَا آتِیکَ بِهِ من بتو آرم آن قَبْلَ أَنْ یَرْتَدَّ إِلَیْکَ طَرْفُکَ پیش از آنکه نگرستن چشم تو از جای با تو آید و پردازد. فَلَمَّا رَآهُ مُسْتَقِرًّا عِنْدَهُ چون آن را دید آرمیده نزدیک او قالَ هذا مِنْ فَضْلِ رَبِّی گفت: این از افزونی نعمت اللَّه است بر من. لِیَبْلُوَنِی میبیازماید مرا أَ أَشْکُرُ أَمْ أَکْفُرُ که آزادی کنم یا نسپاسی آرم وَ مَنْ شَکَرَ فَإِنَّما یَشْکُرُ لِنَفْسِهِ و هر که آزادی کند خود را کند وَ مَنْ کَفَرَ و هر که نسپاسی کند فَإِنَّ رَبِّی غَنِیٌّ کَرِیمٌ (۴۰) خداوند من بی نیازست و نیکوکار.
Қоли нкрўои лҳо аршҳо гуфт : тахтро ҷад кунед наназар أи тҳтдӣ то нигарем ки биҷои оради أми ткўни ман аллазӣнаи лои иҳтдўн ( 41 ) ё аз эшон буд ки биҷой наёранд .
قالَ نَکِّرُوا لَها عَرْشَها گفت: تخت را جد کنید نَنْظُرْ أَ تَهْتَدِی تا نگریم که بجای آرد أَمْ تَکُونُ مِنَ الَّذِینَ لا یَهْتَدُونَ (۴۱) یا از ایشان بود که بجای نیارند.
Флмои ҷоءт чун омад билқис , қил гуфтанд ӯро : أ ҳоказо ършк чунинаст он тахти ту ? қолат гуфт кأнаҳ ҳў чунонаст гӯйӣ ки онасту أўтинои алълми ман қаблҳо ва моро дониш доданд пеш аз ону кнои мусалламин ( 42 ) ва мо мусулмон будем .
فَلَمَّا جاءَتْ چون آمد بلقیس، قِیلَ گفتند او را: أَ هکَذا عَرْشُکِ چنین است آن تخت تو؟ قالَتْ گفت کَأَنَّهُ هُوَ چنانست گویی که آنست وَ أُوتِینَا الْعِلْمَ مِنْ قَبْلِها و ما را دانش دادند پیش از آن وَ کُنَّا مُسْلِمِینَ (۴۲) و ما مسلمان بودیم.
Ва садҳо мо канти тааббуди ман дуни аллоҳу офтоб ӯро аз мусулмонии боздошти إнҳои канти ман қавми кофарин ( 43 ) ки ӯ аз қавми кофарон буд .
وَ صَدَّها ما کانَتْ تَعْبُدُ مِنْ دُونِ اللَّهِ و آفتاب او را از مسلمانی بازداشت إِنَّها کانَتْ مِنْ قَوْمٍ کافِرِینَ (۴۳) که او از قوم کافران بود.
ли лҳои адхлӣ алсрҳ гуфтанд дар торами ои лмои рأтаҳ чун дид торамро сбтаҳи лаҷаи пиндошт ки об жарфаст , шифти ани соқиҳои доман аз соқ бар кашид ки пой дар об нҳдол гуфт : на срҳи ммрди ман қўорири он торамӣаст аз обгинаи поки сохта ва насӯ дода ?илат раб гуфт худованди ман неи зулмати нафасии ман ситам кардам бар хештани أслмти маъаи сулаймону гардани ниҳодам ва мусулмон шудам бо сулаймони ?лаи раби Алъоламин ( 44 ) худованди ҷаҳонёнро .
قِيۡلَ لَهَا ادۡخُلِى الصَّرۡحَ گفتند در طارم آی فلَمَّا رَأَتْهُ چون دید طارم را حَسِبَـتۡهُ لُجَّةً پنداشت که آب ژرف است، وَّکَشَفَتۡ عَنْ ساقَیْها دامن از ساق بر کشید که پای در آب نهاد، قَالَ اِنَّهٗ صَرْحٌ مُمَرَّدٌ مِنْ قَوارِیرَ گفت: آن طارمی است از آبگینه پاک ساخته و نسو داده قالَتْ رَبِ گفت خداوند من انِّی ظَلَمْتُ نَفْسِی من ستم کردم بر خویشتن و أَسْلَمْتُ مَعَ سُلَیْمانَ و گردن نهادم و مسلمان شدم با سلیمان لِلَّهِ رَبِّ الْعالَمِینَ (۴۴) خداوند جهانیان را.
