Қавлаи таъолӣ :у қФўҳм боз доред эшонро бар пули сирот , إнҳми мсؤлўн ( 24 ) ки эшон пурсиднӣанд .

قوله تعالی: وَ قِفُوهُمْ باز دارید ایشان را بر پل صراط، إِنَّهُمْ مَسْؤُلُونَ (۲۴) که ایشان پرسیدنی‌اند.

Мо лаками лои тносрўн ( 25 ) « чист шуморо ки якдигарро бакор наме оӣиди имрӯз , .

ما لَکُمْ لا تَناصَرُونَ (۲۵) «چیست شما را که یکدیگر را بکار نمی‌آئید امروز،.

Бали ҳам алиўми мстслмўн ( 26 ) балки эшон он рӯзи хештанро афкандаанду أқбли бъзҳми алии баъзи итсоءлўн ( 27 ) рӯй фаро рӯй якдигар кунанду якдигарро мигўинд ин чист ки бо ман кардӣ ?

بَلْ هُمُ الْیَوْمَ مُسْتَسْلِمُونَ (۲۶) بلکه ایشان آن روز خویشتن را افکنده‌اند وَ أَقْبَلَ بَعْضُهُمْ عَلی‌ بَعْضٍ یَتَساءَلُونَ (۲۷) روی فرا روی یکدیگر کنند و یکدیگر را میگویند این چیست که با من کردی؟

Қолўо гӯйанд إнкми кантами тأтўннои ани алимин ( 28 ) шумо рост аз бузургтар сӯй бар мо дар омадед бар гиромитар сӯй қолўо гӯйанд : бали лами ткўнўои муъминин ( 29 ) балки шумо худ буна гаравидед .

قالُوا گویند إِنَّکُمْ کُنْتُمْ تَأْتُونَنا عَنِ الْیَمِینِ (۲۸) شما راست از بزرگ‌تر سوی بر ما در آمدید بر گرامی‌تر سوی‌ قالُوا گویند: بَلْ لَمْ تَکُونُوا مُؤْمِنِینَ (۲۹) بلکه شما خود بنه گرویدید.

Ва мо кони лнои алайкуми ман султон ва моро бар шумо даст рисӣ набӯд , бали кантами қўмои тоғин ( 30 ) шумо худ қавмӣ будед аз андоза дар гузоранда .

وَ ما کانَ لَنا عَلَیْکُمْ مِنْ سُلْطانٍ و ما را بر شما دست رسی نبود، بَلْ کُنْتُمْ قَوْماً طاغِینَ (۳۰) شما خود قومی بودید از اندازه در گذارنده.

Фҳқи ълинои қавли рбно дуруст шуд сухани худованди мо бар мо إнои лзоӣқўн ( 31 ) ки мо ҳар ду гуруҳро чшндаҳи азоб май бояд буд .

فَحَقَّ عَلَیْنا قَوْلُ رَبِّنا درست شد سخن خداوند ما بر ما إِنَّا لَذائِقُونَ (۳۱) که ما هر دو گروه را چشنده عذاب می‌باید بود.

Фأғўинокми إнои кнои ғоўин ( 32 ) шуморо каж роҳ кардем ки худ кажи роҳ будем . Фإнҳми иўмӣзи фии алъзоби мштркўн ( 33 ) он рӯзи ҳамаи бадкорон дар азоби анбозоннд .

فَأَغْوَیْناکُمْ إِنَّا کُنَّا غاوِینَ (۳۲) شما را کژ راه کردیم که خود کژ راه بودیم. فَإِنَّهُمْ یَوْمَئِذٍ فِی الْعَذابِ مُشْتَرِکُونَ (۳۳) آن روز همه بدکاران در عذاب انبازانند.

إно кзлк нафеъл болмҷрмин ( 34 ) чунин кунем мо бо бадкорон .

إِنَّا کَذلِکَ نَفْعَلُ بِالْمُجْرِمِینَ (۳۴) چنین کنیم ما با بدکاران.

إнҳми конўои إзои қили ?лаами лои إлаҳи إлои аллоҳ ки эшон он буданд ки чун эшонро гуфтанд худоӣ нест магари аллоҳ , исткбрўн ( 35 ) аз пазируфтан он гардан мекашиданд .

