Ид омаду салоӣ мехушгувор дод
عید آمد و صلای می خوشگوار داد
Наврӯз ҳам раседу навид баҳор дод
نوروز هم رسید و نوید بهار داد
Идии чунон хуҷаста ки аз баси муборакӣ
عیدی چنان خجسته که از بس مبارکی
Наврӯзро ба Ямани қудум эътибор дод
نوروز را به یمن قدوم اعتبار داد
Наврӯзии он чунон ба саодат ки ид ро
نوروزی آنچنان به سعادت که عید را
Ташрифи эътибори зи қурб ҷавор дод
تشریف اعتبار ز قرب جوار داد
Он аз ишорати хами абрӯии моҳи нав
آن از اشارت خم ابروی ماه نو
Муштоқро бишорати бӯс ва канор дод
مشتاق را بشارت بوس و کنار داد
Ин аз латофати нафаси исои баҳор
این از لطافت نفس عیسی بهار
Ҷонро ба тозагӣ ба тан рӯзгор дод
جان را به تازگی به تن روزگار داد
Онам зи дили кудурати айёми рӯзаи барад
آنم ز دل کدورت ایّام روزه برد
Инам ба хотири ин ғазал обдор дод
اینم به خاطر این غزل آبدار داد
Ҳарчанд бе ту дил ба сабурӣ қарор дод
هرچند بیتو دل به صبوری قرار داد
Боз омадӣ ва рафт зи дили он қарор дод
باز آمدیّ و رفت ز دل آن قرار داد
Бахти забун ки сохт маро аз ту ноумед
بخت زبون که ساخت مرا از تو ناامید
Баси инфеъолам аз дил умедвор дод
بس انفعالم از دل امّیدوار داد
Афғон ки сад суол маро дод як ҷавоб
افغان که صد سوال مرا داد یک جواب
Он ҳам зи бими ғайр , саросема вор дод
آن هم ز بیم غیر، سراسیمهوار داد
Аз бас ки дил дар оташи ишқи ту дар гирифт
از بس که دل در آتش عشق تو در گرفت
Хунобаи сиришк , нишон аз шарор дод
خونابهٔ سرشک، نشان از شرار داد
Шаҳбози ҷони шикори хаданги ту то расед
شهباز جان شکار خدنگ تو تا رسید
Баси муждаҳо ки марг ба ҷон шикор дод
بس مژدهها که مرگ به جان شکار داد
Аз сӯзи аҳли ишқ , ҳамоно хабар надошт
از سوز اهل عشق، همانا خبر نداشت
Бими онкӣ аз уқубати рӯз шумор дод
بیم آنکه از عقوبت روز شمار داد
Хаташ ки мзмраст дарави оби зиндагӣ
خطّش که مضمر است درو آب زندگی
Ёд аз ғубори раҳгузар шаҳриёр дод
یاد از غبار رهگذر شهریار داد
Яъне саммии бонии байти аллоҳ , онкӣ ӯ
یعنی سمیّ بانی بیتاللّه، آنکه او
Маро зи наъл , мураккаб ӯ гӯшвор дод
مه را ز نعل، مرکب او گوشوار داد
Дар рӯзгори ҳиммат ӯ , ҳасани пари фиреб
در روزگار همّت او، حسن پر فریب
Дар ваъдаи висол , киро интизор дод ?
در وعدهٔ وصال، که را انتظار داد؟
Ширӣ ки дар вақти ҳамлаи баҳрӣ ки гоҳи ҷӯад
شیری که در وقت حمله بحری که گاه جود
Садро яке шимурд ва якеро ҳазор дод
صد را یکی شمرد و یکی را هزار داد
Тарғиб соиласт муродаш , на иштиҳор
ترغیب سایل است مرادش، نه اشتهار
Зари ҳамчуи офтоб агар ошкор дод
زر همچو آفتاب اگر آشکار داد
Дандонаи калиди бақои чргаҳ калак ӯст
دندانهٔ کلید بقا چرگه کلک اوست
Ҳангоми кин , натиҷаи дандон мор дод
هنگام کین، نتیجه دندان مار داد
Длхстаҳи мухолифаташро дами Масеҳ
دلخستهٔ مخالفتش را دم مسیح
Осори заҳри мору дам зулфиқор дод
آثار زهر مار و دم ذوالفقار داد
Хуршеди ҳимматаш ба туҳидаст дод зар
خورشید همّتش به تهیدست داد زر
Зон беш коФтоб ба даст чанор дод
زان بیش کآفتاب به دست چنار داد
Чун рафъ тирагӣ кунад аз партави замир
چون رفع تیرگی کند از پرتو ضمیر
Айнаки тавон ба чашми сифед , аз ғубор дод
عینک توان به چشم سفید، از غبار داد
эй онкии ҳиммати ту ба абнои рӯзгор
ای آنکه همّت تو به ابنای روزگار
Чун офтоб , фоида беихтиёр дод
چون آفتاب، فایده بیاختیار داد
зи осоиши замони ту чашми нҳФтаҳ ро
ز آسایش زمان تو چشم نحفته را
Хуноби ишқ , хосият кӯкнор дод
خوناب عشق، خاصیت کوکنار داد
Аз теғ офтоб нтобед рӯ , магар
از تیغ آفتاب نتابید رو، مگر
Аҳди ту сояро қадам устувор дод ?
