Ки барад ба кӯии Лайлии зи вафои паёми маҷнӯн

که برد به کوی لیلی ز وفا پیام مجنون

Ки басӣ нарафт ва аз ёд ту рафт номи маҷнӯн

که بسی نرفت و از یاد تو رفت نام مجنون

Бсломт эй сабо гар барисӣ бкўии слмӣ

بسلامت ای صبا گر برسی بکوی سلمی

Бдўсд ниёзмандӣ бирасон саломи маҷнӯн

بدوصد نیازمندی برسان سلام مجنون

зи ҳадиси орзӯмандӣ мо бигӯ ки шояд

ز حدیث آرزومندی ما بگو که شاید

Бнўозшӣу нозии бидиҳанди коми маҷнӯн

بنوازشی و نازی بدهند کام مجنون

зи дирам дар онгорои ту чаҳ меҳри олами оро

ز درم در آنگارا تو چه مهر عالم آرا

Ки нтобад аз фалак чун ту ббоми маҷнӯн

که نتابد از فلک چون تو ببام مجنون

Шаби ҳиҷри тира чун рӯз қиёматаст лекин

شب هجر تیره چون روز قیامت است لیکن

Ба умеди субҳ рӯй ту гузашти шоми маҷнӯн

به امید صبح روی تو گذشت شام مجنون

Ҳамаи орифони зи паймонаи бодаи ту сари хуш

همه عارفان ز پیمانۀ بادۀ تو سر خوش

з чаҳ рехтанд хунобаи ғам ба ҷоми маҷнӯн

ز چه ریختند خونابۀ غم به جام مجنون

Кунам аз шикоят аз тарки анояти ту шояд

کنم از شکایت از ترک عنایت تو شاید

Накунад асар дар арбоби назари каломи маҷнӯн

نکند اثر در ارباب نظر کلام مجنون

Нахӯрам фиреби зоҳид ки кунад зи ишқи манъам

نخورم فریب زاهد که کند ز عشق منعم

Бхдо ки ҳеҷ оқил нафитад бдоми маҷнӯн

بخدا که هیچ عاقل نفتد بدام مجنون

з чаҳ эй ғизоли раънои ту з мФтқр рамедӣ

ز چه ای غزال رعنا تو ز مفتقر رمیدی

Магари оҳӯон саҳро нашуданд роми маҷнӯн ?

مگر آهوان صحرا نشدند رام مجنون؟