Ва лақади أрслнои إлии самуд ва фиристодем бсмўди أхоҳми солҳои марди эшонро солеҳи أни аъбдўои аллоҳ ки аллоҳро парастед ягонаи Фإзои ҳам Фриқони ду гуруҳ шуданд , ихтсмўн ( 45 ) бо якдигари шӯр ва ҷанг даргирифтанд .
وَ لَقَدْ أَرْسَلْنا إِلی ثَمُودَ و فرستادیم بثمود أَخاهُمْ صالِحاً مرد ایشان را صالح أَنِ اعْبُدُوا اللَّهَ که اللَّه را پرستید یگانه فَإِذا هُمْ فَرِیقانِ دو گروه شدند، یَخْتَصِمُونَ (۴۵) با یکدیگر شور و جنگ درگرفتند.
Қол ё қавм гуфт эй қавм : лами тстъҷлўни болсиӣаҳ қабл алҳасана чаро бъзоб мешитобид пеш аз некӣ , луи лои тстғФрўни аллоҳ чаро омурзиш менахоҳед аз аллоҳи лълкми трҳмўн ( 46 ) то магар бар шумо бибахшоед .
قالَ یا قَوْمِ گفت ای قوم: لِمَ تَسْتَعْجِلُونَ بِالسَّیِّئَةِ قَبْلَ الْحَسَنَةِ چرا بعذاب میشتابید پیش از نیکی، لَوْ لا تَسْتَغْفِرُونَ اللَّهَ چرا آمرزش مینخواهید از اللَّه لَعَلَّکُمْ تُرْحَمُونَ (۴۶) تا مگر بر شما ببخشاید.
Қолўои атирнои бку бмн мък гуфтанд : фоли бади гирифтеми бтўу боинон ки бо тавонад . Қол тоӣркм ъанд аллоҳ гуфт ончии шумо арзонӣ онед бахши он бнздик аллоҳаст бали أнтми қавми тФтнўн ( 47 ) нест магари онкии шумо қавмӣед ки мебиёзмоианд шуморо .
قالُوا اطَّیَّرْنا بِکَ وَ بِمَنْ مَعَکَ گفتند: فال بد گرفتیم بتو و باینان که با تواند. قالَ طائِرُکُمْ عِنْدَ اللَّهِ گفت آنچه شما ارزانی آنید بخش آن بنزدیک اللَّه است بَلْ أَنْتُمْ قَوْمٌ تُفْتَنُونَ (۴۷) نیست مگر آنکه شما قومیاید که میبیازمایند شما را.
Ва кони фии алмдинаҳи тсъаҳи рҳт ва дар шористон на тан буданд иФсдўни фии алأрз ки дар замин май табоҳ корӣ карданду лои ислҳўн ( 48 )у нек корӣ намекарданд .
وَ کانَ فِی الْمَدِینَةِ تِسْعَةُ رَهْطٍ و در شارستان نه تن بودند یُفْسِدُونَ فِی الْأَرْضِ که در زمین میتباهکاری کردند وَ لا یُصْلِحُونَ (۴۸) و نیک کاری نمیکردند.
Қолўои тқосмўо биллоҳ гуфтанд якдигарро савганд хуред бхдои лнбитнаҳу أҳлаҳ ки ночора шабихун кунем бар солеҳу касони ваии сами лнқўлни лўлиаҳи анга чуну доварии дорӣ ӯро гўӣим : мо шҳднои мӯҳлики أҳлаҳи куштану касон ӯро мо набудему إнои лсодқўн ( 49 ) ва мо май рости гўӣим .
قالُوا تَقاسَمُوا بِاللَّهِ گفتند یکدیگر را سوگند خورید بخدا لَنُبَیِّتَنَّهُ وَ أَهْلَهُ که ناچاره شبیخون کنیم بر صالح و کسان وی ثُمَّ لَنَقُولَنَّ لِوَلِیِّهِ انگه چون و داوری داری او را گوئیم: ما شَهِدْنا مَهْلِکَ أَهْلِهِ کشتن و کسان او را ما نبودیم وَ إِنَّا لَصادِقُونَ (۴۹) و ما میراست گوئیم.
Ва мкрўои мкрои эшон дастоне сохтанд ниҳону мкрнои мкро ва мо дастоне сохтем ниҳон ва ҳам лои ишърўн ( 50 ) ва эшон огоҳи набуданд .
وَ مَکَرُوا مَکْراً ایشان دستانی ساختند نهان وَ مَکَرْنا مَکْراً و ما دستانی ساختیم نهان وَ هُمْ لا یَشْعُرُونَ (۵۰) و ایشان آگاه نبودند.
Фонзри Киеви кони оқибаи мкрҳм дар нигари саранҷоми дастони эшон чун буд .