عهد تو سایه را قدم استوار داد؟
Сад раҳ ба дастёрии ҳифзи ту дасти адл
صد ره به دستیاری حفظ تو دست عدل
Аз оби ҳамчуи байза ба оташ ҳисор дод
از آب همچو بیضه به آتش حصار داد
Ҳар қолабӣ ки мояи зи хок дар ту ёфт
هر قالبی که مایه ز خاک در تو یافت
Ҷонро ба сад музоиқаи ташриф бор дод
جان را به صد مضایقه تشریف بار داد
Аз тундбоди ҳукми ту Албурзи кӯҳ ро
از تندباد حکم تو البرز کوه را
Битавон з рӯй об чу киштӣ гузор дод
بتوان ز روی آب چو کشتی گذار داد
Бо устувории қадами аҳди ту , тавон
با استواری قدم عهد تو، توان
Дар раҳгузари сайл , қарор ғубор дод
در رهگذر سیل، قرار غبار داد
Аз бе дареғи бахше ту каст карда буд
از بیدریغ بخشی تو کست کرده بود
Он зар ки офтоб ба даст чанор дод
آن زر که آفتاب به دست چنار داد
Ғайр аз шароби қаҳри ту , ҳаргизи кадом май
غیر از شراب قهر تو، هرگز کدام می
Михўораҳро дар аввали мастӣ хумор дод ?
میخواره را در اوّل مستی خمار داد؟
Дар арсае ки Рахш ту гардид бе қарор
در عرصهای که رخش تو گردید بیقرار
Худро фалак ба ғошияи дорӣ қарор дод
خود را فلک به غاشیهداری قرار داد
Зон оташи ҷаҳанда ки чун бурқаъ ломъ аст
زان آتش جهنده که چون برقع لامع است
Ҳар қатраи хуй ки ҷуст , нишон шарор дод
هر قطره خوی که جست، نشان شرار داد
Тӯфони оташии сет ки бар вай наме тавон
توفان آتشیست که بر وی نمیتوان
Аз бод , торёнаҳ ба даст савор дод
از باد، تاریانه به دست سوار داد
Бинои чунон , ки сӯии манозили зи роҳи давр
بینا چنان، که سوی منازل ز راه دور
Сайёраро суроғ ба шабҳои тор дод
سیّاره را سراغ به شبهای تار داد
Огаҳ ба ғоятӣ ки паии пой ӯ ба шаб
آگه به غایتی که پی پای او به شب
Ёд аз саводи дидаи шаби зинда дор дод
یاد از سواد دیدهٔ شب زندهدار داد
Рокиби азуи надидаи азобӣ ба ғайри азин
راکب ازو ندیده عذابی به غیر ازین
Каз баҳри ҳмрҳонши мудом интизор дод
کز بهر همرهانش مدام انتظار داد
Гоҳи гҳрФшонӣ ӯ , ршҳаҳи саҳоб
گاه گهرفشانی او، رشحهٔ سحاب
Ёд аз тарашшӯҳи арақ шармсор дод
یاد از ترشّح عرق شرمسار داد
Шоҳо , ба ҳиммати ту марои фикрати баланд
شاها، به همّت تو مرا فکرت بلند
Чун офтоб дар ҳамаи ҷо иштиҳор дод
چون آفتاب در همه جا اشتهار داد
Назмӣ дигар , куҷо шаканд гуфта маро ?
نظمی دگر، کجا شکند گفتهٔ مرا؟
Хрмҳраҳ , кӣ шикаст дар шоҳвор дод ?
خرمهره، کی شکست در شاهوار داد؟
Аз табъи дигарон матлаби назми обдор
از طبع دیگران مطلب نظم آبدار
Кӣ оби чашмасор , гуҳар чун баҳор дод ?
کی آب چشمهسار، گهر چون بحار داد؟
Андаки тавваҷуҳи ту , ки ёрб зиёдаи бод !
اندک توجّه تو، که یارب زیاده باد!
Дар рӯзгор , ин қадарам иштиҳор дод
در روزگار، این قدرم اشتهار داد
Гӯ бештар шавад дар назмам ки то ба ҳашар
گو بیشتر شود در نظمم که تا به حشر
Гӯши замонаро битавон гӯшвор дод
گوش زمانه را بتوان گوشوار داد
Майлии сад офарин ба ту коёмро ба нав
میلی صد آفرین به تو کایّام را به نو
Калаки ту бози назми хуш обдор дод
کلک تو باز نظم خوش آبدار داد
То аз русуму қоида , наврӯзу ид ро
تا از رسوم و قاعده، نوروز و عید را
Айём дар шҳўру синӣн эътибор дод
ایّام در شهور و سنین اعتبار داد
То он замон ки даҳри накӯёни аҳд ро
تا آن زمان که دهر نکویان عهد را
Бим аз газанди чашми бад рӯзгор дод
بیم از گزند چشم بد روزگار داد
Бодои бад аз ту давр , ки натавон ба сад забон
بادا بد از تو دور، که نتوان به صد زبان
Шарҳи никуии ту яке аз ҳазор дод
شرح نکویی تو یکی از هزار داد