Сурӯши ғайби дӯшами нуктаеро гуфт дар гӯшам

سروش غیب دوشم نکته‌ای را گفت در گوشم

Ки то субҳи қиёмати баради тоб аз дили зи сари ҳушам

که تا صبح قیامت برد تاب از دل ز سر هوشم

Мноз эй соқии маҷлис ба нўшонўши пай дар пай

مناز ای ساقی مجلس به نوشانوش پی در پی

Ки ман аз соғари абрӯии шоҳиди бода май нӯшам

که من از ساغر ابروی شاهد باده می‌نوشم

Зулоли чашмаи ҳайвони туро эй Хизри арзонӣ

زلال چشمۀ حیوان ترا ای خضر ارزانی

Ки ман зон лаъл мегаван зиндаи сарчашмаи нӯшам

که من زان لعل میگون زندۀ سرچشمۀ نوشم

Шароби ишқи шурӣ дар серуми афкандае ширин

شراب عشق شوری در سرم افکنده‌ای شیرین

Ки чун Фарҳоди талхиҳои даврон шуд фаромӯшам

که چون فرهاد تلخی‌های دوران شد فراموشم

Аҷаб набӯдгар аз маъмураи ҳасани ту вайронам

عجب نبود گر از معمورۀ حسن تو ویرانم

зи минои ту сармастами зи синои ту мадҳушам

ز مینای تو سرمستم ز سینای تو مدهوشم

Буд бори гаронии сари зи савдои ту эй сарвар

بود بار گرانی سر ز سودای تو ای سرور

Ба қурбони сарат гирдам бигир ин бор аз дӯшам

به قربان سرت گردم بگیر این بار از دوشم

Манам дстонсрои гулшани ваҳдат ба сад алҳон

منم دستانسرای گلشن وحدت به صد الحان

Валикини ишваҳои шоҳид гул карда хомӯшам

ولیکن عشوه‌های شاهد گل کرده خاموشم

Ҳазорон нуктаи борӣктар аз мӯӣ май байнам

هزاران نکتهٔ باریک‌تر از موی می‌بینم

Дар он мӯии миён , лекини зи бими фитна май пӯшам

در آن موی میان، لیکن ز بیم فتنه می‌پوشم

Гушоиш гарчи дар кӯшиш буд эй орифи солик

گشایش گرچه در کوشش بود ای عارف سالک

Ман ин раҳро наме пўим дар ин маънӣ наме кӯшам

من این ره را نمی‌پویم در این معنی نمی‌کوشم

Қимори ишқ май бозам ба ёди дӯст май нозам

قمار عشق می‌بازم به یاد دوست می‌نازم

Хушо рӯзӣ ки байнами он длороро дар оғӯшам

خوشا روزی که بینم آن دلارا را در آغوشم

Ба гардан мерасад ҷӯшу хурӯши мФтқри оре

به گردن می‌رسد جوش و خروش مفتقر آری

Ки чун не май хурӯшами гоҳ чун май гоҳ май ҷӯшам

که چون نی می‌خروشم گاه چون می گاه می‌جوشم