فَانْظُرْ کَیْفَ کانَ عاقِبَةُ مَکْرِهِمْ در نگر سرانجام دستان ایشان چون بود.
أнои дмрноҳм ва мо дамор аз эшон баровардему қўмҳми أҷмъин ( 51 )у қавми эшонро ҳамагон .
أَنَّا دَمَّرْناهُمْ و ما دمار از ایشان برآوردیم وَ قَوْمَهُمْ أَجْمَعِینَ (۵۱) و قوم ایشان را همگان.
Фтлки биўтҳми хоўиаҳи он гуҳи хону мони эшон тиҳӣ гузошта бмои злмўои бони ситамкорӣ ки карданд إни фии злки лоиаҳ дар ан нишонеасту лқўми иълмўн ( 52 ) эшонро ки бидонанд .
فَتِلْکَ بُیُوتُهُمْ خاوِیَةً آن گه خان و مان ایشان تهی گذاشته بِما ظَلَمُوا بآن ستمکاری که کردند إِنَّ فِی ذلِکَ لَآیَةً در ان نشانی است و لِقَوْمٍ یَعْلَمُونَ (۵۲) ایشان را که بدانند.
Ва أнҷинои аллазӣнаи омнўои рҳонидими эшонро ки бгрўиднду конўои итқўн ( 53 ) ва аз нописанд май прҳизиднд .
وَ أَنْجَیْنَا الَّذِینَ آمَنُوا رهانیدیم ایشان را که بگرویدند وَ کانُوا یَتَّقُونَ (۵۳) و از ناپسند میپرهیزیدند.
Ва лўтои إзи қоли лқўмаҳу лутро он гуҳ ки қавми хешро гуфт : أи тأтўни алФоҳшаҳ май кор зишт кунеду أнтми тбсрўн ( 54 ) ва шумо хрдмндонид ва майдонед
وَ لُوطاً إِذْ قالَ لِقَوْمِهِ و لوط را آن گه که قوم خویش را گفت: أَ تَأْتُونَ الْفاحِشَةَ می کار زشت کنید وَ أَنْتُمْ تُبْصِرُونَ (۵۴) و شما خردمندانید و میدانید
أи إнкми лтأтўни алрҷоли шҳўаҳи ман дуни алнсоء бо мардон майгароӣад бкоми ронии фурӯд аз занони бали أнтми қавми тҷҳлўн ( 55 ) нест ҷузи он ки қавмӣ нодонед .
أَ إِنَّکُمْ لَتَأْتُونَ الرِّجالَ شَهْوَةً مِنْ دُونِ النِّساءِ با مردان میگرائید بکامرانی فرود از زنان بَلْ أَنْتُمْ قَوْمٌ تَجْهَلُونَ (۵۵) نیست جز آن که قومی نادانید.
Фмои кони ҷавоби қавмаи إлои أн қолўо набӯд посухи қавм ӯ магар ки мегуфтанд .
فَما کانَ جَوابَ قَوْمِهِ إِلَّا أَنْ قالُوا نبود پاسخ قوم او مگر که میگفتند.
أхрҷўои оли лути ман қриткм берун кунед қавми лутро аз шаҳри хеши إнҳми أноси иттҳрўн ( 56 ) эшон мардумонеанд ки май покизагии барзанад .
أَخْرِجُوا آلَ لُوطٍ مِنْ قَرْیَتِکُمْ بیرون کنید قوم لوط را از شهر خویش إِنَّهُمْ أُناسٌ یَتَطَهَّرُونَ (۵۶) ایشان مردمانیاند که می پاکیزگی برزند.
Фأнҷиноаҳу أҳлаҳу рҳонидим ӯроу касон ӯро إлои амрأтаҳи магари зан ӯро қдрноҳо ки чунон хостем , ман алғобрин ( 57 ) ки он зан аз бозмондагон буд .
فَأَنْجَیْناهُ وَ أَهْلَهُ و رهانیدیم او را و کسان او را إِلَّا امْرَأَتَهُ مگر زن او را قَدَّرْناها که چنان خواستیم، مِنَ الْغابِرِینَ (۵۷) که آن زن از بازماندگان بود.
Ва أмтрнои алайҳими мтро ва баришон боронӣ боридем Фсоءи мтри алмнзрин ( 58 ) чун бади боронӣ буд огоҳи кардагону панди нпзирндгон .
وَ أَمْطَرْنا عَلَیْهِمْ مَطَراً و بریشان بارانی باریدیم فَساءَ مَطَرُ الْمُنْذَرِینَ (۵۸) چون بد بارانی بود آگاه کردگان و پند نپذیرندگان.