Аз куҷо май рисӣ эй пайки сабо каз паии ҳам

از کجا می‌رسی ای پیک صبا کز پی هم

Хайр мақдам кунӣ овезаи гӯши олам

خیر مقدم کنی آویزهٔ گوش عالم

Дами ҷонбхши ту дар водии рӯҳ афзое

دم جانبخش تو در وادی روح‌افزایی

Бо масеҳост қадам бар қадаму дам бар дам

با مسیحاست قدم بر قدم و دم بر دم

Аз ту дар ҷилвагарӣ шҳпри тоўси биҳишт

از تو در جلوه‌گری شهپر طاوس بهشت

Вази ту дар пардаи дарии нофаи оҳӯии ҳарам

وز تو در پرده‌دری نافهٔ آهوی حرم

Гуҳи шитобанда чу Хизрӣ ба сӯии оби ҳаёт

گه شتابنده چو خضری به سوی آب حیات

Гуҳи хромндаҳ чу сарвӣ ба гулистони Ирам

گه خرامنده چو سروی به گلستان ارم

Гоҳи гул дар қидмати хирман ҷон дода ба бод

گاه‌گل در قدمت خرمن جان داده به باد

Гуҳи шукуфа ба сарати рехтаи ҳамёни дирам

گه شکوفه به سرت ریخته همیان درم

Зоҳиран май рисӣ аз пеши сулаймони ҷоҳӣ

ظاهرا می‌رسی از پیش سلیمان جاهی

Космони номи ниҳодаши маи хуршеди илм

کآسمان نام نهادش مه خورشید علم

Дар бе қимати дарёии вуҷӯд , иброҳӣм

درّ بی‌قیمت دریای وجود، ابراهیم

Ки вуҷӯди омада бо ҳиммат ӯ айни адам

که وجود آمده با همّت او عین عدم

Одамизода нигардида ба зотши олам

آدمیزاده نگردیده به ذاتش عالم

Вази фиришта шуда , аллоҳи таъолӣ , аълам

وز فرشته شده، اللّه تعالی، اعلم

Дар кафи ҳиммати он тозаи гул , аз хории хеш

در کف همّت آن تازه‌گل، از خواری خویش

Чаҳ аҷаби гавҳар агар об шавад чун шабнам

چه عجب گوهر اگر آب شود چون شبنم

Ганҷи пардозӣу ганҷинаи барандозӣ ӯ

گنج‌پردازی و گنجینه‌براندازی او

То ба ҳаддии сет ки шарманда ӯ гашта карам

تا به حدّی‌ست که شرمندهٔ او گشته کرم

Аз наҳифаши з дар ганҷи бақои ҳамчуи калид

از نهیبش ز در گنج بقا همچو کلید

Қуфл багушӯда ба дандонаи дандон , арқм

قفل بگشوده به دندانهٔ دندان، ارقم

Гар кашанд аз сари гесуии итобаши тимсол

گر کشند از سر گیسوی عتابش تمثال

Неши озор бар ангушт занад мори қалам

نیش آزار بر انگشت زند مار قلم

Ҳргаҳи он шама наад меҳр ба парвонаи қаҳр

هرگه آن شمه نهد مُهر به پروانه قهر

Ҳамчуи хуршед , нигин гарм шавад дар хотам

همچو خورشید، نگین گرم شود در خاتم

Гар хаёли ҳарамаши оинаи орад ба замир

گر خیال حرمش آینه آرد به ضمیر

Раҳи наёбад ба ҳаримаши назари номаҳрам

ره نیابد به حریمش نظر نامحرم

Захм гуё ба тани моҳи нав аз ханҷар ӯст

زخم گویا به تن ماه نو از خنجر اوست

Ки даҳан боз кунад рӯзбеҳи рӯз аз марҳам

که دهن باز کند روزبه‌روز از مرهم

эй алии разми сулаймони сипаҳи Юсуфи рух

ای علی‌رزم سلیمان‌سپه یوسف‌رخ

Ваии ҳасани халқи ҳусайнии насаби исои дам

وی حسن‌خلق حسینی‌نسب عیسی‌دم

Ҷой он ҳаст ки болхосиаҳ аз шавқи нисор

جای آن هست که بالخاصیه از شوق نثار

Чун шукуфаи дамад аз панҷаи ҷӯади ту дирам

چون شکوفه دمد از پنجهٔ جود تو درم

Шабнами лутфи тугар об занад бар оташ

شبنم لطف تو گر آب زند بر آتش

Ҳамчуи гулбаргтар аз шуълаи фурӯи резади нам

همچو گلبرگ تر از شعله فرو ریزد نم

Печад аз тоб чу мӯии сари оташ бар хеш

پیچد از تاب چو موی سر آتش بر خویش

Гар наад по ба сари сафҳаи ҷӯади ту рақам

گر نهد پا به سر صفحهٔ جود تو رقم

Бо виқори ту аҷаб нест ки аз модари калак

با وقار تو عجب نیست که از مادر کلک

Ҳамчуи зангии бачаи зулф , алиф зояд хам

همچو زنگی بچهٔ زلف، الف زاید خم

Нуқтаи рои тугар ҳомилаи орад ба хаёл

نقطهٔ رای تو گر حامله آرد به خیال

Тифл чун сӯрати ойӣнаи намояди зи шикам

طفل چون صورت آیینه نماید ز شکم

Ҷоми инсофи ту аз соФдлии оинае сет

جام انصاف تو از صافدلی آینه‌ای‌ست

