Расед фитнагар ман ба кӣнаи тизоҳнг

رسید فتنه‌گر من به کینه تیزآهنگ

Чу фитна бар сари ғавғо , чу кӣна бар сари ҷанг

چو فتنه بر سر غوغا، چو کینه بر سر جنگ

Яке бурун натавон аз ҳазор ҷони бурдан

یکی برون نتوان از هزار جان بردن

Азон киришмаи ҷаллоду ғамзаи сарҳанг

ازان کرشمهٔ جلّاد و غمزهٔ سرهنگ

зи ҷоми ишқ , шароби умеду бими кашам

ز جام عشق، شراب امید و بیم کشم

Дарави магар ба ҳам омехтанд шаҳду шрнг

درو مگر به هم آمیختند شهد و شرنگ

Ба лаъли сангдилон ранг медиҳад ки кашад

به لعل سنگدلان رنگ می‌دهد که کشد

зи халқи кӣнаи дарин ранг , чрҳи пари найранг

ز خلق کینه درین رنگ، چرح پر نیرنگ

Ба як вафои барад аз хотирами ҳазор ҷафо

به یک وفا برد از خاطرم هزار جفا

Ба ним сулҳ , кунад узрхоҳии сад ҷанг

به نیم صلح، کند عذرخواهی صد جنگ

зи рӯзи васли маро то шаби фироқ чаҳ фарқ

ز روز وصل مرا تا شب فراق چه فرق

Ки ман зи бим ба сӯй ту нанигарам , ту зи нанг

که من ز بیم به سوی تو ننگرم، تو ز ننگ

Чу лолаи дасти баровардаи куштаи ту зи хок

چو لاله دست برآورده کشتهٔ تو ز خاک

Ки домани ту дарин ранг оварад дар чанг

که دامن تو درین رنگ آورد در چنگ

Марои тамоми шаб аз изтироби хоби набард

مرا تمام شب از اضطراب خواب نبرد

Ки чун сабоҳ шавад , бо кадоми рию ва чаҳ ранг ,

که چون صباح شود، با کدام ریو و چه رنگ،

зи баҳри таҳният ид оварадам ба канор

ز بهر تهنیت عید آوردم به کنار

Туро , чунонкии сулаймони вақтро , авранг

ترا، چنانکه سلیمان وقت را، اورنگ

Зафари паноҳи Сикандари сипоҳ , хони Аҳмад

ظفر پناه سکندر سپاه، خان احمد

Ки баради ҳайбат ӯ ҳуш аз сари Ҳушанг

که برد هیبت او هوش از سر هوشنگ

Нишони хотами ҷоҳаш буд , агар ба мисл

نشان خاتم جاهش بود، اگر به مثل

Шавад сифедии чини ҷамъ бо сиёҳии занг

شود سفیدی چین جمع با سیاهی زنگ

зи оби баҳри замири мунир ӯ шояд

ز آب بحر ضمیر منیر او شاید

Ки акси меҳри намояди касиф чун харчанг

که عکس مهر نماید کثیف چون خرچنگ

зи иштиёқи ваии оғӯш боз карда зи давр

ز اشتیاق وی آغوش باز کرده ز دور

Ба аҳд ӯ чу ба шоҳини фитодаи чашми куланг

به عهد او چو به شاهین فتاده چشم کلنگ

зи адл ӯ ба каси озор нштрӣ нарасед

ز عدل او به کس آزار نشتری نرسید

Ҷуз онкӣ нашутур мизроб хӯрд бар раги чанг

جز آنکه نشتر مضراب خورد بر رگ چنگ

Зиҳии виқори ту афкандаи он чунон лангар

زهی وقار تو افکنده آن‌چنان لنگر

Ки кӯҳро нарасад лофи сангу даъвии ҳонг

که کوه را نرسد لاف سنگ و دعوی هنگ

Ба дидаи рои тугар равшанӣ диҳад , шаби тор

به دیده رای تو گر روشنی دهد، شب تار

Чу шуъла дар назар ояд парии зи сад фарсанг

چو شعله در نظر آید پری ز صد فرسنگ

Ба ҷанби қадари ту гардун намӯд чандон паст

به جنب قدر تو گردون نمود چندان پست

Ки дасти сӯии гиребони моҳи баради паланг

که دست سوی گریبان ماه برد پلنگ

зи шавқ онкӣ бабўсад сами саманди туро

ز شوق آنکه ببوسد سم سمند ترا

Сазад ки лаъл чу оташи буруни ҷаҳд аз санг

سزد که لعل چو آتش برون جهد از سنگ

зи авҷи қадар ту ояд саводи ҳафт иқлӣм

ز اوج قدر تو آید سواد هفت اقلیم

Чунон ба чашм , ки дар оби акси ҳафт авранг

چنان به چشم، که در آب عکس هفت‌اورنگ

Хаёли рои ту чун меҳр оварад ба замир

خیال رای تو چون مهر آورد به ضمیر

Шавад ҳар ойӣна , ойӣнаи ниҳон дар занг

