Қавлаи таъолӣ :у إни ман шиътаҳи лإброҳим ( 83 ) ва аз ҳам дайнони Нӯҳ , иброҳӣмаст .

قوله تعالی: وَ إِنَّ مِنْ شِیعَتِهِ لَإِبْراهِیمَ (۸۳) و از هم دینان نوح، ابراهیم است.

إзи ҷоءи раба ки худои хешро омад , бқлби салим ( 84 ) бадалии руста аз гумону анбозн .

إِذْ جاءَ رَبَّهُ که خدای خویش را آمد، بِقَلْبٍ سَلِیمٍ (۸۴) بدلی رسته از گمان و انبازن.

إзи қоли лأбиаҳу қавмаи он гуҳ ки фармуд падари хешроу касони хешро :

إِذْ قالَ لِأَبِیهِ وَ قَوْمِهِ آن گه که فرمود پدر خویش را و کسان خویش را:

Мо зои тъбдўн ( 85 ) ин чаҳ чизаст ки мепарастед ?

ما ذا تَعْبُدُونَ (۸۵) این چه چیز است که می‌پرستید؟

أи إФкои ?алааи дуни аллоҳи тридўн ( 86 ) бдрўғи худоёни фурӯд аз аллоҳ мехоҳед .

أَ إِفْکاً آلِهَةً دُونَ اللَّهِ تُرِیدُونَ (۸۶) بدروغ خدایان فرود از اللَّه میخواهید.

Фмои знкми брби Алъоламин ( 87 ) чаҳ пиндореду занн чаҳ бурид бхдоўнди ҷаҳонён ?

فَما ظَنُّکُمْ بِرَبِّ الْعالَمِینَ (۸۷) چه پندارید و ظن چه برید بخداوند جهانیان ؟

Фнзри назараи фии алнҷўм ( 88 ) нгрстнӣ дар нигараст дар шумори нуҷуми бФрибу дастон .

فَنَظَرَ نَظْرَةً فِی النُّجُومِ (۸۸) نگرستنی در نگرست در شمار نجوم بفریب و دستان.

Фқоли إнии сқим ( 89 ) гуфт ман бемор мехоҳам шуд .

فَقالَ إِنِّی سَقِیمٌ (۸۹) گفت من بیمار میخواهم شد.

Фтўлўои анҳу мудаббирин ( 90 ) баргаштанди азу ва бирав пушт карданд .

فَتَوَلَّوْا عَنْهُ مُدْبِرِینَ (۹۰) برگشتند ازو و برو پشت کردند.

Фироқи إлии олҳтҳм бо худоёни эшон гашти пинҳон , Фқоли أи лои тأклўн ( 91 ) гуфт чизе нахуред ?

فَراغَ إِلی‌ آلِهَتِهِمْ با خدایان ایشان گشت پنهان، فَقالَ أَ لا تَأْکُلُونَ (۹۱) گفت چیزی نخورید؟

Мо лаками лои тнтқўн ( 92 ) чаро сухани нгўӣид ?

ما لَکُمْ لا تَنْطِقُونَ (۹۲) چرا سخن نگوئید؟

Фироқи алайҳими зрбо дар гашт бар эшон пинҳон аз ани қавми бзхм , болимин ( 93 ) бони савганд ки дошт рост кардан онро .

فَراغَ عَلَیْهِمْ ضَرْباً در گشت بر ایشان پنهان از ان قوم بزخم، بِالْیَمِینِ (۹۳) بآن سوگند که داشت راست کردن آن را.

Фأқблўои إлиаҳ рӯй доданд бова , изФўн ( 94 ) ва дӯстанд дарав .

فَأَقْبَلُوا إِلَیْهِ روی دادند باو، یَزِفُّونَ (۹۴) و دوستند درو.

Қоли أи тъбдўни мо тнҳтўн ( 95 ) иброҳӣм гуфт мепарастед ончӣ метарошед ?

