Қавлаи таъолӣ : إнки лои тсмъи аламутӣ ту натавонӣ ки каронро шинавонеу лои тсмъи алсми алдъоءу карони овоз хондан нашунаванд إзои влўои мудаббирин ( 80 ) он гуҳ ки пушти баргардонанд ва баргарданд .

قوله تعالی: إِنَّکَ لا تُسْمِعُ الْمَوْتی‌ تو نتوانی که کران را شنوانی وَ لا تُسْمِعُ الصُّمَّ الدُّعاءَ و کران آواز خواندن نشنوند إِذا وَلَّوْا مُدْبِرِینَ (۸۰) آن گه که پشت برگردانند و برگردند.

Ва мо أнти бҳодии алъмии ани злолтҳм ва ту он нестӣ ки бо роҳи ореи нобиноёнро аз гумроҳии эшон إни тсмъи إлои ман иؤмн боётно нашнавоне магари он кас ки бгрўди бсхнони мо фаҳми мслмўн ( 81 ) ва эшонанд ки мслмононнд .

وَ ما أَنْتَ بِهادِی الْعُمْیِ عَنْ ضَلالَتِهِمْ و تو آن نیستی که با راه آری نابینایانرا از گمراهی ایشان إِنْ تُسْمِعُ إِلَّا مَنْ یُؤْمِنُ بِآیاتِنا نشنوانی مگر آن کس که بگرود بسخنان ما فَهُمْ مُسْلِمُونَ (۸۱) و ایشانند که مسلمانانند.

Ва إзои вақъи алқўли алайҳим ва чун гуфт худоӣу сухан ӯ воҷиб гашта баришон уфтад , أхрҷнои ?лаами добаҳи ман алأрзи беруни ореми эшонро ҷанбндае аз замини тклмҳми фаро рӯй мардум мегуяд أни анноси конўои боётнои лои иўқнўн ( 82 ) ки мардумони боёту суханони моу бўъду ваъиди мо бнмӣ гараванд ва бегумон намебошанд .

وَ إِذا وَقَعَ الْقَوْلُ عَلَیْهِمْ و چون گفت خدای و سخن او واجب گشته بریشان افتد، أَخْرَجْنا لَهُمْ دَابَّةً مِنَ الْأَرْضِ بیرون آریم ایشان را جنبنده‌ای از زمین تُکَلِّمُهُمْ فرا روی مردم میگوید أَنَّ النَّاسَ کانُوا بِآیاتِنا لا یُوقِنُونَ (۸۲) که مردمان بآیات و سخنان ما و بوعد و وعید ما بنمی‌گروند و بی‌گمان نمی‌باشند.

Ва явм наҳашар ва он рӯз ки фароҳами ореми ман кули أмаҳи Фўҷо аз ҳар умматии ҷўкии ммни икзби боётно азишон ки бдрўғ медоштанд суханони мо фаҳми иўзъўн ( 83 ) эшонро фароҳами мироннд ва мебоз доранд .

وَ یَوْمَ نَحْشُرُ و آن روز که فراهم آریم مِنْ کُلِّ أُمَّةٍ فَوْجاً از هر امّتی جوکی مِمَّنْ یُکَذِّبُ بِآیاتِنا ازیشان که بدروغ میداشتند سخنان ما فَهُمْ یُوزَعُونَ (۸۳) ایشان را فراهم میرانند و می‌باز دارند.

Ҳатто إзои ҷоؤ то он гуҳ ки оянд қоли أи кзбтм боётӣ гуяд суханони ман дурӯғ шимурдед ?у лами тҳитўои баҳои уламо ва онро дар наёфтед أмои зои кантами тъмлўн ( 84 ) то он худ чаҳ буд ки мекардед .

