Шабӣ дар сиёҳӣ чу рӯзи мсоиб
شبی در سیاهی چو روز مصایب
Гушӯда чу аҳли мсоиби зўоиб
گشوده چو اهل مصایب ذوایب
Шикан бар шикани ҳамчуи занҷири савдо
شکن بر شکن همچو زنجیر سودا
Гиреҳ бар гиреҳи ҳамчуи абрӯии ҳоҷиб
گره بر گره همچو ابروی حاجب
Дуои гмраҳи шоҳроҳи иҷобат
دعا گمره شاهراه اجابت
Балои ҳоҷиби боргоҳи мтоиб
بلا حاجب بارگاه مطایب
Нигуни Юсуфи ма ба чоҳи мшорқ
نگون یوسف مه به چاه مشارق
Гиреҳи қурси хур дар гулӯии мғорб
گره قرص خور در گلوی مغارب
Ба рафтани фалак дар тараддуд , валикин
به رفتن فلک در تردّد، ولیکن
Чу шахсе ки дар хоб гардӣда ҳорб
چو شخصی که در خواب گردیده هارب
Магӯ шаб , сияҳи золи номеҳрбонӣ
مگو شب، سیه زال نامهربانی
Ки зояд азуи Тифли умеди хоиб
که زاید ازو طفل امّید خایب
зи поён ӯ халқи навмеди чандон
ز پایان او خلق نومید چندان
Ки субҳи дувумро шимурданд козиб
که صبح دوم را شمردند کاذب
Дарави тирагӣ то ба ҳаддӣ ки ғофил
درو تیرگی تا به حدّی که غافل
Наҳодӣ қадами шахс дар нори лоҳб
نهادی قدم شخص در نار لاهب
Мукаддар дар он Зангбори кудурат
مکدّر در آن زنگبار کدورت
Чу ойӣнаи зангёни наҷми соқиб
چو آیینهٔ زنگیان نجم ثاقب
Касофат дар он он қадари коФринш
کثافت در آن آنقدر کآفرینش
зи лутфи бадан чун парӣ буд ғоиб
ز لطف بدن چون پری بود غایب
Дар аввали қадам обила карда яксар
در اوّل قدم آبله کرده یکسر
зи душвории роҳ , пои кавокиб
ز دشواری راه، پای کواکب
Дарин шаби раҳе буд пешам ки гардун
درین شب رهی بود پیشم که گردون
Дар ифроту тафрити азу буд косиб
در افراط و تفریط ازو بود کاسب
Фурӯтар зи бухл ва фузунтар зи ҳиммат
فروتر ز بخل و فزونتر ز همّت
Нишебу фарозаш ба чандини маротиб
نشیب و فرازش به چندین مراتب
Фарозаш ба ҷое ки дар нимаи шаб
فرازش به جایی که در نیمهٔ شب
Ҳувайдо шудӣ субҳу шом аз ду ҷониб
هویدا شدی صبح و شام از دو جانب
Чунон кӯҳи гардуни шикваӣ ки будӣ
چنان کوه گردون شکوهی که بودی
Дарави чашмасор аз нуҷуми савоқиб
درو چشمهسار از نجوم ثواقب
Ба болои он кӯҳи андешаи Фрсо
به بالای آن کوه اندیشهفرسا
Фитодӣ ба рокиби зилоли мрокб
فتادی به راکب ظلال مراکب
Нишебаш ба ҳаддӣ ки қоруну кайвон
نشیبش به حدّی که قارون و کیوان
Намӯдӣ ба ҳам чун ду пайкари мқорб
نمودی به هم چون دو پیکر مقارب
Дар он сидгаҳ аз даду доми кӯтаҳ
در آن صیدگه از دد و دام کوته
Каманди балӣоти чархи мъоқб
کمند بلیّات چرخ معاقب
Нафири сроФил дар ваии зи пастӣ
نفیر سرافیل در وی ز پستی
Чу афсона аз баҳри хоби аронб
چو افسانه از بهر خواب ارانب
зи гармои он дӯзах бе гуноҳон
ز گرمای آن دوزخ بیگناهان
Сапанди савобати шррўори зоиб
سپند ثوابت شرروار ذایب
з бе обии чашмаи чашми ошиқ
ز بیآبی چشمهٔ چشم عاشق
Забон бар лаби афкандаи мижгони сокб
زبان بر لب افکنده مژگان ساکب
Ба ҳар гом бе дастёрии оташ
به هر گام بیدستیاریّ آتش
Шудӣ обилаи доғ дар пои зоҳб
شدی آبله داغ در پای ذاهب
Шудӣ об чун обила дар таҳи по
شدی آب چون آبله در ته پا
Ба рӯй замини мехи наъли мрокб
به روی زمین میخ نعل مراکب
Магар аз гдозндгии ташнагон ро
مگر از گدازندگی تشنگان را