قالَ أَ تَعْبُدُونَ ما تَنْحِتُونَ (۹۵) ابراهیم گفت می‌پرستید آنچه می‌تراشید؟

Ва аллоҳи хлқкм ва мо тъмлўн ( 96 )у аллоҳи ҳам шуморо офарӣда ва ҳам ончӣ шумо мекунед .

وَ اللَّهُ خَلَقَکُمْ وَ ما تَعْمَلُونَ (۹۶) و اللَّه هم شما را آفریده و هم آنچه شما می‌کنید.

Қолўои абнўои ?ла бнёно гуфтанд бноӣӣ кунед ӯро , Фأлқўаҳи фии алҷҳим ( 97 ) ва дар оташ ӯ кунед ӯро .

قالُوا ابْنُوا لَهُ بُنْیاناً گفتند بنائی کنید او را، فَأَلْقُوهُ فِی الْجَحِیمِ (۹۷) و در آتش او کنید او را.

Фأродўо ба кидои дастон сохтанӣ хостанд иброҳӣмро , Фҷълноҳми алأсФлин ( 98 ) ва мо эшонро зер оварадем ва кам .

فَأَرادُوا بِهِ کَیْداً دستان ساختنی خواستند ابراهیم را، فَجَعَلْناهُمُ الْأَسْفَلِینَ (۹۸) و ما ایشان را زیر آوردیم و کم.

Ва қоли إнии зоҳби إлии рабӣ иброҳӣм гуфт бхдоўнди хеш май рӯм , сиҳдин ( 99 ) ӯ худ роҳи наҷоту кифояти марои намояд .

وَ قالَ إِنِّی ذاهِبٌ إِلی‌ رَبِّی ابراهیم گفت بخداوند خویش می‌روم، سَیَهْدِینِ (۹۹) او خود راه نجات و کفایت مرا نماید.

Раби ҳби лии ман алсолҳин ( 100 ) худованди ман ! марои писарии даҳ аз некон .

رَبِّ هَبْ لِی مِنَ الصَّالِحِینَ (۱۰۰) خداوند من! مرا پسری ده از نیکان.

Фбшрноаҳи бғломи ҳалим ( 101 ) бишорати додем ӯро бпсрии зирак .

فَبَشَّرْناهُ بِغُلامٍ حَلِیمٍ (۱۰۱) بشارت دادیم او را بپسری زیرک.

Флмои блғи маъааи алсъӣ чун писари фаро кор расед , қол ё банӣ гуфт эй писари ман , إнии أрии фии алмноми ман май байнам дар хоб , أнии أзбҳк ки миФрмоинди маро ки турои гулӯи боз барам , Фонзри мо зотарӣ дар нигар ки дар дили хеш чаҳ бинӣ ?

فَلَمَّا بَلَغَ مَعَهُ السَّعْیَ چون پسر فرا کار رسید، قالَ یا بُنَیَّ گفت ای پسر من، إِنِّی أَری‌ فِی الْمَنامِ من می‌بینم در خواب، أَنِّی أَذْبَحُکَ که میفرمایند مرا که ترا گلو باز برم، فَانْظُرْ ما ذا تَری‌ در نگر که در دل خویش چه بینی؟

Қол ё أбти аФъли мо тؤмр гуфт эй падар бикун ончии миФрмоинди туро , стҷднии إни шоءи аллоҳи ман алсобрин ( 102 ) ореи маро агар худоӣ хоҳад аз шикебёни ёбӣ , Флмои أслмо чун ҳар ду тан бидоданду хештанро бФрмон супурданд ,у талаи ллҷбин ( 103 )у падари пешонӣ ӯро бар замин зад .