حَتَّی إِذا جاؤُ تا آن گه که آیند قالَ أَ کَذَّبْتُمْ بِآیاتِی گوید سخنان من دروغ شمردید؟ وَ لَمْ تُحِیطُوا بِها عِلْماً و آن را در نیافتید أَمَّا ذا کُنْتُمْ تَعْمَلُونَ (۸۴) تا آن خود چه بود که می‌کردید.

Ва вақъи алқўли алайҳими эшонро биФтод он гуфт ки ваъид гуфта буд эшонро ва воҷиб гашта расӣдани азоб бар эшон бмои злмўои бони ситам ки карданд фаҳми лои интқўн ( 85 ) эшон хомӯш монанди ҳеҷ сухани нгўинд .

وَ وَقَعَ الْقَوْلُ عَلَیْهِمْ ایشان را بیفتاد آن گفت که وعید گفته بود ایشان را و واجب گشته رسیدن عذاب بر ایشان بِما ظَلَمُوا بآن ستم که کردند فَهُمْ لا یَنْطِقُونَ (۸۵) ایشان خاموش مانند هیچ سخن نگویند.

أи лами ирўо наме бенанди أнои ҷълнои аллили лискнўои фӣа ки мо шаб торик кардем то ором гиранд дар ону алнҳори мбсроу рӯз равшан кардем то май бенанд дар он إни фии злки лоёт дар он нишоне сахт пайдост лқўми иؤмнўн ( 86 ) гуруҳеро ки бгрўнд .

أَ لَمْ یَرَوْا نمی‌بینند أَنَّا جَعَلْنَا اللَّیْلَ لِیَسْکُنُوا فِیهِ که ما شب تاریک کردیم تا آرام گیرند در آن وَ النَّهارَ مُبْصِراً و روز روشن کردیم تا می‌بینند در آن إِنَّ فِی ذلِکَ لَآیاتٍ در آن نشانی سخت پیداست لِقَوْمٍ یُؤْمِنُونَ (۸۶) گروهی را که بگروند.

Ва явми инФхи фии алсўри он рӯз ки дар дманд дар сувари ФФзъи ман фии алсмоўот ва ман фӣ алأрз битарсад аҳли осмону замини إлои ман шоءи аллоҳи магари онкӣ худо хоҳаду кули أтўаҳи дохрин ( 87 )у ҳамаи омднинд бова ночору ноком .

وَ یَوْمَ یُنْفَخُ فِی الصُّورِ آن روز که در دمند در صور فَفَزِعَ مَنْ فِی السَّماواتِ وَ مَنْ فِی الْأَرْضِ بترسد اهل آسمان و زمین إِلَّا مَنْ شاءَ اللَّهُ مگر آنکه خدا خواهد وَ کُلٌّ أَتَوْهُ داخِرِینَ (۸۷) و همه آمدنیند باو ناچار و ناکام.

Ватарӣ алҷболи тҳсбҳои ҷомидау кӯҳҳо бинии пиндорӣ ки бар ҷойасту ҳаии тмри мари алсҳоб ва он меравад чунон ки абр равад сунъи аллоҳи алзии أтқни кули шайъи ءи ин сунъ худоӣаст он ки ҳар чаҳ кард муҳкам карду устувори إнаҳи хабири бмои тФълўн ( 88 ) ӯ огоҳасту донои баҳр чаҳ мекунед .

وَ تَرَی الْجِبالَ تَحْسَبُها جامِدَةً و کوه‌ها بینی پنداری که بر جای است وَ هِیَ تَمُرُّ مَرَّ السَّحابِ و آن میرود چنان که ابر رود صُنْعَ اللَّهِ الَّذِی أَتْقَنَ کُلَّ شَیْ‌ءٍ این صنع خدای است آن که هر چه کرد محکم کرد و استوار إِنَّهُ خَبِیرٌ بِما تَفْعَلُونَ (۸۸) او آگاه است و دانا بهر چه میکنید.

Ман ҷоءи болҳснаҳ ҳар ки некии оради фалаи хайри минҳо ӯ рост ба аз он ва ҳам ман фазаъи иўмӣзи омнўн ( 89 ) эшон аз бими он рӯзи рстгороннд ва бебим .