إِنَّهُمْ کانُوا إِذا قِیلَ لَهُمْ لا إِلهَ إِلَّا اللَّهُ که ایشان آن بودند که چون ایشان را گفتند خدایی نیست مگر اللَّه، یَسْتَکْبِرُونَ (۳۵) از پذیرفتن آن گردن می‌کشیدند.

Ва иқўлўн ва мегуфтанд : أи إнои лторкўо олҳтно бош мо пурсиши худоёни хеш бихоҳйм гузошт ? лшоъри маҷнӯн ( 36 ) аз баҳри сухани сухансозӣ девонае ? !

وَ یَقُولُونَ و میگفتند: أَ إِنَّا لَتارِکُوا آلِهَتِنا باش ما پرستش خدایان خویش بخواهیم گذاشت؟ لِشاعِرٍ مَجْنُونٍ (۳۶) از بهر سخن سخن سازی دیوانه‌ای؟!

Бали ҷоءи болҳқ балки сухан рост оварад ,у сидқи алмрслин ( 37 )у пайғомбарони пешинро гувоҳӣ дод ва устувор гирифт .

بَلْ جاءَ بِالْحَقِّ بلکه سخن راست آورد، وَ صَدَّقَ الْمُرْسَلِینَ (۳۷) و پیغامبران پیشین را گواهی داد و استوار گرفت.

إнкми лзоӣқўои алъзоби алأлим ( 38 ) эшонро гӯйанд шуморо азобӣ дард намой мебояд чашид .

إِنَّکُمْ لَذائِقُوا الْعَذابِ الْأَلِیمِ (۳۸) ایشان را گویند شما را عذابی درد نمای می‌باید چشید.

Ва мо тҷзўни إлои мо кантами тъмлўн ( 39 ) ва подош нахоҳанд дод шуморо магар ончӣ мекардед .

وَ ما تُجْزَوْنَ إِلَّا ما کُنْتُمْ تَعْمَلُونَ (۳۹) و پاداش نخواهند داد شما را مگر آنچه میکردید.

إлои ибоди аллоҳи алмхлсин ( 40 ) أўлӣки ?лаами ризқи маълум ( 41 ) локини бандагони худоӣ ки эшонро пок кардаанд аз бегонагӣ эшонанд

إِلَّا عِبادَ اللَّهِ الْمُخْلَصِینَ (۴۰) أُولئِکَ لَهُمْ رِزْقٌ مَعْلُومٌ (۴۱) لکن بندگان خدای که ایشان را پاک کرده‌اند از بیگانگی ایشانند

Ки аишонрости ризқии маълум на пӯшидаи бғиб .

که ایشانراست رزقی معلوم نه پوشیده بغیب.

Фўокаҳи он ризқи миваҳост , ва ҳам мкрмўн ( 42 ) фии ҷиноти алнъим ( 43 ) ва эшон навохтагонанд дар биҳиштҳои ноз .

فَواکِهُ آن رزق میوه‌هاست، وَ هُمْ مُکْرَمُونَ (۴۲) فِی جَنَّاتِ النَّعِیمِ (۴۳) و ایشان نواختگان‌اند در بهشت‌های ناز.

Алии срри мутақобилин ( 44 ) бар тахтҳои рӯй дар рӯй .

عَلی‌ سُرُرٍ مُتَقابِلِینَ (۴۴) بر تختهای روی در روی.

ИтоФи алайҳими мигрдоннд бар сарҳои эшон , бкأси ман муайян ( 45 ) ҷомҳои равон дар ҷӯй .

یُطافُ عَلَیْهِمْ میگردانند بر سرهای ایشان، بِکَأْسٍ مِنْ مَعِینٍ (۴۵) جامهای روان در جوی.

Бизоءи лзаҳи ллшорбин ( 46 ) сипеди ранги хуши хори ошмндгонро .

بَیْضاءَ لَذَّةٍ لِلشَّارِبِینَ (۴۶) سپید رنگ خوش خوار آشامندگان را.

Лои фӣҳо ғӯл дар ан май ва дар ани маҷлиси шароб на дард сараст на дарди шикам на нобакор .

لا فِیها غَوْلٌ در ان می و در ان مجلس شراب نه درد سرست نه درد شکم نه نابکار.