قالَ یا أَبَتِ افْعَلْ ما تُؤْمَرُ گفت ای پدر بکن آنچه میفرمایند ترا، سَتَجِدُنِی إِنْ شاءَ اللَّهُ مِنَ الصَّابِرِینَ (۱۰۲) آری مرا اگر خدای خواهد از شکیبایان یابی، فَلَمَّا أَسْلَما چون هر دو تن بدادند و خویشتن را بفرمان سپردند، وَ تَلَّهُ لِلْجَبِینِ (۱۰۳) و پدر پیشانی او را بر زمین زد.

Ва нодиноаҳи أн ё إброҳим ( 104 ) хондем ӯро ки ё иброҳӣм : қади сидқати алрؤё рост кардӣ хобро ки дида будӣ , إнои кзлки нҷзии алмҳснин ( 105 ) мо чунин подоши диҳеми чунуи накукоронро .

وَ نادَیْناهُ أَنْ یا إِبْراهِیمُ (۱۰۴) خواندیم او را که یا ابراهیم: قَدْ صَدَّقْتَ الرُّؤْیا راست کردی خواب را که دیده بودی، إِنَّا کَذلِکَ نَجْزِی الْمُحْسِنِینَ (۱۰۵) ما چنین پاداش دهیم چنو نکوکاران را.

إни ҳозои лаҳви алблоءи улмубин ( 106 ) инаст он озмоиши ошкоро .

إِنَّ هذا لَهُوَ الْبَلاءُ الْمُبِینُ (۱۰۶) اینست آن آزمایش آشکارا.

Ва Фдиноаҳи бзбҳи азим ( 107 ) бова фурухтем ӯро бкштниии бузургвори пазируфтаи шоиста .

وَ فَدَیْناهُ بِذِبْحٍ عَظِیمٍ (۱۰۷) باو فروختیم او را بکشتنیی بزرگوار پذیرفته شایسته.

Ва тркнои алайҳи фии алохрин ( 108 ) саломи алии إброҳим ( 109 ) гузоштем бирав дуруд дар миёни пасинон ки мигўинд : иброҳӣми алайҳи ассалом .

وَ تَرَکْنا عَلَیْهِ فِی الْآخِرِینَ (۱۰۸) سَلامٌ عَلی‌ إِبْراهِیمَ (۱۰۹) گذاشتیم برو درود در میان پسینان که میگویند: ابراهیم علیه السلام.

Кзлки нҷзии алмҳснин ( 110 ) подош чунин кунем чунуи накукоронро .

کَذلِکَ نَجْزِی الْمُحْسِنِینَ (۱۱۰) پاداش چنین کنیم چنو نکوکاران را.

إнаҳи ман ъбоднои алмؤмнин ( 111 ) ки ӯ аз бандагони гиравидагони мо буд .

إِنَّهُ مِنْ عِبادِنَا الْمُؤْمِنِینَ (۱۱۱) که او از بندگان گرویدگان ما بود.

Ва бшрноаҳи бإсҳоқи бишорати додем ӯро ба исҳоқ , набиё ман алсолҳин ( 112 ) пайғомбарӣ аз некон .

وَ بَشَّرْناهُ بِإِسْحاقَ بشارت دادیم او را به اسحاق، نَبِیًّا مِنَ الصَّالِحِینَ (۱۱۲) پیغامبری از نیکان.

Ва боркнои алайҳу алии إсҳоқ ва баракат кардем бирав ва бар исҳоқ , ва ман зритҳмо ва аз фарзандони эшон , Муҳсину золими лнФсаҳи мубин ( 113 ) ҳам гиравида некӯкораст ва ҳам ногиравидаи ситамкор бар хештани ошкоро .

وَ بارَکْنا عَلَیْهِ وَ عَلی‌ إِسْحاقَ و برکت کردیم برو و بر اسحاق، وَ مِنْ ذُرِّیَّتِهِما و از فرزندان ایشان، مُحْسِنٌ وَ ظالِمٌ لِنَفْسِهِ مُبِینٌ (۱۱۳) هم گرویده نیکوکارست و هم ناگرویده ستمکار بر خویشتن آشکارا.

