Дӯш азон шуъла ки дар ҷони ман сӯхта буд

دوش ازان شعله که در جان من سوخته بود

Чун гули ойӣна рӯй ту барафрӯхта буд

چون گل آیینه روی تو برافروخته بود

Буд ҳайрати сабаби он ки дилам бо ҳамаи шарм

بود حیرت سبب آن که دلم با همه شرم

Беҳиҷобона ба рӯй ту назари дӯхта буд

بی حجابانه به روی تو نظر دوخته بود

Ёди он шаб ки дилами пеши ту май рехти бурун

یاد آن شب که دلم پیش تو می‌ریخت برون

Аз ту ҳар шиква ки бар рӯй ҳам андӯхта буд

از تو هر شکوه که بر روی هم اندوخته بود

Ёди боди онкии дилам буд ба дасти ту азиз

یاد باد آنکه دلم بود به دست تو عزیز

Тифл будӣу турои мурғ нав омӯхта буд

طفل بودیّ و ترا مرغ نو‌آموخته بود

Мурғро ончии з ҳар рӯз штобонтр дошт

مرغ را آنچه ز هر روز شتابانتر داشت

Асари номаи шавқи ман длсўхтаҳ буд

اثر نامه شوق من دلسوخته بود

Ёди рӯзӣ ки дили майлии сўдоздаҳ , дошт

یاد روزی که دل میلی سودازده، داشت

Ним ҷонӣ ки ба савдоӣ ту нафурӯхта буд

نیم جانی که به سودای تو نفروخته بود