Ёри ончии бсинаҳ сино кард
یار آنچه بسینۀ سینا کرد
Бо ин дили сӯхта мо кард
با این دل سوختۀ ما کرد
Қурбони фурӯғи Рахш ки маро
قربان فروغ رخش که مرا
Нобӯд чаҳ тавр таҷаллӣ кард
نابود چه طور تجلی کرد
Сайлоби ғамаш аз чашмаи дил
سیلاب غمش از چشمۀ دل
Ашк мижаамро дарё кард
اشک مژه ام را دریا کرد
Бар захм дилам ифшоанд намак
بر زخم دلم افشاند نمک
Шарарии бмлоҳт барпо кард
شرری بملاحت برپا کرد
Гар баради тўоноӣии зи танам
گر برد توانائی ز تنم
Дилро сад бора тавоно кард
دل را صد باره توانا کرد
Аз ишқи марои зи хзизи срӣ
از عشق مرا ز خضیض ثری
Бартар аз авҷ сурайё кард
برتر از اوج ثریا کرد
Сад шукр ки тӯтии табъи маро
صد شکر که طوطی طبع مرا
Аз нағмаи ишқ шкрхо кард
از نغمۀ عشق شکرخا کرد
Он суд ки мФтқр аз ту намӯд
آن سود که مفتقر از تو نمود
Ҷонро бо ҷонон савдо кард
جان را با جانان سودا کرد