Ва лақади мннои алии Мӯсоу ҳорӯн ( 114 ) сипос ниҳодем бар Мӯсоу ҳорӯн .

وَ لَقَدْ مَنَنَّا عَلی‌ مُوسی‌ وَ هارُونَ (۱۱۴) سپاس نهادیم بر موسی و هارون.

Ва нҷиноҳмоу қўмҳмои ман алкрби алъзим ( 115 )у рҳонидими эшонро ҳар дуу касони эшонро аз ани андӯҳи бузург .

وَ نَجَّیْناهُما وَ قَوْمَهُما مِنَ الْکَرْبِ الْعَظِیمِ (۱۱۵) و رهانیدیم ایشان را هر دو و کسان ایشان را از ان اندوه بزرگ.

Ва нсрноҳму дасти гирифтеми эшонро , Фконўои ҳам алғолбин ( 116 ) то эшон биёмаданду душмани шикастанд .

وَ نَصَرْناهُمْ و دست گرفتیم ایشان را، فَکانُوا هُمُ الْغالِبِینَ (۱۱۶) تا ایشان بیامدند و دشمن شکستند.

Ва отиноҳмои алкитоби алмстбин ( 117 )у додеми эшонро номаи ростӣу дурустиро сахти пайдо .

وَ آتَیْناهُمَا الْکِتابَ الْمُسْتَبِینَ (۱۱۷) و دادیم ایشان را نامه راستی و درستی را سخت پیدا.

Ва ҳдиноҳмои алсроти алмстқим ( 118 ) ва роҳ намудем эшонро ҳар ду бар роҳи рост .

وَ هَدَیْناهُمَا الصِّراطَ الْمُسْتَقِیمَ (۱۱۸) و راه نمودیم ایشان را هر دو بر راه راست.

Ва тркнои ъалиҳумо фии алохрин ( 119 ) саломи алии Мӯсоу ҳорӯн ( 120 ) ва гузоштем бар эшон ҳар ду дар пасинони ҷаҳонён

وَ تَرَکْنا عَلَیْهِما فِی الْآخِرِینَ (۱۱۹) سَلامٌ عَلی‌ مُوسی‌ وَ هارُونَ (۱۲۰) و گذاشتیم بر ایشان هر دو در پسینان جهانیان‌

Дуруд бар Мӯсоу ҳорӯн .

درود بر موسی و هارون.

إнои кзлки нҷзии алмҳснин ( 121 ) мо подош чунин кунем чунон накукорон ро

إِنَّا کَذلِکَ نَجْزِی الْمُحْسِنِینَ (۱۲۱) ما پاداش چنین کنیم چنان نکوکاران را

إнҳмои ман ъбоднои алмؤмнин ( 122 ) ки эшон ҳар ду аз бандагони гиравидагон мо буданд .

إِنَّهُما مِنْ عِبادِنَا الْمُؤْمِنِینَ (۱۲۲) که ایشان هر دو از بندگان گرویدگان ما بودند.

Ва إни إлёси лмни алмрслин ( 123 ) Илёс аз фиристодагони мо буд .

وَ إِنَّ إِلْیاسَ لَمِنَ الْمُرْسَلِینَ (۱۲۳) الیاس از فرستادگان ما بود.

إзи қоли лқўмаҳи أи лои ттқўн ( 124 ) қавми хешро гуфт аз дурӯғ ба нпрҳизид ?

إِذْ قالَ لِقَوْمِهِ أَ لا تَتَّقُونَ (۱۲۴) قوم خویش را گفت از دروغ به نپرهیزید؟

أи тдъўни бълои бълро худоӣ мехонед ,у тзрўни أҳсни алхолқин ( 125 )у некӯи офаринтар офаридагон мебигзоред ? !

أَ تَدْعُونَ بَعْلًا بعل را خدای میخوانید، وَ تَذَرُونَ أَحْسَنَ الْخالِقِینَ (۱۲۵) و نیکو آفرین‌تر آفریدگان می‌بگذارید؟!