Ки дар он турра хубон нанамояд дарҳам

که در آن طرّهٔ خوبان ننماید درهم

Дасти лутфи ту агар авд наад бар оташ

دست لطف تو اگر عود نهد بر آتش

Дӯд аз миҷмара чун сабза барояд хуррам

دود از مجمره چون سبزه برآید خرّم

Аждаҳоро кунад аз халқи ту дар сайди каманд

اژدها را کند از خلق تو در صید کمند

Ҳамчуи сӯрати надиҳади оҳӯии ваҳширо Ром

همچو صورت ندهد آهوی وحشی را رم

Пеши хуршеди замири ту , чу ойӣна , парӣ

پیش خورشید ضمیر تو، چو آیینه، پری

Рози худро натавонад ки бипушади зи одам

راز خود را نتواند که بپوشد ز آدم

Арсаи маҳшари афви ту қиёмат ҷое сет

عرصهٔ محشر عفو تو قیامت جایی‌ست

Ки мусовии сети дарави тоъату исён бо ҳам

که مساوی‌ست درو طاعت و عصیان با هم

Мавҷ бар чашма ханҷар набӯд аз ҷавҳар

موج بر چشمهٔ خنجر نبود از جوهر

Ки зи инсофи ту пари чин шудаи абрӯии ситам

که ز انصاف تو پر چین شده ابروی ستم

Гарна дрдли гузоронидаи дами теғи туро

گرنه دردل گذرانیده دم تیغ ترا

Модари ҷӯади ту аз баҳр чаҳ зояд тавъам ?

مادر جود تو از بهر چه زاید توأم؟

Ғайри фикри ту дар ойӣнаи дил , шахси хаёл

غیر فکر تو در آیینهٔ دل، شخص خیال

Пой чун сӯрат ойӣна насозад муҳкам

پای چون صورت آیینه نسازد محکم

эй парии талъати маи рояти хуршеди сарир

ای پری طلعت مه رایت خورشید سریر

Ваии фалаки сайри малики сирати сайёраи ҳашам

وی فلک سیر ملک سیرت سیّاره حشم

То дилам гашта зи ганҷинаи васлати маҳрӯм

تا دلم گشته ز گنجینهٔ وصلت محروم

То сиришкам шуда дар пардаи ҳиҷрати муҳаррам

تا سرشکم شده در پردهٔ هجرت محرم

Гуҳи расонидаи саҳоби карамами об ба об

گه رسانیده سحاب کرمم آب به آب

Гуҳи фузуни сохтаи ганҷури дилами ғам бар ғам

گه فزون ساخته گنجور دلم غم بر غم

На чу фонӯс дилам дошта дар синаи қарор

نه چو فانوس دلم داشته در سینه قرار

На чу паргори бурун мондаам аз хонаи қадам

نه چو پرگار برون مانده‌ام از خانه قدم

Даст аз зиндагӣам шаста ба хунобаи дил

دست از زندگی‌ام شسته به خونابهٔ دل

Мардуми дида ки пӯшидаи либоси мотам

مردم دیده که پوشیده لباس ماتم

То шунидам ки азин роҳи Аннани тофта Эй

تا شنیدم که ازین راه عنان تافته‌ای

Боз гардӣдаам аз нимаи раҳи шаҳри адам

باز گردیده‌ام از نیمه ره شهر عدم

Чашмаи табъам , обӣ ки азин пеш надошт

چشمهٔ طبعم، آبی که ازین پیش نداشت

наметавон ёфт азин назм ки он ҳам шуда кам

می‌توان یافت ازین نظم که آن هم شده کم

Ковуши тарбиятат гар нашавад уқдаи гушой

کاوش تربیتت گر نشود عقده‌گشای

Зуд бошад ки азин чашмаи буруни ноиднм

زود باشد که ازین چشمه برون نایدنم

Вари сахоӣ ту кунад он қадарами дилҷӯе

ور سخای تو کند آن قدرم دلجویی

Ки диламвораад аз банди ғаму қайди ?илам

که دلم وارهد از بند غم و قید الم

Ба забони қалами аҳли маъонии савганд

به زبان قلم اهل معانی سوگند

Ба калид дар ганҷинаи ашъори қисм

به کلید در گنجینهٔ اشعار قسم

Ки ба ҷое расм аз силсилаи ҷанбонеи назм

که به جایی رسم از سلسله جنبانی نظم

Ки хӯрд силсилаи қофияи санҷони барҳам

که خورد سلسلهٔ قافیه‌سنجان برهم

Вақт онаст ки дар гулшани мадҳати майлӣ

وقت آن است که در گلشن مدحت میلی

Созад аз барги дуо , нахли забонро хуррам

سازد از برگ دعا، نخل زبان را خرّم

То дар айём нагардад нафаси боди гиреҳ

تا در ایّام نگردد نفس باد گره

То дар офоқи дам аз сидқ занад субҳи дувум

تا در آفاق دم از صدق زند صبح دوم

Бе ризои тугар айёми براردи нафасӣ

بی‌رضای تو گر ایّام برآرد نفسی

Ёрб андари гулӯии субҳи фурӯи бандади дам

یارب اندر گلوی صبح فرو بندد دم