Он гул ки рафту доғи ҷудоӣ ба ҷони ниҳод

آن گل که رفت و داغ جدایی به جان نهاد

Дунболаши оби дидаи сари андари ҷаҳони ниҳод

دنبالش آب دیده سر اندر جهان نهاد

Зоҳир ба мардумон макун эй ашки парда дар

ظاهر به مردمان مکن ای اشک پرده در

Рози ниҳон ки бо ту дилам дар миёни ниҳод

راز نهان که با تو دلم در میان نهاد

Дар ибтидои ишқ ки ҳангоми меҳр буд

در ابتدای عشق که هنگام مهر بود

Сад доғ бар дилами зи паии имтиҳони ниҳод

صد داغ بر دلم ز پی امتحان نهاد

Холи Рахш ки доғи дилами рости пардаи сӯз

خال رخش که داغ دلم راست پرده‌سوز

Ойӣна дар баробари доғи ниҳони ниҳод

آیینه در برابر داغ نهان نهاد

Дорад сароби ваъда ӯ ташнаи лаби басӣ

دارد سراب وعدهٔ او تشنه‌لب بسی

Лаби ташнаи марди онкӣ чу ман дил бар он ниҳод

لب‌تشنه مرد آنکه چو من دل بر آن نهاد

Дар зулф ӯ дил аз сабукӣ беқарор буд

در زلف او دل از سبکی بی‌قرار بود

Бар пой ӯ зи силсилаи банди гарони ниҳод

بر پای او ز سلسله بند گران نهاد

Ҳар захми новакӣ ки азон ғамзаи доштам

هر زخم ناوکی که ازان غمزه داشتم

Мижгон ӯ фатилаи зи нӯки синони ниҳод

مژگان او فتیله ز نوک سنان نهاد

Фарсӯдаи устихони танамро нишона кард

فرسوده استخوان تنم را نشانه کرد

Ҳар новаки бало ки қазо дар камони ниҳод

هر ناوک بلا که قضا در کمان نهاد

Дар худ надид чун дили бечораи тоби ҳиҷр

در خود ندید چون دل بیچاره تاب هجر

Ночори тан ба ҷаври ту номеҳрбони ниҳод

ناچار تن به جور تو نامهربان نهاد

Андешаи рухи ту ки осоиш дил аст

اندیشهٔ رخ تو که آسایش دل است

Дар рӯй зард , хосияти заъфарони ниҳод

در روی زرد، خاصیت زعفران نهاد

Кайфияти ғами ту ки ҷонро муфарраҳ аст

کیفیّت غم تو که جان را مفرّح است

Дар хӯни дили нишот май арғавони ниҳод

در خون دل نشاط می ارغوان نهاد

Ҳангоми марг , ваъда пурсидани туам

هنگام مرگ، وعدهٔ پرسیدن توام

Аз интизори силсила бар пои ҷони ниҳод

از انتظار سلسله بر پای جان نهاد

Хизри ғам ту шуд ба адами раҳнамӯни маро

خضر غم تو شد به عدم رهنمون مرا

Осони раҳе ба пеши ман нотавони ниҳод

آسان رهی به پیش من ناتوان نهاد

То бар забон наёварам озори дили азу

تا بر زبان نیاورم آزار دل ازو

Аввал ба ишваи банди маро бар забони ниҳод

اوّل به عشوه بند مرا بر زبان نهاد

Саргашта дар ту зи пои хешро фиканд

سرگشتهٔ در تو ز پا خویش را فکند

То сар ба ин баҳона бар он остони ниҳод

تا سر به این بهانه بر آن آستان نهاد

Кард аз нахусти ғарқа ба хӯн чун забони шамъ

کرد از نخست غرقه به خون چون زبان شمع

Даврони нўолаҳ эй ки маро дар даҳони ниҳод

دوران نواله‌ای که مرا در دهان نهاد

Даврон ки сӯхти риштаи ҷони маро чу шамъ

دوران که سوخت رشتهٔ جان مرا چو شمع

Гардан ба теғи довари гетии ситони ниҳод

گردن به تیغ داور گیتی‌ستان نهاد

Нўрнги хон , ягона дар дарҷи офтоб

نورنگ‌خان، یگانه دُر دُرج آفتاب

Кӯро ба офтоб , хиради тавъамони ниҳод

کو را به آفتاب،خرد توأمان نهاد

СидоФкнӣ ки аз тани фарсӯдаи аду

صیدافکنی که از تن فرسودهٔ عدو

Пеш эй новаки хеши устихони ниҳод

پیش همای ناوک خویش استخوان نهاد

Дасти сахоӣ ӯ ки мабодои ниёзманд

دست سخای او که مبادا نیازمند

Доғи ниёз бар дили дарёу кони ниҳод

داغ نیاز بر دل دریا و کان نهاد

Чашми ситора , гоҳи атоӣ ту ме парид

چشم ستاره، گاه عطای تو می‌پرید

Бар тарафи дида , барг ки аз каҳкашони ниҳод

بر طرف دیده، برگ که از کهکشان نهاد

Насар фалаки зи бими сар аз байза бар назд

نسر فلک ز بیم سر از بیضه بر نزد

