Шаби шавқи базм ӯ раги ҷонами гирифта буд
شب شوق بزم او رگ جانم گرفته بود
Бо онкии дасти рашк , Аннанами гирифта буд
با آنکه دست رشک، عنانم گرفته بود
Озори байн ки сад гила кардам ба пеши ёр
آزار بین که صد گله کردم به پیش یار
Бо онкии зи изтироб , забонами гирифта буд
با آنکه ز اضطراب، زبانم گرفته بود
Аз базми васл , роҳ бурун шуд наёфтам
از بزم وصل، راه برون شد نیافتم
Аз бас ки орзӯ ба миёнами гирифта буд
از بس که آرزو به میانم گرفته بود
Май хостам ки ҷон барам аз сайдгоҳи ишқ
میخواستم که جان برم از صیدگاه عشق
Сайёди ҳиҷр , роҳи амонами гирифта буд
صیّاد هجر، راه امانم گرفته بود
Майлии зи ҷони супурданам огаҳ нашуд касе
میلی ز جان سپردنم آگه نشد کسی
Аз бас ки заъфи роҳи фиғонами гирифта буд
از بس که ضعف راه فغانم گرفته بود