эй мурғи дилами фохтаи сарви баландат
ای مرغ دلم فاخته سرو بلندت
Зулфи ту каманду дили ман сайди камандат
زلف تو کمند و دل من صید کمندت
Бар ман ки туро сайд забунам накашӣ теғ
بر من که تو را صید زبونم نکشی تیغ
Озурдаи дилам аз дили душвори писандат
آزرده دلم از دل دشوار پسندت
То чашми бади ғайр , газандат нарасонад
تا چشم بد غیر، گزندت نرساند
Холи рухи хубон дигар боди сапандат
خال رخ خوبان دگر باد سپندت
Бар ҷону дилами ғамзау зулф ту гувоҳанд
بر جان و دلم غمزه و زلف تو گواهند
Кин кушта теғат шуд ва он бастаи бандат
کاین کشته تیغت شد و آن بسته بندت
Зинҳор дило домани хубони мада аз даст
زنهار دلا دامن خوبان مده از دست
Ҳарчанд ки ин тайифа аз пой фикандат
هرچند که این طایفه از پای فکندت
Носеҳи зи фусуни ту ҷунунам шудаи афзӯн
ناصح ز فسون تو جنونم شده افزون
Сад шукр ки бесуд набӯд ин ҳамаи пандат
صد شکر که بیسود نبود این همه پندت
Майлии ту ба сад банд ба ислоҳи ниёе
میلی تو به صد بند به اصلاح نیایی
Рафт онкӣ дигар панд буд фоидаи мандат
رفت آنکه دگر پند بود فایدهمندت