Он ғамза дар сафи мижа хашмгин нишаст
آن غمزه در صف مژهٔ خشمگین نشست
Чун шаҳнае ки бар сари бозор кин нишаст
چون شحنهای که بر سر بازار کین نشست
Созад баҳонаи шарм ва набинад ба сӯии ман
سازد بهانه شرم و نبیند به سوی من
Ҳарҷо рақиби паҳлавии он нозанин нишаст
هرجا رقیب پهلوی آن نازنین نشست
Сад хоргар ба по биншинад чу гирди бод
صد خار گر به پا بنشیند چو گرد باد
Дар водӣ талаб натавон бар замин нишаст
در وادی طلب نتوان بر زمین نشست
Шаб то ба рӯз , ғайр ба базмаш нигоҳ дошт
شب تا به روز، غیر به بزمش نگاه داشت
Шухӣ ки дар баробари ман хашмгин нишаст
شوخی که در برابر من خشمگین نشست
Аз шавқи лаъли ёр , ба гирдоби орзӯ
از شوق لعل یار، به گرداب آرزو
Майлии хӯни гирифта ба ранг нигин нишаст
میلیّ خون گرفته به رنگ نگین نشست