مَنْ جاءَ بِالْحَسَنَةِ هر که نیکی آرد فَلَهُ خَیْرٌ مِنْها او راست به از آن وَ هُمْ مِنْ فَزَعٍ یَوْمَئِذٍ آمِنُونَ (۸۹) ایشان از بیم آن روز رستگارانند و بی‌بیم.

Ва ман ҷоءи болсиӣаҳ ва ҳар ки бадии оради Фкбти вҷўҳҳми фии алнор нигун андозанд рӯйҳои эшон дар оташи ҳилли тҷзўни إлои мо кантами тъмлўн ( 90 ) ва эшонро гӯйанд шуморо подош хоҳанд дод магар ончӣ мекардед .

وَ مَنْ جاءَ بِالسَّیِّئَةِ و هر که بدی آرد فَکُبَّتْ وُجُوهُهُمْ فِی النَّارِ نگون اندازند رویهای ایشان در آتش هَلْ تُجْزَوْنَ إِلَّا ما کُنْتُمْ تَعْمَلُونَ (۹۰) و ایشان را گویند شما را پاداش خواهند داد مگر آنچه میکردید.

إнмои أмрт маро фармуданд أни أъбди раби ҳзаҳи алблдаҳ ки худои ин шаҳрро пурситами алзии ҳарамҳо он худоӣ ки инро озарми бузурги ниҳоду ?лаи кули шайъи ءу ҳамаи чиз ӯ росту أмрти أни أкўни ман алмуслимӣн ( 91 ) ва маро фармуданд то аз гардан ниҳодагон бошам .

إِنَّما أُمِرْتُ مرا فرمودند أَنْ أَعْبُدَ رَبَّ هذِهِ الْبَلْدَةِ که خدای این شهر را پرستم الَّذِی حَرَّمَها آن خدای که این را آزرم بزرگ نهاد وَ لَهُ کُلُّ شَیْ‌ءٍ و همه چیز او راست وَ أُمِرْتُ أَنْ أَکُونَ مِنَ الْمُسْلِمِینَ (۹۱) و مرا فرمودند تا از گردن نهادگان باشم.

Ва أни أтлўои алқуръон ва қуръон хонам Фмни аҳтдии Фإнмои иҳтдии лнФсаҳ ҳар ки бо роҳ ояд хештанро бо роҳ ояд ва ман зл ва ҳар ки бгмроҳӣ равад Фқли إнмои أнои ман алмнзрин ( 92 ) гӯии ман аз огоҳкунандагонам .

وَ أَنْ أَتْلُوَا الْقُرْآنَ و قرآن خوانم فَمَنِ اهْتَدی‌ فَإِنَّما یَهْتَدِی لِنَفْسِهِ هر که با راه آید خویشتن را با راه آید وَ مَنْ ضَلَّ و هر که بگمراهی رود فَقُلْ إِنَّما أَنَا مِنَ الْمُنْذِرِینَ (۹۲) گوی من از آگاه کنندگانم.

Ва қул алҳмди ллаҳи гӯии ҳамду сноءи некӯи аллоҳро сирикми оёта ки бшмо май намояди нишонҳои хеши ФтърФўнҳо то бишносед онро ва мо рбки бғоФли ъмои тъмлўн ( 93 )у худованди ту ноогоҳ нест аз ончӣ мекунед .

وَ قُلِ الْحَمْدُ لِلَّهِ گوی حمد و ثناء نیکو اللَّه را سَیُرِیکُمْ آیاتِهِ که بشما می‌نماید نشانهای خویش فَتَعْرِفُونَها تا بشناسید آن را وَ ما رَبُّکَ بِغافِلٍ عَمَّا تَعْمَلُونَ (۹۳) و خداوند تو ناآگاه نیست از آنچه میکنید.