Ва лои ҳам анҳо инзФўн ( 47 ) ва на ҳеҷ аз ан шароб дармонанд .

وَ لا هُمْ عَنْها یُنْزَفُونَ (۴۷) و نه هیچ از ان شراب درمانند.

Ва ъндҳми қосироти алтрФу бнздики эшон канизаконе фурӯ дошта чашмону фурушкунандаи чашмон , айн ( 48 ) фарох чашмонанд .

وَ عِنْدَهُمْ قاصِراتُ الطَّرْفِ و بنزدیک ایشان کنیزکانی فرو داشته چشمان و فروشکننده چشمان، عِینٌ (۴۸) فراخ چشمان‌اند.

Кأнҳни биз чунонк гӯйии эшон дар ранги хеши хояи уштур мурғанд , макнун ( 49 ) нигаҳ доштау гўшидаҳ на даст боишон расида на гирд .

کَأَنَّهُنَّ بَیْضٌ چنانک گویی ایشان در رنگ خویش خایه اشتر مرغ‌اند، مَکْنُونٌ (۴۹) نگه داشته و گوشیده نه دست بایشان رسیده نه گرد.

Фأқбли бъзҳми алии баъзи итсоءлўн ( 50 ) рӯй фаро рӯй кунанд ва аз якдигар май пурсанад .

فَأَقْبَلَ بَعْضُهُمْ عَلی‌ بَعْضٍ یَتَساءَلُونَ (۵۰) روی فرا روی کنند و از یکدیگر می‌پرسند.

Қол қоил манеҳам гӯянда Эй гуяд аз эшон : إнии кони лии қарин ( 51 ) марои ёрӣ буд .

قالَ قائِلٌ مِنْهُمْ گوینده‌ای گوید از ایشان: إِنِّی کانَ لِی قَرِینٌ (۵۱) مرا یاری بود.

Иқўли أи إнки лмни алмсдқин ( 52 ) ки мегуфт маро : бош ту аз устувори гирандагонӣ ва аз грўидгонӣ ?

یَقُولُ أَ إِنَّکَ لَمِنَ الْمُصَدِّقِینَ (۵۲) که میگفت مرا: باش تو از استوار گیرندگانی و از گرویدگانی؟

أи إзои мтноу кнои тробоу ъзомо ки он гуҳ ки мо бамурдем ва хок гирдему устихон , أи إнои лмдинўн ( 53 ) мо подош доданӣем ва бо мо шумор карданӣ ? ! қоли ҳилли أнтми мтлъўн ( 54 ) аллоҳ фармоед шумо барон қарин фурӯ нигаред .

أَ إِذا مِتْنا وَ کُنَّا تُراباً وَ عِظاماً که آن گه که ما بمردیم و خاک گردیم و استخوان، أَ إِنَّا لَمَدِینُونَ (۵۳) ما پاداش دادنی‌ایم و با ما شمار کردنی ؟! قالَ هَلْ أَنْتُمْ مُطَّلِعُونَ (۵۴) اللَّه فرماید شما بران قرین فرو نگرید.

Фотлъ фурӯ нигарад Фроаҳи фии сўоءи алҷҳим ( 55 ) ӯро бинад дар миёни оташи дӯзах .

فَاطَّلَعَ فرو نگرد فَرَآهُ فِی سَواءِ الْجَحِیمِ (۵۵) او را بیند در میان آتش دوزخ.

Қоли толлаҳи إни кодати лтрдин ( 56 ) он биҳиштӣ гуяд бхдоӣ ки наздик будӣ .

قالَ تَاللَّهِ إِنْ کِدْتَ لَتُرْدِینِ (۵۶) آن بهشتی گوید بخدای که نزدیک بودی.

Ту ки маро ҳалок кардӣу табоҳ .

تو که مرا هلاک کردی و تباه.

Ва лу ло наамма рабӣ ва агар на некӯкории худованди ман будӣ , лукнати ман алмҳзрин ( 57 ) ман аз ҳозир кардагон будамӣ .

وَ لَوْ لا نِعْمَةُ رَبِّی و اگر نه نیکوکاری خداوند من بودی، لَکُنْتُ مِنَ الْمُحْضَرِینَ (۵۷) من از حاضر کردگان بودمی.