شود هر آیینه، آیینهٔ نهان در زنگ

Чу рӯзи кини зи ясору ямин бар амну амон

چو روز کین ز یسار و یمین بر امن و امان

Шавад замину замони танг аз ғариву ғрнг

شود زمین و زمان تنگ از غریو و غرنگ

зи бонги кӯсу хурӯши нафиру нола ноӣ

ز بانگ کوس و خروش نفیر و نالهٔ نای

Ҳазор ҷои бадаради тоси осмон чун занг

هزار جا بدرد طاس آسمان چون زنگ

Шавад зи кӣна дар он мавҷи фитнаи ҳамчуи сипар

شود ز کینه در آن موج فتنه همچو سپر

Ҷабини оинаи сари илми пар аз ожанг

جبین آینهٔ سر علم پر از آژنگ

зи мастӣ май кини ҳамчуи лашкари шатранҷ

ز مستی می کین همچو لشکر شطرنج

Муборизони ҳама дар ҷанг ва бехабар аз ҷанг

مبارزان همه در جنگ و بی‌خبر از جنگ

зи бас ки гурзи гаронсанги бишиканади сару тан

ز بس که گرز گرانسنگ بشکند سر و تن

Наёбад аз паии қӯти устихон эй хаданг

نیابد از پی قوت استخوان همای خدنگ

Чу тори сбҳаҳи зи сад дил гузар кунад як тир

چو تار سبحه ز صد دل گذر کند یک تیر

зи ҳамла ту шавад бас ки ҷо бар аъдоди танг

ز حملهٔ تو شود بس که جا بر اعداد تنگ

Табораки аллоҳ азон бодпои барқи Аннан

تبارک‌اللّه ازان بادپای برق‌عنان

Ки пои пайк хаёласт дар анонаши ланг

که پای پیک خیال است در عنانش لنگ

Чу офтоб сазад гар шавад сариъи уссайр

چو آفتاب سزد گر شود سریع‌السّیر

Нишонаи сами он бодпо ба рӯй алнг

نشانهٔ سم آن بادپا به روی النگ

Чу бо кулоҳи зарандуду теғ хӯн олуд

چو با کلاه زراندود و تیغ خون‌آلود

Ба пўиаҳ гарм кунӣ офтоби ранги крнг

به پویه گرم کنی آفتاب رنگ کرنگ

Ба пушт ӯ натавонад гирифт зини худ ро

به پشت او نتواند گرفت زین خود را

Ба ҳар ду дастгараш дар бағал нагирад танг

به هر دو دست گرش در بغل نگیرد تنگ

Чу меҳр тай кунад ин паҳни дашт дар як рӯз

چو مهر طی کند این پهن‌دشت در یک روز

Агар ба раҳ накунад зи интизори сояи диранг

اگر به ره نکند ز انتظار سایه درنگ

Аё ба базми ҷалоли ту осмони помол

ایا به بزم جلال تو آسمان پامال

зи нағмаҳои мухолиф чу чанг бе оҳанг

ز نغمه‌های مخالف چو چنگ بی‌آهنگ

Ба азми базми камоли ту каш завол мабод

به عزم بزم کمال تو کش زوال مباد

Ки ҳаст маҷмаъи арбоби донишу фарҳанг

که هست مجمع ارباب دانش و فرهنگ

Ба хоки пои ту каз бихўдии зи чандини роҳ

به خاک پای تو کز بیخودی ز چندین راه

Ки бӯда манзилу фарсанг дар ҳам харсанг

که بوده منزل و فرسنگ در هم خرسنگ

Ба як ишораи олӣ гушӯдаам пару бол

به یک اشارهٔ عالی گشوده‌ام پر و بال

Ба як паём забонӣ намӯдаам оҳанг

به یک پیام زبانی نموده‌ام آهنگ

Ки оҷизаст замир аз тахайюли манзил

که عاجز است ضمیر از تخیّل منزل

Ки қосираст забон аз шумораи фарсанг

که قاصر است زبان از شمارهٔ فرسنگ

Ғарази итоати амри ту буд зини ҳамаи роҳ

غرض اطاعت امر تو بود زین همه راه

Набӯд варна марои дили зи малики хеш ба танг

نبود ورنه مرا دل ز ملک خویش به تنگ

Бабанд майлии азинҳои забон ки вақт дуост

ببند میلی ازینها زبان که وقت دعاست

Барор даст ва ба домони муддаои зани чанг

برآر دست و به دامان مدعّا زن چنگ

Ҳамеша то зи сурайёи дарин чаман бошад

همیشه تا ز ثریّا درین چمن باشد

Ба ранги нахли самардор , чархи минорнг

به رنگ نخل ثمردار، چرخ مینارنگ

Ба шакли хӯшаи ангури баста бар сари ҳам

به شکل خوشهٔ انگور بسته بر سر هم

зи дори қаҳри ту сарҳои душманони оўнг

ز دار قهر تو سرهای دشمنان آونگ