Дамии об пайдо шудӣ дар мшорб
دمی آب پیدا شدی در مشارب
Дарин раҳ ки ҳар дами з бе эътидолӣ
درین ره که هر دم ز بیاعتدالی
Гирифтӣ сари роҳи зоҳб чу ноҳб
گرفتی سر راه ذاهب چو ناهب
Қазоро ба ман мураккабӣ буд ҳамраҳ
قضا را به من مرکبی بود همره
На мураккаб , ки маҷмӯъае аз маъоӣиб
نه مرکب، که مجموعهای از معایب
Чунон содиқи алоътқодӣ ки ҳар дам
چنان صادقالاعتقادی که هر دم
Фитодӣ ба сад ҳила дар пои соҳиб
فتادی به صد حیله در پای صاحب
Шудӣ мунҳасири тоъат ӯ ба саҷда
شدی منحصر طاعت او به سجده
Бадии фии алмислгар зи шайхони тоиб
بُدی فیالمثل گر ز شیخان تایب
з сустӣ фитодӣ ба рӯи ҳамчуи соя
ز سستی فتادی به رو همچو سایه
Бирав гар шудӣ нури хуршеди рокиб
برو گر شدی نور خورشید راکب
зи чашмон ӯ пардаи анкабутӣ
ز چشمان او پردهٔ عنکبوتی
Намоён чу аз ғор , байти ънокб
نمایان چو از غار، بیت عناکب
Қалам гар шудӣ фии алмисли дасту поиш
قلم گر شدی فیالمثل دست و پایش
Бимонадӣ зи ҳамроҳии дасти котиб
بماندی ز همراهی دست کاتب
Маро буд харсанги раҳ , то замонӣ
مرا بود خرسنگ ره، تا زمانی
Ки аз дарга субҳ бархест ҳоҷиб
که از درگه صبح برخاست حاجب
Таъолии аллоҳ аз субҳи давлат ки срзд
تعالیاللّه از صبح دولت که سرزد
Чу аз хотири пер , тадбири соиб
چو از خاطر پیر، تدبیر صایب
Азуи офтоби саодати фурӯзон
ازو آفتاب سعادت فروزان
Чу нури сабоҳ аз ҷабини атоиб
چو نور صباح از جبین اطایب
Ҳамаш пунба аз баҳри доғи кудурат
همش پنبه از بهر داغ کدورت
Ҳамаш марҳам аз баҳри захми нўоиб
همش مرهم از بهر زخم نوایب
Ҳаме кард ишорати калиди бишорат
همیکرد اشارت کلید بشارت
Ки инаст ганҷури ганҷи матолиб
که این است گنجور گنج مطالب
Шакуфтами азин мужда ва баргушодам
شکفتم ازین مژده و برگشادم
Чу гули дасти ҳоҷат ба даргоҳи воҷиб
چو گل دست حاجت به درگاه واجب
Ки ёрб ба ҷазби каманди муҳаббат
که یارب به جذب کمند محبّت
Ки матлӯб азон шуд талабкори толиб
که مطلوب ازان شد طلبکار طالب
Ба нози бутӣ каз тақозои хӯбӣ
به ناز بتی کز تقاضای خوبی
Ниҳони тобеъ ва ошкораст ъотб
نهان تابع و آشکار است عاتب
Ба хурсандии ошиқ аз завқи ваъда
به خرسندی عاشق از ذوق وعده
Чу шаби зиндаи дор аз дами субҳи козиб
چو شب زندهدار از دم صبح کاذب
Ба девонае каш ҳаминаст тоъат
به دیوانهای کش همین است طاعت
Ки озод бошад зи қайди мазоҳиб
که آزاد باشد ز قید مذاهب
Ба умедворӣ ки аз интизорӣ
به امّیدواری که از انتظاری
Ба душвориаш ҷон барояд зи қолаб
به دشواریاش جان برآید ز قالب
Ки берунамовар азин роҳи меҳнат
که بیرونم آور ازین راه محنت
Маро вораҳон зини каманди мсоиб
مرا وارهان زین کمند مصایب
Ҳанузам зи лшкргаҳ дил накарда
هنوزم ز لشکرگه دل نکرده
Сипоҳи дуои азми даргоҳи воҳб
سپاه دعا عزم درگاه واهب
Ки омад ба гӯшами хурӯши сурӯшӣ
که آمد به گوشم خروش سروشی
Ки эй мубталои бало аз ду ҷониб
که ای مبتلای بلا از دو جانب
Турои муждаи кон рӯз омад ки бинӣ
ترا مژده کان روز آمد که بینی
Рухи офтоби кавокиби мавокиб
رخ آفتاب کواکب مواکب
Саммии халили онкӣ аз файзи лутфаш
سمّی خلیل آنکه از فیض لطفش
Чакад оби ҳайвони зи неши ъқорб