أи Фмои нҳни бмитин ( 58 ) бош мо бнхўоҳими марди пас зинда кардан ?

أَ فَما نَحْنُ بِمَیِّتِینَ (۵۸) باش ما بنخواهیم مرد پس زنده کردن؟

إлои мўттнои алأўлии ҷуз аз мурдани пешин дар дунё . Ва мо нҳни бмъзбин ( 59 ) ва мо азоб карданӣ нестем .

إِلَّا مَوْتَتَنَا الْأُولی‌ جز از مردن پیشین در دنیا. وَ ما نَحْنُ بِمُعَذَّبِینَ (۵۹) و ما عذاب کردنی نیستیم.

إни ҳозои лаҳви алФўзи алъзим ( 60 ) инаст пирӯзии бузургвор !

إِنَّ هذا لَهُوَ الْفَوْزُ الْعَظِیمُ (۶۰) اینست پیروزی بزرگوار!

Лмсли ҳозои Флиъмли алъомлўн ( 61 ) ин чунинро бод ки коргарон кор кунанд .

لِمِثْلِ هذا فَلْیَعْمَلِ الْعامِلُونَ (۶۱) این چنین را باد که کارگران کار کنند.

أи злки хайри нзлои он ҳол бау ҷойу хӯриш ? أми шаҷараи алзқўм ( 62 ) ё дарахти зақум ?

أَ ذلِکَ خَیْرٌ نُزُلًا آن حال به و جای و خورش؟ أَمْ شَجَرَةُ الزَّقُّومِ (۶۲) یا درخت زقوم؟

إнои ҷълноҳои фитнаи ллзолмин ( 63 ) мо дарахти зақумро озмӯнӣу дили шурӣ ногрўидгон кардем .

إِنَّا جَعَلْناها فِتْنَةً لِلظَّالِمِینَ (۶۳) ما درخت زقوم را آزمونی و دل شوری ناگرویدگان کردیم.

إнҳои шаҷараи тхрҷи фии أсли алҷҳим ( 64 ) дарахтӣаст ки он берун меояд аз миёни оташ .

إِنَّها شَجَرَةٌ تَخْرُجُ فِی أَصْلِ الْجَحِیمِ (۶۴) درختی است که آن بیرون می‌آید از میان آتش.

Тлъҳои кأнаҳи рؤси алшётин ( 65 ) хӯшаҳои он дарахт дар ғилофҳо гӯйии сарҳои девонаст .

طَلْعُها کَأَنَّهُ رُؤُسُ الشَّیاطِینِ (۶۵) خوشه‌های آن درخت در غلافها گویی سرهای دیوان است.

Фإнҳми локлўни минҳои эшон михўрнд аз он , Фмолؤни минҳои албтўн ( 66 ) шикамҳо пар мекунанд аз ан .

فَإِنَّهُمْ لَآکِلُونَ مِنْها ایشان میخورند از آن، فَمالِؤُنَ مِنْهَا الْبُطُونَ (۶۶) شکمها پر میکنند از ان.

Сами إни ?лаами алайҳои лшўбо ва пас он гуҳи аишонрост бар зибри он зақум ки хӯрданд омиғӣ , ман ҳмим ( 67 ) аз оби гарм ки бар ан меомезанд дар шикамҳо .

ثُمَّ إِنَّ لَهُمْ عَلَیْها لَشَوْباً و پس آن گه ایشانراست بر زبر آن زقوم که خوردند آمیغی، مِنْ حَمِیمٍ (۶۷) از آب گرم که بر ان می‌آمیزند در شکمها.

Сами إни мрҷъҳми лإлии алҷҳим ( 68 ) ва он гуҳи бозгашти эшон аз хӯрдани зақуму ҳмим бо оташ сӯзандааст .

ثُمَّ إِنَّ مَرْجِعَهُمْ لَإِلَی الْجَحِیمِ (۶۸) و آن گه بازگشت ایشان از خوردن زقوم و حمیم با آتش سوزنده است.

إнҳми أлФўои обоءҳми золин ( 69 ) эшон падарони хешро бироҳон ёфтанд .