Аллоҳи рбкму раби обоӣкми алأўлин ( 126 ) аллоҳ худованд шумосту худованди падарони пешинони шумо .

اللَّهَ رَبَّکُمْ وَ رَبَّ آبائِکُمُ الْأَوَّلِینَ (۱۲۶) اللَّه خداوند شماست و خداوند پدران پیشینان شما.

Фкзбўаҳи дурӯғ зан гирифтанд ӯро , Фإнҳми лмҳзрўн ( 127 ) акнӯн ҳозир кардагонанд дар оташ .

فَکَذَّبُوهُ دروغ زن گرفتند او را، فَإِنَّهُمْ لَمُحْضَرُونَ (۱۲۷) اکنون حاضر کردگان‌اند در آتش.

إлои ибоди аллоҳи алмхлсин ( 128 ) магари бандагони худоӣ ки бадал ӯро рост буданд аз қавм ӯу тркнои алайҳи фии алохрин ( 129 ) саломи алии إли ёсин ( 130 ) гузоштем бирав дар пасинони дуруд бар Илёс то ҷаҳон буд мигўинд : Илёси алайҳи ассалом .

إِلَّا عِبادَ اللَّهِ الْمُخْلَصِینَ (۱۲۸) مگر بندگان خدای که بدل او را راست بودند از قوم او وَ تَرَکْنا عَلَیْهِ فِی الْآخِرِینَ (۱۲۹) سَلامٌ عَلی‌ إِلْ‌یاسِینَ (۱۳۰) گذاشتیم برو در پسینان درود بر الیاس تا جهان بود میگویند: الیاس علیه السلام.

إнои кзлки нҷзии алмҳснин ( 131 ) мо подош чунин кунем чунуи накукоронро .

إِنَّا کَذلِکَ نَجْزِی الْمُحْسِنِینَ (۱۳۱) ما پاداش چنین کنیم چنو نکوکاران را.

إнаҳи ман ъбоднои алмؤмнин ( 132 ) ки ӯ аз бандагони гиравидагони мо буд .

إِنَّهُ مِنْ عِبادِنَا الْمُؤْمِنِینَ (۱۳۲) که او از بندگان گرویدگان ما بود.

Ва إни лўтои лмни алмрслин ( 133 ) лут аз фиристодагони мо буд .

وَ إِنَّ لُوطاً لَمِنَ الْمُرْسَلِینَ (۱۳۳) لوط از فرستادگان ما بود.

إзи нҷиноаҳу أҳлаҳи أҷмъин ( 134 ) рҳонидим ӯроу касон ӯро ҳамагон .

إِذْ نَجَّیْناهُ وَ أَهْلَهُ أَجْمَعِینَ (۱۳۴) رهانیدیم او را و کسان او را همگان.

إлои ъҷўзои фии алғобрин ( 135 ) магари пери занӣ дар бозмондагон .

إِلَّا عَجُوزاً فِی الْغابِرِینَ (۱۳۵) مگر پیر زنی در بازماندگان.

Сами дмрнои алохрин ( 136 ) пас дамор баровардем аз дигарон .

ثُمَّ دَمَّرْنَا الْآخَرِینَ (۱۳۶) پس دمار برآوردیم از دیگران.

Ва إнкми лтмрўни алайҳими мсбҳин ( 137 )у боллил ва шумо меравед бар эшон бурузу шаб .

وَ إِنَّکُمْ لَتَمُرُّونَ عَلَیْهِمْ مُصْبِحِینَ (۱۳۷) وَ بِاللَّیْلِ‌ و شما میروید بر ایشان بروز و شب.

أи Флои тъқлўн ( 138 ) дар наме ёўид ?

أَ فَلا تَعْقِلُونَ (۱۳۸) در نمی‌یاوید ؟