چکد آب حیوان ز نیش عقارب
Занад дар дабистони ақлаш чу Тифлон
زند در دبستان عقلش چو طفلان
Дам аз содаи лавҳии сипеҳри млоъб
دم از سادهلوحی سپهر ملاعب
Ма нав шавадгар калиди итобаш ( кзо )
مه نو شود گر کلید عتابش (کذا)
Равад дар ҳиҷоби сиёҳӣ чу ҳоҷиб
رود در حجاب سیاهی چو حاجب
Ба сони камон дар камӣнгоҳи халқаш
بهسان کمان در کمینگاه خُلقش
Науфтад гиреҳ дар каманди ҳўоҷб
نیفتد گره در کمند حواجب
зи осоиши аҳд ӯ захми ханҷар
ز آسایش عهد او زخم خنجر
зи паҳлавӣ мазруб хандад ба зориб
ز پهلوی مضروب خندد به ضارب
Камандаш диҳад ҷазбаегар ба шабнам
کمندش دهد جذبهای گر به شبنم
Шавад меҳрро ҷониби хеши ҷозиб
شود مهر را جانب خویش جاذب
зи таъсии занҷири ҳифзаш , намояд
ز تاثیر زنجیر حفظش، نماید
Гиреҳ чун слосл ба зулфи кўоъб
گره چون سلاسل به زلف کواعب
Тавонад ба дасти хирад баргирафтан
تواند به دست خرد برگرفتن
. . . Авоили з рӯй авоқиб
... اوایل ز روی عواقب
Туе онкӣ дар мзби шахси қудрат
تویی آنکه در مذب شخص قدرت
Буд саҷдаи макрӯҳу миъроҷи воҷиб
بود سجده مکروه و معراج واجب
Напечад ба ҳам дар завоёии табъат
نپیچد به هم در زوایای طبعت
Чу аўтори хуршед , тори ънокб
چو اوتار خورشید، تار عناکب
Зрои ту шояд ки чун ахтар ояд
زرای تو شاید که چون اختر آید
Мтр дар назар аз замири сҳоиб
مطر در نظر از ضمیر سحایب
Шавад мӯ бар андом , доми уқубат
شود مو بر اندام، دام عقوبت
Чу хуршеди маҳшари шӯйгар мъотб
چو خورشید محشر شوی گر معاتب
Кунад бози ҷӯади ту сайди ҷаҳонӣ
کند باز جود تو صید جهانی
Ки чун меҳр дар ҳам наёрад мхолб
که چون مهر در هم نیارد مخالب
зи ағсон ба ҷои самари шуълаи резад
ز اغصان به جای ثمر شعله ریزد
Агар бенгарӣ сӯии гулзор , ғозб
اگر بنگری سوی گلزار، غاضب
Тавон гуфтани ойӣнаи дониш , чу гардад
توان گفتن آیینه دانش، چو گردد
Шароби замири турои муҳраи шорб
شراب ضمیر ترا مهره شارب
Фикандӣ чунон пардаи айби пӯшӣ
فکندی چنان پرده عیبپوشی
Ки имсоки пӯшади либоси мавоҳиб
که امساک پوشد لباس مواهب
Агар дастгирии зи қадар ту бинад
اگر دستگیری ز قدر تو بیند
Занад панҷа бар маи паланги муҳориб
زند پنجه بر مه پلنگ محارب
Битобад агар офтоби сахоят
بتابد اگر آفتاب سخایت
Шавад мавҷи дарё , сароби сбосб
شود موج دریا، سراب سباسب
Гаронии даройад ба гӯши мухотаб
گرانی درآید به گوش مخاطَب
Агар аз виқор ту гуяд мухотаб
اگر از وقار تو گوید مخاطب
зи анъому икроми пай дар паии ту
ز انعام و اکرام پیدرپی تو
Мавокиб Фромш кунад аз мавоҷиб
مواکب فرامش کند از مواجب
Хуши он дам ки дар маҷлисати ин ғазал ро
خوش آن دم که در مجلست این غزل را
Диҳад қавли мутриб улувва маротиб
دهد قول مطرب علوّ مراتب
Дарин хурдсолӣ набошад муносиб
درین خردسالی نباشد مناسب
Ки бошӣ ба ҳар номуносиби мусоҳиб
که باشی به هر نامناسب مصاحب
Дамӣ берақибон нае , вази муҳаббат
دمی بیرقیبان نهای، وز محبّت
Нахоҳам турои як дам аз дидаи ғоиб
نخواهم ترا یک دم از دیده غایب
Ту кам Лутфӣ ва ман дарин ғам ки душман
تو کم لطفی و من درین غم که دشمن
Шавад бар ман оҳистаи оҳистаи ғолиб