إِنَّهُمْ أَلْفَوْا آباءَهُمْ ضالِّینَ (۶۹) ایشان پدران خویش را بیراهان یافتند.

Фаҳми алии осорҳми иҳръўн ( 70 ) эшон бар пайҳои падарони ҳам бгмроҳӣ мешитобанд .

فَهُمْ عَلی‌ آثارِهِمْ یُهْرَعُونَ (۷۰) ایشان بر پیهای پدران هم بگمراهی می‌شتابند.

Ва лақади зли қиблаами бдрстӣ ки бироаҳ буданд пеш аз Қурайш , أксри алأўлин ( 71 ) бештари пешинон .

وَ لَقَدْ ضَلَّ قَبْلَهُمْ بدرستی که بیراه بودند پیش از قریش، أَکْثَرُ الْأَوَّلِینَ (۷۱) بیشتر پیشینان.

Ва лақади أрслнои Фиҳми мунзарин ( 72 ) ва фиристодем мо бар эшон огоҳкунандагон .

وَ لَقَدْ أَرْسَلْنا فِیهِمْ مُنْذِرِینَ (۷۲) و فرستادیم ما بر ایشان آگاه کنندگان.

Фонзри Киеви кони оқибаи алмнзрин ( 73 ) дар нигар ки чун буд саранҷом огоҳӣ додагон .

فَانْظُرْ کَیْفَ کانَ عاقِبَةُ الْمُنْذَرِینَ (۷۳) در نگر که چون بود سرانجام آگاهی دادگان.

إлои ибоди аллоҳи алмхлсин ( 74 ) магари бандагони худои поки дилон .

إِلَّا عِبادَ اللَّهِ الْمُخْلَصِینَ (۷۴) مگر بندگان خدای پاک دلان.

Ва лақади нодоно Нӯҳ хонд моро Нӯҳ , Флнъми алмҷибўн ( 75 ) эй неки посухкунандагон ки мо будем ӯро !

وَ لَقَدْ نادانا نُوحٌ خواند ما را نوح، فَلَنِعْمَ الْمُجِیبُونَ (۷۵) ای نیک پاسخ کنندگان که ما بودیم او را!

Ва нҷиноаҳу أҳлаҳи рҳонидим ӯроу касон ӯро ман алкрби алъзим ( 76 ) аз он андӯҳи бузург .

وَ نَجَّیْناهُ وَ أَهْلَهُ رهانیدیم او را و کسان او را مِنَ الْکَرْبِ الْعَظِیمِ (۷۶) از آن اندوه بزرگ.

Ва ҷълнои зритаҳи ҳам албоқин ( 77 )у нажод ӯро аз ҷаҳонён ва ҷҳондорон кардем .

وَ جَعَلْنا ذُرِّیَّتَهُ هُمُ الْباقِینَ (۷۷) و نژاد او را از جهانیان و جهانداران کردیم.

Ва тркнои алайҳи фии алохрин ( 78 ) саломи алии Нӯҳи фии Алъоламин ( 79 ) гузоштем бирав дуруди пасинон бар забони ҷаҳонён то ҷаҳон буд мигўинд : Нӯҳи алайҳи ассалом

وَ تَرَکْنا عَلَیْهِ فِی الْآخِرِینَ (۷۸) سَلامٌ عَلی‌ نُوحٍ فِی الْعالَمِینَ (۷۹) گذاشتیم برو درود پسینان بر زبان جهانیان تا جهان بود میگویند: نوح علیه السلام‌

إнои кзлки нҷзии алмҳснин ( 80 ) мо чунон подоши диҳеми чунуи накукоронро .

إِنَّا کَذلِکَ نَجْزِی الْمُحْسِنِینَ (۸۰) ما چنان پاداش دهیم چنو نکوکاران را.

إнаҳи ман ъбоднои алмؤмнин ( 81 ) ки ӯ аз бандагони гиравидагони мо буд .

إِنَّهُ مِنْ عِبادِنَا الْمُؤْمِنِینَ (۸۱) که او از بندگان گرویدگان ما بود.

Сами أғрқнои алохрин ( 82 ) он гуҳи дигаронро боб бикуштем .

ثُمَّ أَغْرَقْنَا الْآخَرِینَ (۸۲) آن گه دیگران را بآب بکشتیم.