зи иқлӣми ҳақиқат то табиати рахт бар бастам

ز اقلیم حقیقت تا طبیعت رخت بر بستم

Чунон саргаштагӣ дидам ки гум шуд ришта аз дастам

چنان سرگشتگی دیدم که گم شد رشته از دستم

Ба зиндони тану банди зану фарзанди афтодам

به زندان تن و بند زن و فرزند افتادم

Ба оромии нхФтми шаб , ба рӯзи осӯдаи нншстм

به آرامی نخفتم شب، به روز آسوده ننشستم

Шудам овора аз гулзори ваҳдат бо дилии пари хӯн

شدم آواره از گلزار وحدت با دلی پر خون

Чаҳ гӯям аз ки бигусастам надонам бо ки пайвастам

چه گویم از که بگسستم ندانم با که پیوستم

На ҳушёрам ки ёбам баҳрае аз суҳбати ширин

نه هشیارم که یابم بهره ای از صحبت شیرین

На аз шӯри шароби ишқ , Лайлои азали мастам

نه از شور شراب عشق، لیلای ازل مستم

Манам тӯтӣ ва бо зоғу заған дар як қафас рафтам

منم طوطی و با زاغ و زغن در یک قفس رفتم

Манам дастони валикин бо ғроби албини ҳамдастам

منم دستان ولیکن با غراب البین همدستم

эй арш паймо будам ва аз толеъи ворун

همای عرش پیما بودم و از طالع وارون

Кунун ҳамрози бози оз дар ин манзили пастам

کنون همراز باز آز در این منزل پستم

Нигорогар пару боли марои хстӣ ва бишикастӣ

نگارا گر پر و بال مرا خستیّ و بشکستی

Вале аҳди маваддатро ман бишкаста нишкастам

ولی عهد مودت را من بشکسته نشکستم

Чаҳ дарёӣ ғамат дидам видоъи ҷисм ва ҷон гуфтам

چه دریای غمت دیدم وداع جسم و جان گفتم

Чаҳ ҷӯёии лабати гаштами зи ҷӯии зиндагии ҷустам

چه جویای لبت گشتم ز جوی زندگی جستم

Нигорои мФтқрро нест кун чндонкаҳ битавонӣ

نگارا مفتقر را نیست کن چندانکه بتوانی

Ба ҷурми онкии пиндорад ки ман бо ҳастят ҳастам

به جرم آنکه پندارد که من با هستیت هستم