Он ёри лолаи рӯгар моро наме навозад
آن یار لاله رو گر ما را نمی نوازد
Саҳласт , аз чаҳ моро чун шамъ май гудозад
سهلست، از چه ما را چون شمع می گدازد
Дил об шуд зи ҳиҷраши дигар чисон бисӯзад
دل آب شد ز هجرش دیگر چسان بسوزد
Умеди васл ӯ нест то бо ғамаш бисозад
امید وصل او نیست تا با غمش بسازد
Умрӣаст дар ниёзам дар пои сарви нозам
عمریست در نیازم در پای سرو نازم
То кӣ ниёзи орм то чанд ӯ бинозад
تا کی نیاز آرم تا چند او بنازد
Ғайр аз ниёзмандӣ аз бандон нишоед
غیر از نیازمندی از بندان نشاید
Ҷонои ту нозанинии ноз аз ту май брозд
جانا تو نازنینی ناز از تو می برازد
эй якка тоз майдон дар арсаи малоҳат
ای یکه تاز میدان در عرصۀ ملاحت
Оҳиста то ки ъоши ҷон дар раҳат бибозад
آهسته تا که عاش جان در رهت ببازد
Тарсами зи гирди роҳати ҳам каси нишони наёбад
ترسم ز گرد راهت هم کس نشان نیابد
Вар чун саманди гардуни андар пят битозад
ور چون سمند گردون اندر پیت بتازد
Гар мФтқр диҳад ҷон дар пои нозанинат
گر مفتقر دهد جان در پای نازنینت
Сар то ба авҷи кайвон аз шавқ бар фарозад
سر تا به اوج کیوان از شوق بر فرازد