شود بر من آهسته آهسته غالب
Шавад то низои ману ғайри афзӯн
شود تا نزاع من و غیر افزون
Нигоҳаш риоят кунад ҳар ду ҷониб
نگاهش رعایت کند هر دو جانب
Дилаш ҷамъ гардӣда гуё зи маргам
دلش جمع گردیده گویا ز مرگم
Ки имрӯз бар куштанам нест роғиб
که امروز بر کشتنم نیست راغب
Маро мекашад ғайрати инки бо ман
مرا میکشد غیرت اینکه با من
Сухан гуяд ва бингарад бар ҷавониб
سخن گوید و بنگرد بر جوانب
зи бедод ӯ оқибат дод худ ро
ز بیداد او عاقبت داد خود را
Баради бандаи майлӣ ба даргоҳи соҳиб
برد بنده میلی به درگاه صاحب
Танами ошёни уқоби уқубат
تنم آشیان عقاب عقوبت
Дилами посбони матоъи мтоъб
دلم پاسبان متاع متاعب
Марои шоирии кору бекорам аммо
مرا شاعری کار و بیکارم امّا
Мадори маошам ба хешу ақорб
مدار معاشم به خویش و اقارب
Чаҳ хешу ақорб , ки дар буғзу кӣна
چه خویش و اقارب، که در بغض و کینه
Ба афъии мушобеҳ , ба ақраби мқорб
به افعی مشابه، به عقرب مقارب
Аз эшон чу аз бут прессатон шаҳодат
از ایشان چو از بتپرستان شهادت
Ду мисроъи мавзуни яке аз ағроиб
دو مصراع موزون یکی از اغرایب
зи нуқсони идроку ҷаҳли мураккаб
ز نقصان ادراک و جهل مرکّب
Чу ойӣнаи қалб , маъюбу ъоиб
چو آیینه قلب، معیوب و عایب
Ман аз кори худ хор дар пеши эшон
من از کار خود خوار در پیش ایشان
Чу бадноми ислом дар дайри роҳиб
چو بدنام اسلام در دیر راهب
з бе ҳослиҳои ин пеша , бар ман
ز بی حاصلیهای این پیشه، بر من
Забони ақорб чу неши ъқорб
زبان اقارب چو نیش عقارب
Азин фориғ алболӣам дар таъаҷҷуб
ازین فارغ البالیام در تعجّب
зи бахти ман алҳақ намӯд аз аҷоиб
ز بخت من الحق نمود از عجایب
Казон дӯзах ноумедӣ фитодам
کزان دوزخ ناامیدی فتادم
Ба базми ту , яъне биҳишти морб
به بزم تو، یعنی بهشت مآرب
Нисор ту кардам дар шоҳворӣ
نثار تو کردم دُر شاهواری
Ба овезаи гӯши гардуни муносиб
به آویزه گوش گردون مناسب
Саросар ба дебои алфози дилкаш
سراسر به دیبای الفاظ دلکش
Чу қади шавоҳиди хаёлоти соиб
چو قدّ شواهد خیالات صایب
Дарави ҳури байт аз ду мисроъи мавзун
درو حور بیت از دو مصراع موزون
Бар атрофи афкандаи мишкӣни зўоиб
بر اطراف افکنده مشکین ذوایب
Чаҳ байтӣ , ки ҳар кас даройад набинад
چه بیتی، که هر کس درآید نبیند
Чу ойӣнаи чин бар ҷабини ҳўоҷб
چو آیینه چین بر جبین حواجب
Ба дасту Аннан ва ба поу рикобат
به دست و عنان و به پا و رکابت
Ки ғайр аз санои ту баъд аз маноқиб
که غیر از ثنای تو بعد از مناقب
Мрото ба ғоят нигардида дар дил
مراتا به غایت نگردیده در دل
Чу васфи аъоҷм , чаҳ мадҳи аъорб
چو وصف اعاجم، چه مدح اعارب
Ба девон андешаам баъди азин ҳам
به دیوان اندیشهام بعد ازین هم
Ҷаноби туро бод ноёб , нойиб
جناب ترا باد نایاب، نایب
Ба ин шуғли бодои дуъогӯӣ , ансб
به این شغل بادا دعاگوی، انسب
Ки он ҳам буд мансабӣ аз маносиб
که آن هم بود منصبی از مناصب
Ало то шабу рӯз , хуршед бошад
الا تا شب و روز، خورشید باشد
ДроФоқи гуҳи шорқу гоҳи ғорб
درآفاق گه شارق و گاه غارب
Турои меҳр давлат барояд зи шарқӣ
ترا مهر دولت برآید ز شرقی
Ки ӯро набошад завол аз мғорб
که او را نباشد زوال از مغارب