Бар чархи бози қаҳри ту чун ошёни ниҳод

بر چرخ باز قهر تو چون آشیان نهاد

Оҳӯи зи адл ӯ сари роҳат ба хоби ноз

آهو ز عدل او سر راحت به خواب ناز

Дар хобгоҳи гуруснаи шери жёни ниҳод

در خوابگاه گرسنه شیر ژیان نهاد

эй онкӣ дар замон ту гардид устувор

ای آنکه در زمان تو گردید استوار

Дар адл ҳар асос ки Нӯшервони ниҳод

در عدل هر اساس که نوشیروان نهاد

Даркишварӣ ки адли ту по дармеона монад

درکشوری که عدل تو پا درمیانه ماند

Ҳар фитнае ки буд , қадам бар карони ниҳод

هر فتنه‌ای که بود، قدم بر کران نهاد

Пушти фалаки зи қомати бахти ту рост шуд

پشت فلک ز قامت بخت تو راست شد

Чун пер буд , даст ба дӯши ҷавони ниҳод

چون پیر بود، دست به دوش جوان نهاد

эй онкии ҳиммати ту ба домон нисор кард

ای آنکه همّت تو به دامان نثار کرد

Хуршед ҳар захира ки дар ҷайби кони ниҳод

خورشید هر ذخیره که در جیب کان نهاد

Дар арсаи нФоз , ба тақдири кирдигор

در عرصهٔ نفاذ، به تقدیر کردگار

Фармони нофизи ту Аннан бар Аннани ниҳод

فرمان نافذ تو عنان بر عنان نهاد

Шабдизи кибриёии ту аз қадар . . .

شبدیز کبریای تو از قدر ...

Ҷое ки сикка бар дирами ахтарони ниҳод

جایی که سکّه بر درم اختران نهاد

Дарё дило ! ба зоти карӣмӣ ки аз карам

دریا دلا! به ذات کریمی که از کرم

Дар ҷисми хок , ҷавҳари ҷони ройгони ниҳод

در جسم خاک، جوهر جان رایگان نهاد

Аз чашм эътибор фитодаш гуҳар чу ашк

از چشم اعتبار فتادش گهر چو اشک

Ҳар каси назар бар он кафи гўҳрФшони ниҳод

هر کس نظر بر آن کف گوهرفشان نهاد

Афлокро зи кибри замини сар наме наад

افلاک را ز کبر زمین سر نمی‌نهد

То сар ба пои бӯсии нўрнги хони ниҳод

تا سر به پای‌بوسی نورنگ‌خان نهاد

Дар рӯзгори давлати пояндаи ту , дил

در روزگار دولت پایندهٔ تو، دل

Шамъи саҳар ба зиндагии ҷовдони ниҳод

شمع سحر به زندگی جاودان نهاد

Дар гулшани ҳаёти ҳасуди ту ме тавон

در گلشن حیات حسود تو می‌توان

Бар нахли тоза , арраи зи оби равони ниҳод

بر نخل تازه، ارّه ز آب روان نهاد

Бар осмон на шакл ҳилоласт шомгаҳ

بر آسمان نه شکل هلال است شامگه

Каши номи моҳи нав , хиради хурдаи дони ниҳод

کش نام ماه نو، خرد خرده‌دان نهاد

Шоҳини хамидаи каффаи мизони чарх ро

شاهین خمیدهٔ کفّهٔ میزان چرخ را

Бар ваии зи бас ки ҳалами ту бори гарони ниҳод

بر وی ز بس که حلم تو بار گران نهاد

Қаҳри ту баҳри амну амон сӯхтан чу барқ

قهر تو بهر امن و امان سوختن چو برق

Оташ ба хону мони замину замони ниҳод

آتش به خان و مان زمین و زمان نهاد

Каси ҷузи малики зи давр ба ҳасрат назар накард

کس جز ملک ز دور به حسرت نظر نکرد

Ҷое ки мизбон навол ту хон ниҳод

جایی که میزبان نوال تو خوان نهاد

Қадари турои баннои макон аз улувваашон

قدر ترا بنای مکان از علوّشان

Баннои ваҳм бар зибри ломакони ниҳод

بنّای وهم بر زبر لامکان نهاد

Ҳифзи ту низ кард дарин кори иҳтимом

حفظ تو نیز کرد درین کار اهتمام

Бар ломакони вагарнаи банно чун тавон ниҳод ?

بر لامکان وگرنه بنا چون توان نهاد؟

То ақли паии барад ки тақозои рӯзгор

تا عقل پی برد که تقاضای روزگار

Тарҳи баҳору расми хазон дар ҷаҳони ниҳод

طرح بهار و رسم خزان در جهان نهاد

Хуш бош чун баҳор ки боғи ҳаёти хасм

خوش باش چون بهار که باغ حیات خصم

Аз бргризи ҳодисаи рӯ дар хазони ниҳод

از برگریز حادثه رو در خزان نهاد

Ҷовиди зӣ ки муддати умр ту шуд мадид

جاوید زی که مدّت عمر تو شد مدید

Чандон ки сар ба домани охири замони ниҳод

چندان‌که سر به دامن آخر زمان نهاد