Шайх гуфт имшаби абрҳим хондааст :
شیخ گفت امشب ابرهیم خوانده است:
Ман будам ва ӯ ваов ва ман инат хушӣ
من بودم و او واو و من اینت خوشی
Ин чунин се чаҳор тан буд чунин бояд гуфт :
این چنین سه چهار تن بود چنین باید گفت:
Ман будам ва ӯ ваов ва ӯ инат хушӣ .
من بودم و او واو و او اینت خوشی.
Шеър :
شعر:
Хоҳӣ кӣ касе шӯй з ҳастӣ кам кун
خواهی کی کسی شوی ز هستی کم کن
Нохӯрдаи шароби васли мастӣ кам кун
ناخورده شراب وصل مستی کم کن
Бо зулф батон дарози дастӣ кам кун
با زلف بتان دراز دستی کم کن
Бутро чаҳ гунаҳи ту бути парастӣ кам кун
بت را چه گنه تو بت پرستی کم کن
байт
بیت
Гирифт хоҳам зулфин анбарин туро
گرفت خواهم زلفین عنبرین ترا
Ба бӯса нақш кунам барги ёсамини туро
به بوسه نقش کنم برگ یاسمین ترا
Ҳар он замин ки ту икраҳ бирав қадами бунаӣ
هر آن زمین که تو یکره برو قدم بنهی
Ҳазор саҷда барам хоки он замини туро
هزار سجده برم خاک آن زمین ترا
Ҳазор бӯсаи даҳум бар схоءи номаи ту
هزار بوسه دهم بر سخاء نامۀ تو
Агар бубинам бар меҳр ӯ нигини туро
اگر ببینم بر مُهرِ او نگین ترا
Ба теғи ҳиндии гӯи дасти ман ҷудои бикунанд
به تیغ هندی گو دست من جدا بکنند
Агар бигирам рӯзии ман остини туро
اگر بگیرم روزی من آستین ترا
Вгрчаҳи хомаши мардум ки шеър бояд гуфт
وگرچه خامُش مردم که شعر باید گفت
Забон ман биравӣ гардад офарини туро
زبان من بروی گردد آفرین ترا
байт
بیت
То рӯй туро бидидам эй шамъи тароз
تا روی ترا بدیدم ای شمع طراز
Не кор кунам на рӯза дорам на намоз
نی کار کنم نه روزه دارم نه نماز
Чун боту буми муҷози ман ҷумлаи намоз
چون باتو بوم مجاز من جمله نماز
Чун бе ту буми намози ман ҷумлаи муҷоз
چون بیتو بوم نماز من جمله مجاز
шеър
شعر
Тқнъи болкФоФи тъши рхоء
تقنع بالکفاف تعش رخاءً
Влотбғи алФзўли маъаи алкФоФ
ولاتبغ الفضول مع الکفاف
ФФии хбзи алқФори бғири أдм
ففی خبز القفار بغیر أدم
Ва фии моءи алқроҳи ғанӣу коф
و فی ماء القراح غنی و کاف
Вкли тизин болмрءи зин
وکل تزین بالمرء زین
Возинаҳи алтҷмли болъФоФ
وازینه التجمل بالعفاف
байт
بیت
Воҳббти авлоди алиҳўди босарҳам
واحببت اولاد الیهود باَسرِهِم
Лоҷлк ҳатто кодати ани атҳўдо
لاجلک حتی کدتُ ان اَتهوّدا
Аслии Фأзўии қблтии мтъмдо
اصلی فأزوی قبلتی متعمدا
Лқблткми Фошҳди слотии лтшҳдо
لقبلتکم فاشهد صلاتی لتشهدا
Ваоне лоҳдии фии слотии бҳбкм
وانی لاهدی فی صلاتی بحبکم
Бтўриаҳи Мӯсои сами фарқони аҳмдо
بتوریة موسی ثم فرقان احمدا
Влўлои мақоли алкошҳину бғзҳм
ولولا مقال الکاشحین و بغضهم
Лъбдти явми алсбти Фимни тъбдо
لعبدت یوم السبت فیمن تعبدا
Ва кони духули алнори фии алҳби ҳино
و کان دخول النار فی الحب هینا
Азокони ман нҳўоаҳи фии алҳби мсъдо
اذاکان من نهواه فی الحب مسعدا